‘करीब 15 साल से श्याम सहारा फाइनेंस कंपनी में कम्प्यूटर ऑपरेटर था। करीब 20 से 25 हजार रुपए सैलरी थी। पांच साल से तनख्वाह आधी हो गई थी। पिछले चार महीनों से वह भी नहीं मिली थी।’ यह कहना है किशोर नागेंद्र का। किशोर के भाई श्याम नागेंद्र, उसका बेटा वंश (5) और बेटी भूरि (3) के शव बुधवार सुबह कुएं में मिले थे। दोनों बच्चों के शव पिता के शरीर से गमछे में बंधे थे। घटना बालाघाट से 50 किलोमीटर दूर जरामोहगांव की है। गुरुवार को तीनों के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। मंगलवार रात श्याम अपने बच्चों को बारात दिखाने ले गया था, फिर नहीं लौटा। प्राथमिक जांच में कमजोर आर्थिक हालत के चलते सुसाइड की बात सामने आ रही है। परिजन का भी कहना है कि वह बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित था। दैनिक भास्कर ने श्याम के भाई किशोर नागेंद्र और साले अंकित से बात की। बच्चों को लेकर बारात में जाने का कहकर निकला था श्याम के बड़े भाई किशोर नागेन्द्र ने बताया कि सोमवार को गांव में दो शादियां थीं। एक शादी में मुझे भी जाना था। शाम को साथ दोनों भाइयों ने साथ में चाय पी। मैं बारात के लिए निकल रहा था। इसी दौरान श्याम ने भी बच्चों को बारात दिखाने की बात कहकर साथ चल दिया। बच्चों को बारात दिखाने के बाद रात करीब 8:30 वह घर जाने की बात कहकर निकल गया और मैं शादी में चला गया। रात करीब 10 बजे जब घर पहुंचा, तो बच्चे और श्याम नहीं आए थे। सोचा कि बारात में चला गया होगा, थोड़ी देर में आ जाएंगे। जब रात 12 बजे तक नहीं आए, तो उन्हें तलाशने निकले। गांव से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर स्थित बिना मुंडेर के कुएं के पास बाइक खड़ी मिली। वहीं, उसकी चप्पल भी पड़ी थी। कुएं में टॉर्च से देखा, तो उसमें भी चप्पल पड़ी मिली। पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची। रात की बात कहकर पुलिस चली गई। रातभर घर में किसी को नींद नहीं आई। सुबह करीब 8:30 बजे हम और पुलिस दोबारा पहुंची। दोनों बच्चों और श्याम के शव पानी में उतराते दिखे। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से शवों काे निकलवाया। किशाेर ने बताया कि पिछले 15 साल से श्याम सहारा फाइनेंस कंपनी में कम्प्यूटर ऑपरेटर था। करीब 20 से 25 हजार रुपए तनख्वाह मिलती थी। सहारा कंपनी के बैंकरप्ट होने के बाद चार-पांच साल से सैलरी आधी हो गई थी। पिछले चार महीने से वह सैलरी भी नहीं मिली। पत्नी बोलती है– उसी कुएं में कूद जाऊंगी श्याम के साले अंकित ने बताया कि दोनों संयुक्त परिवार में रह रहे हैं। उस रात एक बजे बहन का फोन आया था। मेरी पत्नी ने फोन रिसीव किया था। बहन ने बताया था कि पति अब तक नहीं लौटे हैं। मैंने कहा कि रिश्तेदार के यहां रुक गए होंगे। सुबह तक आ जाएंगे। सुबह साढ़े 5 बजे जीजा के बड़े भाई किशोर भैया का फोन आया। इसके बाद मैं गांव पहुंचा। गांव के पास भीड़ दिखने लगी। बताया गया कि श्याम नागेन्द्र कुएं में कूद गया है। मेरे हाथ-पांव कांपने लगे। घटना के बाद पत्नी और माता–पिता बदहवास हैं। पत्नी बार–बार पति और बच्चों को याद कर जोर–जोर से रो रही है। हर बार कुएं की ओर दौड़ जाती है। कहती है कि मुझे भी इसी कुएं में कूदना है। वह कुछ बोलने की स्थिति में नहीं है। परिवार को यकीन नहीं हो रहा कि श्याम और बच्चे इस दुनिया में नहीं हैं। बच्चों के भविष्य की चिंता सताती थी अंकित ने बताया कि 2019 में दोनों की शादी हुई थी। अगले महीने 4 जून को शादी की सालगिरह भी है। बड़े भाई किशोर के संतान नहीं हैं। जीजा ने दीपावली पर कहा था कि सहारा का काम नहीं चल रहा। आधी पेमेंट मिल रही है। क्या होगा मेरा? मैने समझाया था कि बर्तन का धंधा करें, क्योंकि आपकी मां भी यही काम करती हैं। भैया की पहचान है, काम चल जाएगा। उसने कहा था कि अनुभव नहीं है। मैने बोला था कि ऑटो फाइनेंस करवा लेते है। मां के साथ घूमकर काम कर लेना। कहा था कि माल की चिंता मत करना। उन्होंने सहारा से रिजाइन देने की बात कही थी। बीते चार-पांच मई को मेरी छोटी बहन की शादी थी। वहां जीजा आए थे। उन्होंने कहा था कि सहारा छोड़ दिया है। एलआईसी का काम शुरू किया है। शादी के बाद पोस्ट ऑफिस की एफडी का काम शुरू करूंगा। वह बोलते थे कि बच्चों का भविष्य कैसा होगा, समझ नहीं आता। परिवार को कैसे पालूंगा। कार्यक्रम में भी मिलते थे, तो टेंशन की बात करते थे। बच्चों को बहुत ज्यादा चाहते थे। इंस्टा पर स्टोरी लगाई- जीने की आरजू नहीं श्याम की इंस्टा स्टोरी पर ‘जीने की आरजू नहीं’ लिखा होने की बात सामने आई है। उसने दर्दभरा वीडियो भी शेयर किया था, जिसमें लिखा था- ‘नहीं है जिंदा रहने की आरजू, नहीं चाहिए कोई वादा या रिश्ता। नहीं चाहिए कोई प्रेम कहानी’। नहीं चाहिए, खुशी, सुकून, दिल, जिस्म या रूह। हर दफा मुझसे झूठ बोलकर कभी ना कभी कि ये सब कुछ ठीक हो जाएगा। जिंदा रहना जरूरी है क्या? पूरी रात करवटों में काटने के बाद, अंधेरे से लड़ते–लड़ते थकने के बाद सुबह रोशनी को गले लगाना जरूरी है क्या? पुलिस तीनों की मौत की हर एंगल से जांच कर रही है। एसडीओपी विकास कुमार ने बताया कि अब तक ठोस वजह सामने नहीं आ सकी है। पीएम रिपोर्ट भी आना बाकी है। मृतक और उसकी पत्नी के मोबाइल जब्त किए गए हैं। सीडीआर निकाली जा रही है, जिसके बाद ही कुछ कहा जा सकता है। यह भी पढ़ें- एक ही गमछे में बंधे मिले पिता-दो बच्चों के शव बालाघाट के कटंगी थाना क्षेत्र के जरामोहगांव में बुधवार को एक पिता और उसके दो बच्चों के शव कुएं में मिले। दोनों बच्चों के शव पिता के शरीर से गमछे में बंधे थे। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है। पढ़ें पूरी खबर
