मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में महिला ने अपने बचपन के प्रेमी और उसके दोस्त के साथ मिलकर दूसरे प्रेमी की हत्या कर दी। आरोपियों ने घर में फैला खून साफ किया। शव के हाथ-पैर बांधकर मुंह पर टेप लगाया। बोरी में पैक कर करीब 200 किमी दूर रायसेन जिले में 40 फीट गहरी खाई में फेंक दिया। रायसेन पुलिस ने रविवार को खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, मृतक की पहचान राजस्थान के भीलवाड़ा निवासी वीरू उर्फ पप्पू जाट (32) के रूप में हुई है। आरोपियों ने उसे 900 किलोमीटर दूर नरसिंहपुर जिले के साईंखेड़ा स्थित घर बुलाया था। यहीं मारा और दूसरे जिले में फेंका, ताकि पुलिस को शक न हो। वारदात से जुड़ी तस्वीरें देखिए… 7 मई को नागिन मोड़ पर मिला था शव रायसेन SP आशुतोष गुप्ता ने बताया कि बाड़ी थाना क्षेत्र में 7 मई को नागिन मोड़ सिरवारा ब्रिज के नीचे सड़ी-गली लाश मिली थी। जांच में सामने आया कि 29 अप्रैल को मास्टरमाइंड रीना किरार ने वीरू को मिलने के बहाने घर बुलाया था। घर में पहले से रीना का बचपन का प्रेमी अरुण पटेल और हरनाम किरार मौजूद थे। वीरू के पहुंचते ही तीनों ने बेसबॉल बैट से उसके सिर पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। गंभीर चोट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। शव को दबाकर बोरी में पैक किया हत्या के बाद आरोपियों ने शव को छोटा दिखाने के लिए दबाकर पैक किया। फिर शव को XUV 700 की डिक्की में रखकर रायसेन जिले के बाड़ी थाना क्षेत्र लाया गया। यहां नागिन मोड़ सिरवारा ब्रिज से करीब 40 फीट नीचे खाई में फेंक दिया, ताकि मामला दूसरे जिले का लगे और पुलिस गुमराह हो जाए। सोशल मीडिया से शुरू हुई थी दोस्ती पुलिस जांच में सामने आया कि साईंखेड़ा निवासी रीना किरार (29) को सोशल मीडिया पर रील बनाने और फोटो अपलोड करने का शौक था। करीब तीन साल पहले राजस्थान के भीलवाड़ा निवासी वीरू जाट ने उसकी तस्वीरों पर लाइक और कमेंट करना शुरू किया। धीरे-धीरे दोनों के बीच फेसबुक और इंस्टाग्राम पर बातचीत बढ़ी और रिश्ता प्रेम संबंध में बदल गया। वीरू कई बार राजस्थान से मध्यप्रदेश आकर रीना से मिलने भी आता था। इसी दौरान रीना का बचपन का प्रेमी अरुण पटेल (30) भी उसके करीब आ गया। रीना को SUV और जेवर दिए थे अरुण रिश्ते में रीना का मौसी का लड़का बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार वह रीना और उसके परिवार का खर्च उठाता था। उसने रीना को महंगी SUV और सोने के जेवर भी दिलाए थे। वीरू का रीना के घर आना-जाना बढ़ने से अरुण नाराज रहने लगा। करीब दो साल पहले इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद भी हुआ था, जो थाने तक पहुंच गया था। इसके बाद अरुण पटेल और रीना किरार ने वीरू जाट को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। तय किया गया कि वीरू को बुलाकर उसकी हत्या कर शव दूसरे जिले में फेंक दिया जाएगा। बच्चे की कॉपी से खुला राज रायसेन SP आशुतोष गुप्ता ने बताया कि फॉरेस्ट गार्ड ने नागिन मोड़ ब्रिज के नीचे संदिग्ध बोरी देखी थी। शव खराब हालत में था, जिससे पहचान करना मुश्किल हो रहा था। घटनास्थल से पुलिस को एक बैग भी मिला, जिसमें मृतक के जूते, कंघी और एक बच्चे की कॉपी रखी थी। पुलिस के अनुसार बच्चे की कॉपी इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने में सबसे बड़ा सुराग बनी। कॉपी में एक शिक्षक की लिखावट मिली थी। इसके आधार पर पुलिस ने साईंखेड़ा क्षेत्र में जांच शुरू की और काफी मशक्कत के बाद लिखावट की पहचान कर ली। उज्जैन से पकड़े गए आरोपी इसके बाद पुलिस उस घर तक पहुंची, जहां यह कॉपी इस्तेमाल होती थी। जांच में घर कई दिनों से बंद मिला, जिससे शक और गहरा गया। पुलिस ने मुखबिर तंत्र सक्रिय किया। आखिरकार उज्जैन से तीनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया। अफेयर और जलन की वजह से मर्डर पुलिस के मुताबिक शुरुआत में आरोपी लगातार गुमराह करते रहे, लेकिन मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ करने पर उन्होंने पूरी साजिश कबूल कर ली। आरोपियों ने स्वीकार किया कि प्रेम संबंधों और जलन के चलते उन्होंने मिलकर वीरू जाट की हत्या की थी। कोर्ट ने तीनों आरोपियों को भेजा जेल पुलिस ने बताया, नरसिंहपुर के गाडरवारा निवासी अरुण पटेल, भीलखेड़ी हरनाम सिंह किरार (34) और निवासी साईंखेड़ा निवासी रीना किरार को गिरफ्तार किया है। इनके पास से बेसबॉल बैट और XUV 700 की जब्ती की गई है। आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से कोर्ट ने जेल भेज दिया है। …………………………………………………. यह खबर भी पढ़ें बालाघाट में शादी के दिन बॉयफ्रेंड को वीडियो कॉल कर बुलाया बालाघाट में 6 मई को हुई तरुण लिल्हारे की मौत की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। यह मामला महज एक हादसा नहीं, बल्कि प्रेम प्रसंग के चलते रची गई हत्या की साजिश का निकला। पुलिस ने इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने हत्या के बाद इसे सड़क दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की थी। पढ़ें पूरी खबर…
