Homeमध्यप्रदेशरफ्तार पर मानसून...MP में 20 जून से पहले एंट्री!:अगले 4 दिन आंधी-बारिश...

रफ्तार पर मानसून…MP में 20 जून से पहले एंट्री!:अगले 4 दिन आंधी-बारिश का अलर्ट; 9-10 को चल सकती है हीटवेव

केरलम के रास्ते देश में एंटर हुए मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। शनिवार तक यह कर्नाटक, तमिलनाडु को पार कर गोवा पहुंच गया। जल्द मानसून महाराष्ट्र भी पहुंचेगा। ऐसे में मध्य प्रदेश में अब मानसून की एंट्री 20 जून से पहले हो सकती है। इधर, तेज आंधी-बारिश के साथ प्रदेश में गर्मी भी बढ़ी है। 9 और 10 जून को उत्तरी हिस्से के जिलों में हीटवेव का अलर्ट भी है। इधर, प्रदेश में पिछले एक सप्ताह से तेज आंधी और बारिश का दौर चल रहा है। नर्मदापुरम, सिवनी, सीहोर, खरगोन समेत कई जिलों में बारिश हुई। आंधी की वजह से पेड़ गिरने और टीनशेड भी गिरे। IMD (मौसम केंद्र) ने रविवार को भी करीब 35 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, मंडला, बालाघाट, सिवनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा जिले शामिल हैं। आंधी की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रतिघंटा तक रह सकती है। देखिए, शनिवार को हुई बारिश की तस्वीरें… प्रदेश में पारे में बढ़ोतरी, नौगांव में 42.2 डिग्री
आंधी और बारिश के साथ शनिवार को प्रदेश के कई जिलों में गर्मी वाला मौसम भी रहा। नौगांव में पारा सबसे ज्यादा 42.5 डिग्री सेल्सियस रहा। सागर में 41.5 डिग्री, दतिया में 41.4 डिग्री, खजुराहो-दमोह में 41 डिग्री, गुना में 40.6 डिग्री, खंडवा में 40.5 डिग्री, खरगोन में 40.4 डिग्री, राजगढ़, टीकमगढ़-मंडला में 40 डिग्री सेल्सियस रहा। प्रदेश के 5 शहरों की बात करें तो ग्वालियर में 40.4 डिग्री, जबलपुर में 40.1 डिग्री, भोपाल में 38.8 डिग्री, उज्जैन में 38 डिग्री और इंदौर में 37.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। एमपी में मानसून की एंट्री की तारीख 15 जून
प्रदेश में मानसून के एंटर होने की सामान्य तारीख 15 जून है। दक्षिणी हिस्से से मानसून एमपी में दस्तक देता है। साल 2025 में 1 दिन बाद यानी 16 जून को मानसून एंटर हो गया था, जबकि विदाई 15 अक्टूबर तक हुई थी। सामान्यत: केरल में आने के 15 दिन बाद एमपी में भी मानसून दस्तक दे देता है। इस वजह से इस बार प्रदेश में मानसून आने की तारीख अब 20 जून से पहले हो सकती है। केरलम में 4 जून को ही मानसून ने दस्तक दी है। भोपाल में हर साल नौतपा में बारिश
भोपाल में 14 साल में 7 बार नौतपा के दौरान बारिश दर्ज हुई, जबकि 2 बार बूंदाबांदी हुई। इस बार शुरुआत में ही बूंदाबांदी हो गई। 2018 और 2019 में सबसे ज्यादा तपिश रही, जब औसत तापमान 43 से ऊपर पहुंचा था। यहां भी लगातार 9 दिन तक मौसम बदला रहा। हालांकि, इसके बाद भी बारिश और आंधी का दौर जारी है। मैप से समझें, 4 दिन ऐसा रहेगा मौसम जून में MP के 5 बड़े शहरों में ऐसा ट्रेंड भोपाल में 15 जून तक तेज गर्मी
राजधानी में जून महीने में तेज गर्मी और बारिश दोनों का ही ट्रेंड है। पिछले 10 साल में 15 जून से पहले तेज गर्मी का असर दिखा है। 3 साल तो तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। वहीं, रात का टेम्प्रेचर 17.4 डिग्री तक आ गया। साल 2020 में सबसे ज्यादा 16 इंच बारिश हुई थी। वहीं, पिछले साल 2024 में पूरे महीने 10.9 इंच पानी गिरा था। 10 साल में दूसरी बार इतनी बारिश हुई थी। 24 घंटे में करीब 5 इंच पानी बरसा था। इंदौर में पिछले साल हुई थी 4 इंच बारिश
