छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में तरबूज और चिकन खाने के बाद 4 बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। इलाज के दौरान एक बच्चे की मौत हो गई, जबकि 3 बच्चों का अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में इलाज चल रहा है। सिविल सर्जन डॉ. कुजूर ने बताया कि, सुबह का कटा हुआ तरबूज काफी देर बाद खाने की वजह से बच्चों को संक्रमण हुआ है। फूड पॉइजनिंग की वजह से बच्चों की हालत बिगड़ी है। घटना सिटी कोतवाली थाना इलाके के ग्राम घुरकोट की है। पहले ये तस्वीर देखिए… जानिए क्या है पूरा मामला ? जानकारी के मुताबिक, एक ही परिवार के पोड़ी दलहा निवासी अखिलेश धीवर (15), अवरीद निवासी श्री धीवर (4), खटोला निवासी पिंटू धीवर (12) और कोटगढ़ निवासी हितेश धीवर (13) अपने परिजनों के साथ घुरकोट आए थे। मामा के घर शादी होने के बाद तीन-चार दिन से रुके हुए थे। रविवार (10 मई) की सुबह तरबूज काटकर रखे थे। जिसे दोपहर के समय चारों ने बच्चों ने खाया। इसके बाद शाम को उन्होंने घर का बना चिकन भी खाया। शाम को अचानक सभी की तबीयत बिगड़ने लगी। अखिलेश धीवर की हालत खराब होने लगी। उसे लगातार उल्टी-दस्त, पेट दर्द और सांस लेने में तकलीफ हुई, जिसके बाद वह बेहोश हो गया। परिजनों ने गांव के ही झोलाछाप डॉक्टर से इलाज करवाकर घर ले गए। सोमवार सुबह उसकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। एक की मौत, 3 बच्चों का इलाज जारी परिजन उसे तत्काल एम्बुलेंस से जिला अस्पताल ले गए, लेकिन पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई। वहीं, तीन बच्चे श्री धीवर, पिंटू और हितेश में सामान्य लक्षण दिखाई दिए। उन्हें भी तुरंत जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। प्रशासन मामले की गंभीरता से कर रहा जांच आशंका जताई जा रही है कि, तरबूज में किसी प्रकार का संक्रमण था या वह खराब हो चुका था। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है, जिससे पॉइजनिंग के सही कारणों का पता लगाया जा सके। …………………………….. इससे संबंधित यह खबर भी पढ़िए… गुपचुप खाने से 21 ग्रामीण फूड पॉइजनिंग के शिकार:सारंगढ़ कलेक्टर ने अस्पताल पहुंचकर जाना हाल, बेहतर इलाज के दिए निर्देश सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ग्राम रेड़ा में रविवार शाम गुपचुप खाने से 21 ग्रामीण फूड पॉइजनिंग का शिकार हो गए। उल्टी और अस्वस्थता की शिकायत के बाद सरपंच और परिजनों की मदद से सभी को सारंगढ़ जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। पढ़ें पूरी खबर…
