देश की राजधानी दिल्ली में क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक खत्म हो गई है। इसमें ऑस्ट्रेलिया ने होर्मुज का मुद्दा उठाया। विदेश मंत्री पेनी वोंग ने कहा, ‘ईरान की तरफ से होर्मुज स्ट्रेट बंद किए जाने का असर अब तेल और ऊर्जा सप्लाई पर दिखने लगा है। क्वाड देशों का कहना है कि समुद्री रास्ते खुले रहना जरूरी हैं और वहां से गुजरने वाले जहाजों पर किसी तरह का टोल या रोक नहीं लगनी चाहिए।’ इस बैठक में भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्री शामिल हुए। अमेरिका की ओर से मार्को रूबियो, जापान से तोशिमित्सु मोतेगी और ऑस्ट्रेलिया की तरफ से पेनी वोंग मौजूद रहे। विदेश मंत्री जयशंकर ने आतंकवाद के मुद्दे पर कहा कि इसके खिलाफ जीरो टॉलरेंस होना चाहिए। जिन देशों पर आतंकी हमले होते हैं, उन्हें अपनी सुरक्षा का अधिकार है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि बैठक में 3 बड़े फैसलों पर चर्चा की गई। क्वाड के 3 बड़े फैसलों पर सहमति 1. क्वाड देशों ने समुद्र से जुड़ी जानकारी साझा करने और निगरानी बढ़ाने पर सहमति जताई है। बंदरगाहों से जुड़ी सुविधाओं के लिए एक एक्सपर्ट टीम बनाने पर भी विचार होगा। साथ ही फिजी में नया पोर्ट प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा और समुद्र के नीचे बिछी इंटरनेट केबल्स पर मिलकर काम होगा। 2. क्वाड देशों ने क्रिटिकल मिनरल्स के लिए एक साझा फ्रेमवर्क तैयार किया है। भारत और अमेरिका ने भी इस मुद्दे पर अलग समझौता किया है। क्वाड अब इस काम में दूसरे देशों को भी जोड़ने की कोशिश करेगा। 3. इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में ऊर्जा सप्लाई को सुरक्षित रखने के लिए नई पहल शुरू की गई है। इसमें नई तकनीक, बेहतर प्रबंधन, नीतियां, अंतरराष्ट्रीय बाजार की जानकारी और इमरजेंसी अभ्यास जैसी चीजें शामिल होंगी।
क्वाड बैठक में 5 बड़े ऐलान… क्वाड समिट से जुड़े सभी बड़े अपडेट्स पढ़ने के लिए नीचे दिए ब्लॉग से गुजर जाइये…
