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जबलपुर में नर्मदा में अवैध रेत खनन पर छापेमारी:भास्कर की खबर का असर…प्रशासन ने तोड़े रैंप; अवैध रेत जब्त कर नदी में डलवाई

मध्यप्रदेश में नर्मदा और उसकी सहायक नदियों में चल रहे अवैध रेत खनन का मामला उजागर होने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया। दैनिक भास्कर द्वारा अवैध खनन की तस्वीरें और जमीनी हकीकत सामने लाए जाने के कुछ ही घंटों बाद रविवार को पुलिस, प्रशासन और खनिज विभाग की संयुक्त टीम ने कई स्थानों पर कार्रवाई की। इस दौरान अवैध रूप से भंडारित रेत जब्त की गई और नदी किनारे बनाए गए अवैध रैंप भी ध्वस्त कर दिए गए। भास्कर ने दिखाई थी अवैध खनन की हकीकत दैनिक भास्कर ने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि घाटों की नीलामी नहीं होने के बावजूद खनन माफिया नर्मदा, हिरण और गौर नदी में बड़े पैमाने पर मशीनों से रेत निकाल रहे हैं। हाइवा वाहनों में भरकर यह रेत बाजार में 30 से 50 हजार रुपए तक में बेची जा रही थी। रिपोर्ट में यह भी सामने आया था कि अवैध खनन की जानकारी होने के बावजूद कार्रवाई नहीं हो रही थी। संभागायुक्त के निर्देश पर बनी संयुक्त टीम रिपोर्ट प्रकाशित होने के बाद संभागायुक्त धनंजय सिंह ने मामले का संज्ञान लिया और कलेक्टर राघवेंद्र सिंह को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद एसडीएम के नेतृत्व में पुलिस और खनिज विभाग की संयुक्त टीम ने आधा दर्जन से अधिक स्थानों पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान लाखों रुपए की अवैध रेत जब्त की गई। साथ ही उन रैंपों को भी तोड़ दिया गया, जिनका उपयोग हाइवा वाहनों में रेत भरने के लिए किया जा रहा था। जंगलों में पहुंची खनिज विभाग की टीम जिला खनिज अधिकारी ए.के. राय अपनी टीम के साथ उन इलाकों में पहुंचे, जहां लंबे समय से अवैध खनन की शिकायतें मिल रही थीं। टीम को देखकर कई लोग मौके से भाग निकले। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद संसाधनों और अवैध गतिविधियों की जांच कर कार्रवाई की। बहोरीपार में मिली अवैध रेत रविवार को भी नर्मदा नदी से अवैध उत्खनन की सूचना मिलने पर एसडीएम अभिषेक सिंह, सीएसपी बरगी अंजुल अयक मिश्रा, तहसीलदार प्रदीप तिवारी, थाना प्रभारी बरगी और पुलिस बल ग्राम बहोरीपार पहुंचे। जांच के दौरान ग्राम बहोरीपार के खसरा नंबर 338 स्थित शासकीय भूमि पर लगभग तीन से चार हाइवा रेत अवैध रूप से भंडारित पाई गई। ग्राम कोटवार, सरपंच और पंचों की मौजूदगी में पंचनामा तैयार किया गया। जेसीबी से हटवाई रेत, नदी में डलवाई प्रशासन ने जेसीबी मशीन की मदद से अवैध रूप से जमा की गई रेत को हटाकर वापस नदी में प्रवाहित कर दिया। अधिकारियों का कहना है कि अवैध भंडारण और उत्खनन के खिलाफ आगे भी लगातार अभियान चलाया जाएगा। कार्रवाई पर उठे सवाल भी हालांकि प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई का दावा किया है, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि जिन क्षेत्रों में लंबे समय से बड़े पैमाने पर अवैध खनन हो रहा है, वहां की तुलना में कार्रवाई सीमित रही। प्रशासन को केवल तीन से चार हाइवा रेत ही भंडारित मिली, जबकि रिपोर्ट में बड़े पैमाने पर अवैध उत्खनन का खुलासा हुआ था। अवैध खनन पर सख्ती के संकेत नर्मदा नदी में अवैध खनन को लेकर सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पहले से लागू हैं। ऐसे में प्रशासन की यह कार्रवाई संकेत दे रही है कि अब अवैध खनन और रेत माफियाओं के खिलाफ सख्ती बढ़ाई जा सकती है। हालांकि यह देखना होगा कि यह अभियान लगातार जारी रहता है या फिर कुछ दिनों बाद कार्रवाई ठंडी पड़ जाती है। ये खबर भी पढ़ें… एमपी में नर्मदा की धार मोड़कर रेत की लूट मध्य प्रदेश में नर्मदा और उसकी सहायक नदियों में बड़े पैमाने पर अवैध रेत खनन जारी है। जबलपुर, नरसिंहपुर और कटनी जैसे जिलों में रेत माफिया खुलेआम नदियों से रेत निकाल रहे हैं। कई स्थानों पर 24 घंटे हाईफाई मशीनें, पोकलेन, जेसीबी और नावों के जरिए खनन किया जा रहा है। यह स्थिति तब है, जब सुप्रीम कोर्ट ने चंबल क्षेत्र में अवैध रेत खनन को लेकर मध्य प्रदेश सहित तीन राज्यों को फटकार लगाई है। पूरी खबर पढ़ें…

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