स्वास्थ्य विभाग ने गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच, ऑनलाइन पंजीकरण और आयुष्मान कार्ड बनाने में लापरवाही के आरोप में चार स्वास्थ्यकर्मियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। इनमें दो सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ), एक सहायक नर्स मिडवाइफ (एएनएम) और एक आशा सहयोगिनी शामिल हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय ऋषीश्वर ने बताया कि यह कार्रवाई शुक्रवार को शिवपुरी विकासखंड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सतनवाड़ा के अंतर्गत ग्राम सकलपुर और नोहरीकलां के आयुष्मान आरोग्य केंद्रों के निरीक्षण के बाद की गई। ग्राम सकलपुर में पदस्थ सीएचओ ज्योति माहौर निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित पाई गईं। गर्भवती महिलाओं को रक्त की कमी दूर करने के लिए लगाए जाने वाले इंजेक्शन आरोग्य केंद्र पर न लगाकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भेजकर लगवाए गए, जिससे महिलाओं को अनावश्यक रूप से गांव से बाहर जाना पड़ा। एएनएम भी केंद्र पर नहीं मिलीं
सकलपुर में 103 गर्भवती महिलाओं की एंट्री एचआईएमएस पोर्टल पर दर्ज थी, जबकि अनमोल पोर्टल पर केवल 65 महिलाओं का ही पंजीकरण पाया गया। इस विसंगति के कारण हितग्राहियों को मिलने वाले आर्थिक लाभ में बाधा आने की आशंका है। एएनएम निरंजना खत्री ग्राम में ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस (वीएचएनडी) के कार्य के बजाय केंद्र पर उपस्थित मिलीं। फरवरी माह में उन्होंने केवल 5 एंटीनेटल चेकअप (एएनसी) दर्ज किए थे और उन्हें एएनसी विवरण व मॉडरेट एनीमिया की जानकारी भी स्पष्ट नहीं थी। आशा सहयोगिनी की रिपोर्ट में मिली थी गड़बड़ियां
आशा सहयोगिनी विनिता रावत द्वारा आयुष्मान कार्ड बनाने का कार्य भी संतोषजनक नहीं पाया गया। सकलपुर में 37, चांड में 23, पड़वा में 11, रैपुरा में 13 और पवा में सहरिया समुदाय का केवल 1 कार्ड बनाया गया था। ग्राम नोहरीकलां के निरीक्षण में सीएचओ प्रगति मौर्य भी अनुपस्थित मिलीं। यहां भी एफसीएम इंजेक्शन केंद्र पर न लगाकर सीएचसी पर लगाए गए। एचआईएमएस पोर्टल पर 187 एएनसी दर्ज थीं, जबकि अनमोल पोर्टल पर केवल 145 एंट्री पाई गईं। इन सभी गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए संबंधित सीएचओ और एएनएम को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाया जाता है, तो आगे अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
