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इंस्टाग्राम पर दोस्ती, फिर युवती से डेढ़ करोड़ की ठगी:क्राइम ब्रांच अफसर बनकर धमकाते रहे आरोपी, अश्लील वीडियो से 5 साल ब्लैकमेल किया

अशोकनगर में सोशल मीडिया पर दोस्ती कर युवती को प्रेमजाल में फंसाने, अश्लील फोटो-वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने और फर्जी क्राइम ब्रांच अधिकारी बनकर करीब 1 करोड़ 30 लाख रुपए की ठगी करने वाले संगठित गिरोह का पुलिस ने रविवार को पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मामले में आदित्य सिंह तोमर, आयुषी चौहान, आकाश चौहान और आर्यन सोनी को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से ठगी की रकम से खरीदे गए सोने-चांदी के जेवर, थार रॉक्स कार, स्कूटी, मोबाइल, लैपटॉप और नकदी बरामद की गई है। रविवार को एसपी राजीव कुमार मिश्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर बताया कि पीड़िता ने परिजनों और समाज के प्रतिष्ठित लोगों के साथ एसपी कार्यालय पहुंचकर दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग और ठगी की शिकायत की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक रवि प्रताप सिंह चौहान के नेतृत्व में विशेष टीम गठित कर जांच शुरू की गई। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि करीब पांच साल पहले, जब पीड़िता नाबालिग थी और कक्षा 12वीं में पढ़ रही थी, तब उसकी पहचान इंस्टाग्राम पर आरोपी आदित्य सिंह तोमर नाम युवक से हुई। आरोपी ने प्रेम संबंध बनाकर शादी और सुनहरे भविष्य का सपना दिखाया। इसके बाद वह युवती को अपने साथी आर्यन सोनी के स्टूडियो बुलाने लगा। आरोपी ने पांच साल ब्लैकमेल किया
आर्यन सोनी इंद्रा पार्क क्षेत्र में “आर्यन टैटू स्टूडियो” संचालित करता है। यहीं पर आरोपियों ने चोरी-छिपे युवती के आपत्तिजनक फोटो और वीडियो बना लिए। बाद में इन्हीं फोटो-वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेलिंग शुरू कर दी गई। आरोपी आदित्य सिंह तोमर ने युवती की इच्छा के विरुद्ध कई बार शारीरिक संबंध बनाए। पिता की मौत के बाद आरोपी ने 5 लाख रुपए की मांग की, जिस पर डर और बदनामी के चलते पीड़िता ने करीब 2 लाख रुपए नकद दे दिए। जब ब्लैकमेलिंग लगातार बढ़ने लगी तो पीड़िता ने अपनी परिचित आयुषी चौहान से मदद मांगी। आयुषी खुद को एस्ट्रोलॉजर बताती थी और ग्रह-नक्षत्र व भविष्यवाणी के नाम पर लोगों को प्रभावित करती थी। उसने पीड़िता को डराया कि उसके जीवन में बड़ी अनहोनी होने वाली है और वह अपने पति आकाश चौहान के साथ उसकी मदद कर सकती है। आयुषी चौहान ने पीड़िता को भरोसा दिलाया कि वह पुलिस अधिकारियों को जानती है और फोटो-वीडियो डिलीट करवा देगी। इसके एवज में पहले डेढ़ लाख रुपए लिए गए। इसके बाद जनवरी 2025 में पीड़िता को अलग-अलग नंबरों से फोन आने लगे। कॉल करने वाले खुद को पुलिस इंस्पेक्टर और क्राइम ब्रांच अधिकारी बताते थे। आरोपी गालियां देकर जेल भेजने, झूठे केस में फंसाने और वीडियो वायरल करने की धमकी देते थे। डर के माहौल में पीड़िता से 10 लाख, फिर 25-25 लाख रुपए की कई किश्तों में उगाही की गई। दीपावली से पहले एक आरोपी ने खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच का वरिष्ठ अधिकारी बताकर 60 लाख रुपए की मांग की। धमकी दी- जिंदगी बर्बाद हो जाएगी
आयुषी चौहान ने पीड़िता को यह कहकर डराया कि यदि पैसे नहीं दिए गए तो उसकी जिंदगी बर्बाद हो जाएगी। इसके बाद 15 अक्टूबर 2025 को पीड़िता को गोल्ड फाइनेंस कंपनी ले जाया गया, जहां करीब 450 ग्राम सोने के आभूषण गिरवी रखकर लगभग 35 लाख रुपए का गोल्ड लोन लिया गया। यह रकम आयुषी चौहान के खाते में जमा कराई गई। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी ठगी की रकम से ऐशो-आराम की जिंदगी जी रहे थे। महंगी गाड़ियां, ब्रांडेड कपड़े और लग्जरी लाइफस्टाइल उनके शौक में शामिल थी। आयुषी चौहान खुद को तांत्रिक और एस्ट्रोलॉजर बताकर लोगों में प्रभाव जमाती थी और ठगी की रकम का कुछ हिस्सा दान-पुण्य में खर्च करती थी, ताकि किसी को उस पर शक न हो। कोतवाली थाना पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य, बैंक खातों और पूछताछ के आधार पर कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के खिलाफ बीएनएस और पॉक्सो एक्ट की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब अन्य सहयोगियों और वित्तीय लेनदेन की जांच में जुटी है। कार्रवाई में थाना प्रभारी रवि प्रताप सिंह चौहान, उप निरीक्षक मसीह खान, सहायक उप निरीक्षक विनोद तिवारी, प्रधान आरक्षक नवल किशोर शर्मा, आरक्षक रविंद्र और आरक्षक हरिमोहन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। एसपी राजीव कुमार मिश्रा ने टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की है।

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