नर्मदापुरम-पिपरिया स्टेट हाईवे पर माखननगर स्थित तवा पुल के आसपास तवा नदी में बड़े पैमाने पर अवैध रेत उत्खनन किया जा रहा है। नियमों को दरकिनार कर रेत माफिया पुल के प्रतिबंधित दायरे में पॉकलेन मशीनों से रेत निकालकर उसका परिवहन कर रहे हैं। यह सिलसिला कई दिनों से जारी है। दिन में ट्रैक्टरों और रात में डंपरों के जरिए रेत ढोई जा रही है। खनिज और राजस्व विभाग की कार्रवाई के बावजूद इस पर रोक नहीं लग पा रही है। ऐसे में तवा पुल की सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है। पुल के 100 मीटर दायरे से निकाल रहे रेत
नियमों के अनुसार किसी भी पुल के 100 मीटर के दायरे में रेत उत्खनन प्रतिबंधित है। रेत निकालने से नदी का तल कमजोर होता है, जिससे पुल के पिलरों को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ जाता है। इसके बावजूद तवा पुल के पास स्थित बंद पड़ी आंचलखेड़ा खदान क्षेत्र से लगातार रेत निकाली जा रही है। बड़े पैमाने पर हो रहे इस अवैध उत्खनन को लेकर खनिज विभाग, एमपीआरडीसी और सेतु निर्माण विभाग की गंभीरता पर सवाल उठ रहे हैं। अंधेरा होते ही शुरू हो जाता है उत्खनन स्थानीय लोगों के अनुसार शाम होते ही पॉकलेन मशीनें और डंपर नदी में उतर जाते हैं। पूरी रात रेत उत्खनन कर डंपरों के माध्यम से उसका परिवहन किया जाता है। यह गतिविधि लंबे समय से जारी है, लेकिन इसे रोकने के लिए अब तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है। तवा पुल के बाईं ओर स्थित आंचलखेड़ा खदान विभागीय रिकॉर्ड में बंद है। इसके बावजूद रेत माफिया यहां बड़े स्तर पर अवैध उत्खनन कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन इस पर प्रभावी रोक लगाने में नाकाम साबित हो रहा है। दोबारा शिकायत मिलने पर कार्रवाई करेंगे
जिला खनिज अधिकारी देवेश मरकाम ने बताया कि तवा नदी में अस्वीकृत खदानों से रेत उत्खनन और परिवहन करने वाले वाहनों पर कार्रवाई की जाती है। तवा पुल के पास से पहले भी डंपर और मशीनें जब्त की गई हैं। उन्होंने कहा कि दोबारा शिकायत मिलने पर फिर कार्रवाई की जाएगी। वहीं एमपीआरडीसी के डिवीजनल मैनेजर एसआर अहिरवार मंगलवार को तवा पुल का निरीक्षण करने पहुंचे। उन्होंने बताया कि निरीक्षण के दौरान पुल की स्थिति सामान्य मिली। हालांकि उन्हें पुल के पास हो रहा अवैध उत्खनन नजर नहीं आया। दैनिक भास्कर द्वारा 100 मीटर के दायरे में हो रहे उत्खनन की जानकारी देने पर उन्होंने खनिज विभाग को पत्र लिखकर कार्रवाई कराने की बात कही। पुल की सुरक्षा पर खतरा पीडब्ल्यूडी के एसडीओ ऋषभ निरापुरे ने बताया कि नियमों के तहत किसी भी पुल के 100 फीट के दायरे में रेत खनन की अनुमति नहीं होती। उन्होंने कहा कि नदी में गहरे गड्ढे बनने से पुल के पिलरों की नींव कमजोर हो सकती है, जिससे भविष्य में बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है।
