देवास जिले के टोंककला में हुए भीषण पटाखा फैक्टरी हादसे में झुलसे मरीजों का इंदौर के एमवाय अस्पताल में इलाज जारी है। यहां बर्न यूनिट में एडमिट तीन मरीजों की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है और उनके लिए अगले 48 घंटे काफी अहम हैं। इनमें से एक मरीज वेंटिलेटर पर है। दरअसल, आग से झुलसे मरीजों में तीसरे दिन से संक्रमण का खतरा तेजी से बढ़ जाता है, इसलिए विशेष सावधानी बरती जा रही है। अस्पताल प्रशासन ने संक्रमण के खतरे को देखते हुए बर्न यूनिट में बाहरी लोगों की आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी है। केवल जरूरी मेडिकल स्टाफ को ही प्रवेश दिया जा रहा है। अस्पताल की बर्न यूनिट में राम (20) पिता मुकेश कुमार, निरंजन (30) पिता हीरालालराम और अजय (27) पिता नुनू पासवान एडमिट हैं। तीनों मरीज 75 से 90% प्रतिशत तक झुलसे हुए हैं। वहीं हादसे में घायल विशाल (25) को सिर में गंभीर चोट आने के बाद न्यूरो सर्जरी वार्ड में एडमिट किया गया है। धमाके के दौरान विशाल दूर जाकर गिर पड़ा था, जिससे उसके सिर में गंभीर चोट आई और खून का थक्का जम गया। न्यूरो सर्जन डॉ. परेश सौंधिया ने बताया कि विशाल की स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है। संक्रमण रोकने के लिए विशेष इंतजाम बर्न यूनिट प्रभारी डॉ. सचिन वर्मा ने बताया कि मरीजों को संक्रमण से बचाने के लिए लगातार एंटीबायोटिक दवाएं दी जा रही हैं। साथ ही उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए विशेष आहार शुरू किया गया है। फिलहाल तीनों मरीजों को नली के माध्यम से फीडिंग दी जा रही है ताकि शरीर को जरूरी ऊर्जा मिल सके। बर्न यूनिट में संक्रमण की आशंका को देखते हुए पांच नर्सिंग कर्मचारियों की शिफ्ट वाइज 24 घंटे की ड्यूटी लगाई गई है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि मरीजों की देखभाल में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जा रही है। उधर, चोइथराम हॉस्पिटल में एडमिच चार मरीजों की हालत ठीक है। यह है मामला देवास जिले के टोंककलां इलाके में गुरुवार सुबह करीब 11:30 बजे पटाखा फैक्ट्री में जोरदार धमाका हुआ। हादसे में 20 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। मृत मजदूर उत्तर प्रदेश, बिहार के रहने वाले बताए जा रहे हैं। शुरुआत में धीरज, सनी और सुमित की मौत की जानकारी सामने आई थी। गुरुवार देर रात अमलतास अस्पताल में इलाजरत दो मजदूर अमर और गुड्डू ने भी दम तोड़ दिया। इसके बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 5 हो गई। ब्लास्ट इतना तेज था कि शवों के टुकड़े 20 से 25 फीट दूर तक जा गिरे। फैक्ट्री की दीवारें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं और आसपास के मकान तक हिल गए। हादसे के बाद झुलसे मजदूर बदहवास हालत में बाहर निकलते दिखे। कुछ लोगों के कपड़े स्किन से चिपक गए थे। फैक्ट्री के बाहर बाल और जले अवशेष बिखरे पड़े मिले। 5 मजदूरों की मौत के बाद प्रशासन ने बड़ा एक्शन लेते हुए SDM संजीव सक्सेना, नायब तहसीलदार रवि शर्मा, सोनकच्छ SDOP दीपा मांडवे और टोंककला चौकी प्रभारी रमनदीप हुंडल को सस्पेंड कर दिया है। हालांकि हादसे के कई दिन बाद भी फैक्ट्री संचालन, विस्फोटक भंडारण और सुरक्षा निगरानी से जुड़े अन्य जिम्मेदार अफसरों पर अब तक FIR नहीं हुई है। यह खबर भी पढ़ें… देवास पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट; SDM-SDOP समेत 4 अफसर सस्पेंड देवास पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट मामले में 5 मजदूरों की मौत के बाद प्रशासन ने बड़ा एक्शन लेते हुए SDM संजीव सक्सेना, नायब तहसीलदार रवि शर्मा, सोनकच्छ SDOP दीपा मांडवे और टोंककला चौकी प्रभारी रमनदीप हुंडल को सस्पेंड कर दिया है। हालांकि हादसे के कई दिन बाद भी फैक्ट्री संचालन, विस्फोटक भंडारण और सुरक्षा निगरानी से जुड़े अन्य जिम्मेदार अफसरों पर अब तक FIR नहीं हुई है। पढ़ें पूरी खबर…