जून में इंदौर में दिन के टेम्प्रेचर में खासी गिरावट होती है। पिछले 7 साल यानी- 2020, 2021, 2022, 2023, 2024 और 2025 में जून में कम गर्मी पड़ी। पारा 39.6 से 41.6 डिग्री के बीच रहा है। पिछले साल तापमान 41.6 डिग्री तक पहुंचा था। इस महीने कोटे की 20 प्रतिशत तक बारिश हो जाती है। पिछले साल साढ़े 5 इंच पानी गिरा था। बारिश के ओवरऑल रिकॉर्ड की बात करें तो साल 1980 में यहां जून महीने में 17 इंच से ज्यादा बारिश हुई थी। 24 घंटे में सर्वाधिक 5 इंच बारिश का रिकॉर्ड 23 जून 2003 को बना था। 3 जून 1991 में इंदौर में दिन का पारा 45.8 डिग्री तक पहुंच चुका है। वहीं, 12 जून 1958 को न्यूनतम तापमान 18.9 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया था। ग्वालियर में 47 डिग्री पार हो चुका टेम्परेचर
ग्वालियर में मई के बाद जून में भी तेज गर्मी रहती है। 10 साल के आंकड़ों की बात करें तो साल 2019 में अधिकतम तापमान 47.8 डिग्री तक पहुंच चुका है। वहीं, 2024 में पारा 45.7 डिग्री और 2025 में 45.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। इस महीने अमूमन तापमान 45 से 46 डिग्री ही रहता है। मौसम विभाग के अनुसार, 11 जून 2019 को पारा 47.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। वहीं, 1952 में पूरे महीने साढ़े 28 इंच बारिश हो गई थी। एक दिन में सर्वाधिक साढ़े 7 इंच बारिश का रिकॉर्ड 27 जून 1952 को बना था। साल 2025 में यहां पूरे महीने 10 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। जबलपुर में 10 साल अच्छी बारिश
मानसून की एंट्री के साथ ही जबलपुर में अच्छी बारिश होती है। यहीं से मानसून की एंट्री होती है, इसलिए अन्य जिलों की तुलना में जबलपुर में अच्छा पानी गिरता है। साल 2016 से 2025 तक के आंकड़ों पर नजर डालें तो कोटे की 30% तक बारिश जून में ही हुई। पिछले साल साढ़े 8 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। इस बार भी जबलपुर संभाग के दक्षिण हिस्से से ही मानसून एंटर हो सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, जबलपुर में 1998 में एक महीने में करीब 30 इंच बारिश दर्ज की गई थी। यह ओवरऑल रिकॉर्ड है। वहीं, 16 जून 1882 को 24 घंटे में साढ़े 7 इंच बारिश हुई थी। उज्जैन में भी अच्छी बारिश का ट्रेंड
जून महीने में उज्जैन में भी अच्छी बारिश होने का ट्रेंड है। 2016 से 2025 के बीच उज्जैन में 2.5 से 8 इंच तक बारिश हो चुकी है। उज्जैन में बारिश के ओवरऑल रिकॉर्ड की बात करें तो साल 1970 में पूरे महीने साढ़े 13 इंच से ज्यादा बारिश हुई थी। वहीं, 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश का रिकॉर्ड 15 जून 2001 को बना था। इस दिन करीब साढ़े 6 इंच बारिश हुई थी। साल 2025 में पूरे महीने 8 इंच से ज्यादा बारिश दर्ज की गई थी।

Stay Connected
16,985FansLike
2,458FollowersFollow
61,453SubscribersSubscribe
Must Read
Related News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here