छिंदवाड़ा में आदिवासी जमीन खरीदी के मामले में प्रशासनिक स्तर पर बड़ी कार्रवाई की गई है। जुन्नारदेव की तत्कालीन एसडीएम कामिनी ठाकुर को जिला मुख्यालय अटैच किए जाने के दो दिन भीतर ही बैतूल स्थानांतरित कर दिया गया है। वहीं, मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने संज्ञान लेते हुए राज्य के मुख्य सचिव (CS) और छिंदवाड़ा कलेक्टर से 30 दिन में रिपोर्ट तलब की है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी हरेंद्र नारायन ने हाल ही में परिवीक्षाधीन डिप्टी कलेक्टर राजनंदिनी सिंह को जुन्नारदेव एसडीएम की जिम्मेदारी सौंपी थी। उस दौरान कामिनी ठाकुर को पद से हटाकर जिला मुख्यालय अटैच किया गया था। अब महज 48 घंटे के भीतर नए आदेश जारी कर उन्हें बैतूल भेज दिया गया है, जिसे सीधे तौर पर इस जमीन विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है। करोड़ों की जमीन महज 6 लाख में खरीदने का आरोप
यह पूरा मामला तामिया क्षेत्र के एक व्यू पॉइंट से जुड़ी बेशकीमती आदिवासी जमीन की खरीद-फरोख्त से संबंधित है। ‘दैनिक भास्कर’ ने अपनी रिपोर्ट में खुलासा किया था कि करोड़ों रुपए की कीमत वाली इस जमीन का सौदा केवल 6 लाख रुपए में किया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, यह जमीन पूर्व एसडीएम कामिनी ठाकुर के पिता सहित तत्कालीन बीएमओ और प्रभारी तहसीलदार की पत्नी के नाम पर खरीदी गई थी। जनजाति आयोग का नोटिस, 30 दिन में देना होगा जवाब
भास्कर के इस खुलासे के बाद राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने मामले को गंभीरता से लिया है। आयोग ने मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव, छिंदवाड़ा कलेक्टर और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को नोटिस जारी किया है। आयोग ने इन सभी अधिकारियों को 30 दिन के भीतर पूरे घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। तय समय में जवाब नहीं देने पर जारी होंगे समन
आयोग ने अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर संतोषजनक जवाब या रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की जाती है, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे स्थिति में भारतीय संविधान के अनुच्छेद 338(A) के तहत अधिकारियों को समन जारी किए जाएंगे, जिसके बाद उन्हें आयोग के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना पक्ष रखना होगा। मामले से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… 6.60 करोड़ की जमीन 6 लाख में खरीदी, SDM, BMO और तहसीलदार जांच के घेरे में छिंदवाड़ा जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पातालकोट से प्रशासनिक रसूख और धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। तामिया स्थित चौरा पठार और पातालकोट व्यू पॉइंट की करोड़ों रुपए की पुश्तैनी जमीन को अधिकारियों और उनके परिजनों के नाम महज 6 लाख रुपए में रजिस्टर्ड करा दी गई…पूरी खबर पढ़ें
