Homeमध्यप्रदेशदेवास पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट केस में SDM-नायब तहसीलदार सस्पेंड:हादसे में पांच मजदूरों...

देवास पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट केस में SDM-नायब तहसीलदार सस्पेंड:हादसे में पांच मजदूरों की हो चुकी मौत; भास्कर ने उजागर की थी लापरवाही

देवास पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट मामले में दैनिक भास्कर की खबर का बड़ा असर हुआ है। हादसे के बाद प्रशासनिक लापरवाही और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर उठे सवालों के बीच संभाग आयुक्त ने शनिवार दोपहर एसडीएम संजीव सक्सेना और नायब तहसीलदार रवि शर्मा को निलंबित कर दिया है। बता दें कि फैक्ट्री में हुए धमाके में 5 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि कई मजदूर गंभीर रूप से झुलसे हुए जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। भास्कर ने अपनी रिपोर्ट में उजागर किया था कि कम बारूद के लाइसेंस पर फैक्ट्री में बड़े पैमाने पर विस्फोटक जमा किया गया था। मजदूरों से बिना सुरक्षा इंतजामों के काम कराया जा रहा था और जिम्मेदार विभागों ने समय रहते कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की। हादसे के बाद सवाल उठे कि आखिर निरीक्षण करने वाले अधिकारी क्या कर रहे थे और इतनी बड़ी लापरवाही कैसे नजरअंदाज होती रही। मामले ने तूल पकड़ा तो प्रशासन हरकत में आया। अब राजस्व विभाग के दो अधिकारियों पर गाज गिरी है। प्रशासन ने माना- अफसरों ने लापरवाही बरती
निलंबन आदेश में कहा गया है कि दोनों अधिकारियों ने विस्फोटक सामग्री से जुड़े नियमों और प्रशासनिक निरीक्षण में गंभीर लापरवाही बरती। जांच में सामने आया कि पटाखा फैक्ट्री की नियमित जांच नहीं की गई। अधिकारियों की जिम्मेदारी थी कि हर महीने यह जांच करें कि फैक्ट्री में लाइसेंस के अनुसार ही पटाखे और विस्फोटक सामग्री रखी जा रही है या नहीं, लेकिन उन्होंने इस पर ध्यान नहीं दिया। राजस्व विभाग उन छह विभागों में शामिल है जिन्हें ऐसी फैक्ट्रियों के लिए एनओसी और निगरानी की जिम्मेदारी रहती है। प्रशासन का मानना है कि अधिकारियों की लापरवाही, उदासीनता और नियमों के पालन में अनियमितता के कारण यह हादसा हुआ। इसलिए मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियमों के तहत दोनों अधिकारियों को निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय कलेक्टर कार्यालय देवास रहेगा और उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। सिर्फ हादसे के दिन पहुंचे थे दोनों अधिकारी
विभाग के दोनों अधिकारियों को हर माह कंपनी को लेकर मापदंडों की जांच करना थी, लेकिन वह कभी सुरक्षा इंतजाम की जांच करने नहीं पहुंचे, जबकि पहले भी कंपनी में दुर्घटनाएं हुई थी उसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों ने ना कार्रवाई की और ना ही सुरक्षा मापदंडों को पर रखने के लिए कंपनी में पहुंचे। दोनों अधिकारी हादसे के बाद पहुंचे थे। यह भी पढ़ें… मौतों का जिम्मेदार सिस्टम… अधूरी फैक्ट्री को लाइसेंस…बारूद देखा नहीं:पटाखा फैक्ट्री पर 6 सरकारी विभाग चुप क्यों थे? क्या ‘माननीय’ के दबाव में थे? देवास की पटाखा फैक्ट्री में हुआ धमाका सिर्फ एक हादसा नहीं है… यह सिस्टम की चुप्पी, लापरवाही और मिलीभगत का विस्फोट है। 5 मजदूरों की मौत हो चुकी है…कई जिंदगियां मौत और जिंदगी के बीच झूल रही हैं। 90 से 99 प्रतिशत तक झुलसे मजदूर हर सांस के साथ संघर्ष कर रहे हैं। बिहार और यूपी से आए इन गरीब मजदूरों ने सोचा था कि मेहनत करेंगे, परिवार पालेंगे… लेकिन यहां तो उनकी पूरी जिंदगी ही राख हो गई। पूरी आर्टिकल पढ़िए…

Stay Connected
16,985FansLike
2,458FollowersFollow
61,453SubscribersSubscribe
Must Read
Related News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here