सीधी जिले की ग्राम पंचायत गाजर के चिनगी गांव में हाथियों के हमले में एक वृद्ध दंपती की मौत हो गई। घटना रविवार-सोमवार की दरमियानी रात करीब 2 बजे की है। जंगली हाथियों के झुंड ने एक कच्चे मकान को घेर लिया और उसमें सो रहे भैयालाल यादव (60) और उनकी पत्नी तिलिया यादव (58) पर हमला कर दिया। हाथियों ने मकान तोड़ते हुए दोनों को कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए हैं और शवों को उठाने से इनकार कर रहे हैं। उनका आरोप है कि यह हादसा प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के कई परिवारों को वन क्षेत्र से विस्थापित किया गया था, लेकिन भैयालाल यादव के परिवार सहित लगभग 40 लोगों को विस्थापन योजना का लाभ नहीं मिला। इसी कारण पूरा गांव खाली नहीं हो पाया और लोग आज भी हाथियों के खतरे के बीच रहने को मजबूर हैं। तस्वीरें देखिए… कार्रवाई न होने से नाराज ग्रामीणों ने विस्थापन के संबंध में प्रशासन और एसडीएम कार्यालय में कई बार आवेदन दिए थे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। कुछ ग्रामीणों का यह भी कहना है कि उचित मुआवजा न मिलने के कारण कई परिवार विस्थापन के लिए तैयार नहीं हुए। पहले विस्थापन पैकेज की राशि 10 लाख रुपये प्रति व्यक्ति थी, जिसे लगभग एक वर्ष पूर्व बढ़ाकर 15 लाख रुपए कर दिया गया था। प्रशासनिक अमला गांव पहुंचा घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई है। हालांकि, ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है और वे विस्थापन नीति तथा मुआवजे को लेकर जवाब मांग रहे हैं। एसडीएम शैलेश कुमार द्विवेदी ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही वे मौके के लिए रवाना हो गए हैं। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
