अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस से एक दिन पहले शनिवार को उज्जैन के रामघाट पर मां शिप्रा तैराक दल के नन्हें तैराकों ने शिप्रा नदी में जल योग किया। बारिश के बावजूद बच्चों ने उत्साह और संतुलन का प्रदर्शन करते हुए योगासन, योग पिरामिड और विभिन्न आकृतियां बनाईं, जिसने सभी का ध्यान आकर्षित किया। उज्जैन के रामघाट स्थित शिप्रा नदी में मां शिप्रा तैराक दल ने यह अनूठा आयोजन किया। सुबह से खराब मौसम और रुक-रुक कर हो रही बारिश के बावजूद नन्हे तैराकों का उत्साह बरकरार रहा। उन्होंने शिप्रा की लहरों पर संतुलन साधते हुए जल योग की प्रस्तुतियां दीं। तैराकी सीख रहे इन बच्चों ने पानी में योगासन, अनुलोम-विलोम, ब्रीदिंग एक्सरसाइज और योग पिरामिड का प्रदर्शन किया। उन्होंने शिप्रा नदी में विभिन्न आकर्षक आकृतियां भी बनाईं, जो योग और तैराकी का अद्भुत संगम थीं। बारिश के बीच बच्चों ने किया योग संस्था के सचिव और कोच संतोष सोलंकी ने बताया कि मां शिप्रा तैराक दल कई वर्षों से अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर जल योग का आयोजन कर रहा है। उनका उद्देश्य हर साल कुछ नया और प्रेरणादायक प्रस्तुत करना होता है। उन्होंने कहा कि इस बार नन्हे बच्चों ने बारिश के बीच अपने जोश, आत्मविश्वास और अनुशासन का परिचय दिया। महिला प्रशिक्षक सपना माली के मार्गदर्शन में वैष्णवी बारोड, खुशी कहार, भारती कहार, राघव बारोड, युग बारोड, भोला कहार, याग्निक धकिते, वेदांश कोठार, अविनाश शर्मा और मुस्कान कहार सहित कई अन्य बच्चों ने इस जल योग में भाग लिया। बारिश के बीच नन्हे बच्चों द्वारा शिप्रा नदी में किया गया यह जल योग लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा। इसने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर स्वास्थ्य, संतुलन और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश दिया।
