राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु शनिवार को अपने दो दिवसीय प्रवास पर जबलपुर पहुंचेंगी। वे शाम 6.10 बजे भारतीय वायुसेना के विशेष विमान से पश्चिम बंगाल के कलाईकुंडा एयरपोर्ट से डुमना एयरपोर्ट पहुंचेंगी। डुमना एयरपोर्ट पर राज्यपाल मंगूभाई पटेल उनका स्वागत करेंगे। इस दौरान उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार सहित पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी शनिवार रात करीब 8 बजे जबलपुर पहुंचेंगे। जबलपुर में 3000 से ज्यादा जवान तैनात राष्ट्रपति के आगमन को लेकर प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। सुरक्षा व्यवस्था के तहत करीब 3000 से ज्यादा जवान तैनात किए गए हैं। डुमना एयरपोर्ट से सर्किट हाउस, गैरिसन ग्राउंड और रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय तक पूरे रूट पर पुलिस बल की तैनाती की गई है। राष्ट्रपति शनिवार रात सर्किट हाउस क्रमांक-1 में विश्राम करेंगी। सुबह योग दिवस कार्यक्रम में होंगी शामिल रविवार 21 जून को राष्ट्रपति सुबह 7.05 बजे सर्किट हाउस से सदर स्थित गैरिसन ग्राउंड के लिए रवाना होंगी। वे सुबह 7.20 बजे कार्यक्रम स्थल पहुंचेंगी और सुबह 7.30 बजे से आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। कार्यक्रम में सामूहिक योगाभ्यास कराया जाएगा और स्वास्थ्य तथा योग के महत्व का संदेश दिया जाएगा। योग दिवस कार्यक्रम के बाद राष्ट्रपति सुबह 8.35 बजे गैरिसन ग्राउंड से वापस सर्किट हाउस लौटेंगी। दीक्षांत समारोह में देंगी उपाधियां और स्वर्ण पदक इसके बाद राष्ट्रपति सुबह 11.30 बजे सर्किट हाउस से रवाना होकर 11.40 बजे रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय पहुंचेंगी। यहां वे सुबह 11.50 बजे से दोपहर 12.50 बजे तक आयोजित विश्वविद्यालय के 36वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। समारोह के दौरान अलग-अलग संकायों के विद्यार्थियों को उपाधियां और स्वर्ण पदक दिए जाएंगे। हालांकि दीक्षांत समारोह को लेकर पहले से विवाद भी चल रहा है, क्योंकि कई शोधार्थियों और स्वर्ण पदकधारियों ने मंच पर सम्मान नहीं मिलने को लेकर विरोध दर्ज कराया है। दोपहर में ग्वालियर के लिए रवाना होंगी दीक्षांत समारोह के समापन के बाद राष्ट्रपति दोपहर 12.50 बजे विश्वविद्यालय से डुमना एयरपोर्ट के लिए रवाना होंगी। वे दोपहर 1.10 बजे एयरपोर्ट पहुंचेंगी और दोपहर 1.20 बजे भारतीय वायुसेना के विशेष विमान से ग्वालियर के लिए प्रस्थान करेंगी। प्रशासन के लिए री-नीट बना दोहरी चुनौती रविवार को जबलपुर प्रशासन के सामने दोहरी चुनौती रहेगी। एक ओर राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों की सुरक्षा व्यवस्था संभालनी है, वहीं दूसरी ओर री-नीट परीक्षा भी आयोजित करानी है। जिले में नीट परीक्षा के लिए 23 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां 10 हजार से ज्यादा विद्यार्थी परीक्षा देंगे। राज्य सरकार के निर्देश पर परीक्षा संबंधी व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी कलेक्टर को सौंपी गई है। छात्रों के लिए बसों और परिजनों के लिए विशेष व्यवस्था जबलपुर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने बताया कि पहली बार परीक्षा के लिए छात्रों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने के लिए सरकार की ओर से बसों की व्यवस्था की गई है। रविवार को दोपहर 12 बजे तक पेंटीनाका चौक से अलग-अलग परीक्षा केंद्रों के लिए बसें संचालित की जाएंगी। परीक्षार्थियों के परिजनों के बैठने के लिए अस्थायी शेड बनाए जा रहे हैं। यहां कूलर, पंखे, पेयजल और नाश्ते की व्यवस्था भी रहेगी ताकि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न हो। परीक्षा केंद्रों पर बिजली और पंखों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। अगर नीट परीक्षा को लेकर किसी छात्र या परिजन को यातायात संबंधी कोई परेशानी आती है, तो वे हेल्पलाइन नंबर 7049158826 पर संपर्क कर सकते हैं। 15 किलोमीटर क्षेत्र नो फ्लाई जोन घोषित राष्ट्रपति के जबलपुर प्रवास को देखते हुए सुरक्षा कारणों से डुमना विमानतल, सर्किट हाउस क्रमांक-1, एमईएस रेस्ट हाउस, गैरिसन ग्राउंड, रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय और पूरे वीवीआईपी रूट के 15 किलोमीटर दायरे को नो फ्लाई जोन घोषित किया गया है। पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय के प्रतिवेदन पर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने यह आदेश जारी किया है। प्रतिबंधित क्षेत्र में ड्रोन, यूएवी, पैराग्लाइडिंग, हॉट एयर बैलून, पतंग और अन्य उड़ने वाली वस्तुओं के संचालन पर पूरी तरह रोक रहेगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 के तहत वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। राष्ट्रपति के दौरे, योग दिवस, दीक्षांत समारोह और री-नीट परीक्षा को देखते हुए रविवार को जबलपुर पूरी तरह हाईअलर्ट मोड पर रहेगा। ये खबर भी पढ़ें… RDVV के दीक्षांत समारोह से पहले बवाल, केवल 20 विद्यार्थियों को मंच पर बुलाया जा रहा जबलपुर के रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय (आरडीवीवी) के 36वें दीक्षांत समारोह से पहले बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। 21 जून को होने वाले समारोह में राष्ट्रपति के हाथों सम्मान पाने का सपना लेकर देशभर से पहुंचे सैकड़ों शोधार्थियों और स्वर्ण पदकधारियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर पक्षपात का आरोप लगाया है। विद्यार्थियों का कहना है कि विश्वविद्यालय ने अंतिम समय में बताया कि दीक्षांत समारोह में केवल 20 चयनित विद्यार्थियों को ही मंच पर बुलाकर राष्ट्रपति के हाथों स्वर्ण पदक और उपाधि दी जाएगी। पूरी खबर पढ़ें…
