ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ईस्माइल बघाई ने कहा कि उनका देश अमेरिका की धमकियों की परवाह नहीं करता। उन्होंने कहा कि इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि अमेरिका किसी संभावित समझौते का पूरी तरह पालन करेगा। बघाई ने कहा कि इजराइल अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत को कमजोर करने की कोशिश कर सकता है। उन्होंने कहा कि इजराइली शासन पूरी कोशिश कर रहा है कि यह समझौता न हो सके। हमें उम्मीद है कि वह बातचीत को प्रभावित करने की कोशिश करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ देश लगातार युद्ध और टकराव की बात कर रहे हैं, जिसका असर अमेरिकी अधिकारियों पर भी पड़ सकता है। बघाई के मुताबिक पिछले कुछ हफ्तों में जो बदलाव देखने को मिले हैं, उनमें पाकिस्तान और कुछ दूसरे देशों की मध्यस्थता की बड़ी भूमिका रही है। हालांकि फिलहाल किसी पाकिस्तानी अधिकारियों के तेहरान आने की कोई आधिकारिक योजना नहीं है। पिछले 24 घंटे के 4 बड़े अपडेट्स… 1. अमेरिका-ईरान में समझौते पर दस्तखत नहीं: अमेरिका और ईरान के बीच समझौते पर दस्तखत नहीं हो सके। इससे पहले कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि रविवार को ही दोनों देश सीजफायर बढ़ाने और होर्मुज खोलने को लेकर समझौता कर सकते हैं। 2. ओमान के जरिए अमेरिका को मैसेज: ईरान ने ओमान के जरिए अपना मौखिक संदेश अमेरिका तक पहुंचाया। ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने कहा है कि उन्होंने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची का एक मैसेज ओमान के विदेश मंत्री तक पहुंचाया। 3. सुप्रीम लीडर की मंजूरी के बिना कोई फैसला नहीं: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने कहा कि ईरान में कोई भी बड़ा फैसला सुप्रीम लीडर की मंजूरी के बिना नहीं लिया जाएगा। 4. अमेरिका-ईरान समझौते से इजराइल चिंतित: अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित समझौते को लेकर इजराइल में चिंता बढ़ गई है। एक इजराइली अधिकारी ने कहा है कि इस समझौते से ईरान को यह मैसेज जाएगा कि वह होर्मुज का इस्तेमाल दबाव बनाने के हथियार की तरह कर सकता है। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
