मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। ‘बात खरी है’ मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर एप पर मिलेगा। स्वागत में फजीहत, नेता जी गिरे धड़ाम
भाजपा नेता का स्वागत कार्यक्रम, स्वागत से ज्यादा ‘धड़ाम’ के लिए यादगार बन गया। देवास के हाटपिपल्या में कार्यकर्ताओं ने पूरे उत्साह के साथ मंच सजाया, लेकिन उत्साह इतना ओवरलोड हो गया कि मंच ही जवाब दे गया। नतीजा ये हुआ कि नेता जी समेत कई कार्यकर्ता एक साथ नीचे आ गिरे। दरअसल, भाजपा किसान मोर्चा के नवनियुक्त जिला अध्यक्ष टिकेंद्र प्रताप सिंह पदभार ग्रहण करने के बाद क्षेत्र में निकले थे। जगह-जगह स्वागत हो रहा था, इसी कड़ी में एक मंच भी सजाया गया था। लेकिन कार्यकर्ताओं का जोश कंट्रोल में नहीं रहा। एक के बाद एक लोग मंच पर चढ़ते गए। मंच बेचारा इतना भार सह नहीं पाया और धराशायी हो गया। इससे पहले नेता जी करीब 70 वाहनों के काफिले के साथ पदभार ग्रहण करने पहुंचे थे। जब इस पर सवाल हुआ तो उन्होंने सफाई में आंकड़ा ही बढ़ा दिया। कहा कि शुरुआत में तो करीब 300 वाहन थे, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील को देखते हुए कई वाहनों को रास्ते से ही लौटा दिया गया। हालांकि, इस बयान ने कहानी को और दिलचस्प बना दिया। क्योंकि नेता जी ने यह भी जोड़ दिया कि पीएम मोदी ने सोना नहीं खरीदने की अपील की है, और उसका वे सख्ती से पालन करेंगे। अब लोग कह रहे हैं कि नेता जी ने पीएम मोदी की अपीलों का पालन करने में भी प्राथमिकता तय कर ली है। पटवारी की मेमोरी में सेव हो गए ‘कलेक्टर’
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और छतरपुर कलेक्टर पार्थ जैसवाल के बीच तीखी नोकझोंक चर्चा का विषय बन गई। पटवारी ने नाराजगी जताते हुए कलेक्टर से साफ कहा- डीएम साहब, आपका ये अपमान याद रखूंगा… जब तक आप नौकरी में रहेंगे, आज का दिन याद रहेगा। मामला उस वक्त गरमाया जब पटवारी छतरपुर में केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित ग्रामीणों से मिलने पहुंचे थे, लेकिन प्रशासन ने उन्हें मौके पर जाने की अनुमति नहीं दी। इसी बात से नाराज होकर उन्होंने कलेक्टर को फोन लगाया और अपने अंदाज में नाराजगी दर्ज कराई। हालांकि प्रशासन की सख्ती यहां ज्यादा देर टिक नहीं पाई। पटवारी अपने समर्थकों के साथ गेट फांदकर अंदर पहुंचे और प्रभावित ग्रामीणों से मुलाकात भी कर ली। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सामने आने के बाद मामला और तूल पकड़ गया। अब इस बयानबाजी पर सियासी चुटकुले भी बनने लगे हैं। लोग कह रहे हैं कि पटवारी ने कलेक्टर का नाम ‘लॉन्ग टर्म मेमोरी’ में सेव कर लिया है। कुछ इसे सीधे-सीधे चेतावनी मान रहे हैं। वैसे जीतू पटवारी अभी पावर में नहीं हैं, लेकिन पावर पाने के लिए पसीना जमकर बहा रहे हैं। फिल्मों जैसे डायलॉग बोलकर दिखाया गुस्सा
‘विधायक क्या कर लेगा… बहुत गलतफहमी में हो… एक हूं, लेकिन एक हजार पर भारी हूं।’ ये डायलॉग किसी पर्दे के हीरो का नहीं, बल्कि मंदसौर से कांग्रेस विधायक विपिन जैन का है, जो एक मामले में कार्रवाई न होने से नाराज होकर पुलिस अधिकारी पर अपनी नाराजगी जता रहे थे। मामला इतना भर नहीं था कि शिकायत दर्ज नहीं हुई, बल्कि बात सीधे ‘पावर’ की होड़ तक जा पहुंची। विधायक ने साफ कहा कि एफआईआर दर्ज करनी ही पड़ेगी, वरना मामला कोर्ट तक जाएगा। जवाब में पुलिस अधिकारी भी पीछे नहीं हटे, उन्होंने दो टूक कहा- आप स्वतंत्र हैं, कोर्ट जा सकते हैं। इस पूरे घटनाक्रम में दिलचस्प बात ये रही कि संवाद भले ही फिल्मी अंदाज में थे, लेकिन हकीकत का सीन कुछ और ही कहानी कह रहा था। विधायक ने अपना रुतबा दिखाने की कोशिश जरूर की, मगर सत्ता पक्ष में न होने की हकीकत भी सामने आ गई। पुलिस अधिकारी का ठंडा लेकिन सख्त जवाब यह जताने के लिए काफी था कि कानून के दायरे में ‘पावर’ की अपनी सीमाएं होती हैं। आखिरकार, इस टकराव में कोई तात्कालिक नतीजा भले न निकला हो, लेकिन एक बात साफ हो गई कि कानून के सामने सियासी रसूख हमेशा काम नहीं आता, खासकर जब आप विपक्ष में हो। हां, इतना जरूर है कि इस पूरे घटनाक्रम ने विधायक को सुर्खियों में ला दिया है। चड्डी-बनियान में ड्यूटी करते दिखे अधिकारी
हमारे मध्य प्रदेश को यूं ही ‘अजब-गजब’ नहीं कहा जाता। एक बार फिर ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां एक अधिकारी चड्डी-बनियान पहनकर दफ्तर में ड्यूटी करते नजर आए। इसके बाद किसी ने उनका वीडियो बना लिया, जो तेजी से वायरल हो गया। मामला मंदसौर जिले के गरोठ क्षेत्र के एक गेहूं खरीदी केंद्र का है। यहां प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्था के प्रबंधक मनोज शर्मा इस अजीब स्थिति में दिखे तो पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गए। उनका वीडियो आला अधिकारियों तक भी पहुंचा, जिसके बाद कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया गया। हालांकि, अधिकारी ने सफाई देते हुए इसे साजिश बताया। उनका कहना है कि उस दिन उनके शरीर पर चींटियों ने काट लिया था और भीषण गर्मी के कारण उन्हें मजबूरी में इस हालत में बैठना पड़ा। उन्होंने यह भी कहा कि उस समय वहां कोई मौजूद नहीं था। अपने इस व्यवहार के लिए उन्होंने माफी भी मांगी। इनपुट सहयोग – महेश सोलंकी (देवास), राजेश चौरसिया (छतरपुर), शादाब चौधरी (मंदसौर) ये भी पढ़ें –
मोदी की अपील की धज्जियां उड़ाते दिखे मंत्री-विधायक: ई-रिक्शा में नेता, पीछे चला गाड़ियों का काफिला हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनता से अपील की थी कि पेट्रोल, डीजल और गैस जैसी चीजों का संयम से उपयोग करें। लेकिन इस अपील को उनकी ही पार्टी के कई नेता धुआं-धुआं करते नजर आए। नेता सैंकड़ों गाड़ियों का काफिला लेकर अपनी ताकत दिखाते नजर आए। कोई ई रिक्शा पर सवार हुआ, लेकिन पीछे वाहनों का काफिला चलता रहा। पूरी खबर पढ़ें
