अमेरिका की प्रथम महिला मेलानिया ट्रम्प ने टीवी होस्ट जिमी किमेल पर परिवार को लेकर विवादित मजाक करने का आरोप लगाते हुए ABC नेटवर्क से कार्रवाई की मांग की है। मेलानिया ने कहा कि किमेल का बयान नफरत फैलाने वाला और हिंसक सोच को बढ़ावा देने वाला है। विवाद की शुरुआत उस समय हुई जब व्हाइट हाउस कॉरेस्पॉन्डेंट्स डिनर से पहले अपने शो में जिमी किमेल ने मेलानिया ट्रम्प पर टिप्पणी करते हुए उन्हें “expectant widow” (होने वाली विधवा) कहा। इस बयान के बाद ट्रम्प समर्थकों ने नाराजगी जताई। मेलानिया ट्रम्प ने X पर पोस्ट कर कहा कि यह कॉमेडी नहीं, बल्कि जहरीली राजनीति है। उन्होंने सवाल उठाया कि ABC प्रबंधन कब तक ऐसे व्यवहार को सहन करेगा। उन्होंने नेटवर्क से सख्त कदम उठाने की मांग की। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी जिमी किमेल की आलोचना करते हुए कहा कि उनकी टिप्पणी हिंसा को बढ़ावा देने जैसी है। उन्होंने ABC और डिज्नी से किमेल को तुरंत हटाने की मांग की। शनिवार रात व्हाइट हाउस कॉरेस्पॉन्डेंट्स डिनर के दौरान फायरिंग की घटना के बाद यह विवाद और बढ़ गया। सुरक्षा एजेंसियों ने ट्रम्प और मेलानिया को सुरक्षित बाहर निकाला। बाद में सोशल मीडिया पर किमेल की पुरानी क्लिप वायरल हुई। पुलिस ने 31 वर्षीय संदिग्ध कोल टोमस एलन को गिरफ्तार किया है। उस पर राष्ट्रपति की हत्या के प्रयास और हथियार रखने से जुड़े आरोप लगाए गए हैं। जिमी किमेल पहले भी राजनीतिक टिप्पणियों को लेकर विवादों में रहे हैं। पिछले साल भी उनके बयान पर विरोध हुआ था। अंतरराष्ट्रीय मामले से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… कनाडा में अमेरिका पर निर्भरता कम करने की तैयारी, लोगों के पैसे से बनेगा मेगा फंड कनाडा अब अपना पैसा खुद के बड़े प्रोजेक्ट्स में लगाएगा, ताकि उसे अमेरिका पर कम निर्भर रहना पड़े और लोगों को सीधे फायदा मिल सके। प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने सोमवार को इसकी जानकारी दी।
इस फंड को सॉवरेन वेल्थ फंड कहा जाता है। यह एक बड़ा निवेश फंड होता है, जिसमें पैसा जमा करके देश के अंदर बड़े प्रोजेक्ट्स में लगाया जाता है। यह फंड कनाडा के इंफ्रास्ट्रक्चर यानी पाइपलाइन, बंदरगाह, न्यूक्लियर ऊर्जा प्रोजेक्ट और तेज रफ्तार ट्रेन (हाई-स्पीड रेल) जैसे बड़े कामों में निवेश करेगा।
सरकार का कहना है कि इस फंड को एक प्राइवेट कंपनी की तरह चलाया जाएगा, और आम लोग भी इसमें पैसा लगा सकेंगे। मार्क कार्नी ने कहा कि यह सिर्फ सरकार का फंड नहीं होगा, बल्कि लोगों का फंड होगा, यानी आम कनाडाई भी इससे फायदा कमा सकेंगे।
उन्होंने बताया कि कई देशों, खासकर तेल से अमीर देशों जैसे नॉर्वे में पहले से ऐसे फंड हैं, लेकिन कनाडा में अब तक ऐसा कोई फंड नहीं था। कार्नी ने कहा कि यह कदम इसलिए उठाया जा रहा है इंडोनेशिया की राजधानी के पास ट्रेनों की टक्कर, 14 की मौत 80 से अधिक घायल इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता के पास बेकासी रेलवे स्टेशन पर सोमवार देर रात दो ट्रेनों की भीषण टक्कर में 14 लोगों की मौत हो गई, जबकि 84 लोग घायल हुए हैं। कई यात्री ट्रेन के डिब्बों में फंसे रहे, जिन्हें निकालने के लिए मंगलवार सुबह तक राहत और बचाव अभियान जारी रहा। राज्य संचालित रेलवे कंपनी KAI ने बताया कि मंगलवार सुबह 8:45 बजे तक 14 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। शुरुआती रिपोर्ट में 5 मौतें बताई गई थीं, लेकिन बाद में संख्या बढ़ गई। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। अधिकारियों ने बताया कि हादसे में दूसरी ट्रेन में सवार सभी 240 यात्री सुरक्षित हैं। हादसा बेकासी स्टेशन पर कम्यूटर लाइन ट्रेन और लंबी दूरी की अर्गो ब्रोमो अंगग्रेक ट्रेन के बीच हुआ। यह ट्रेन जकार्ता और सुरबाया के बीच चलने वाली प्रमुख रेल सेवा मानी जाती है। राष्ट्रीय सर्च एंड रेस्क्यू एजेंसी के मुताबिक कई यात्री क्षतिग्रस्त डिब्बों में फंसे थे। सीमित जगह और डिब्बों के बुरी तरह टूट जाने से राहत कार्य में परेशानी आई। बचाव दल मेटल काटने वाली मशीनों से डिब्बे खोलकर लोगों को बाहर निकाल रहा है। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक शुरुआती जांच में सामने आया है कि एक टैक्सी ने लेवल क्रॉसिंग पर कम्यूटर ट्रेन को छू लिया था। इसके बाद ट्रेन ट्रैक पर रुक गई और पीछे से आ रही लंबी दूरी की ट्रेन उससे टकरा गई। इंडोनेशिया में रेल हादसे पहले भी हो चुके हैं। 2010 में सेंट्रल जावा में दो ट्रेनों की टक्कर में 36 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 2015 में वेस्ट जावा में ट्रेन और मिनीबस की भिड़ंत में 18 लोग मारे गए थे। इस्लामिक स्टेट के आतंकियों का नाइजीरिया के गांव पर हमला, 29 लोगों की मौत इस्लामिक स्टेट समूह के आतंकियों ने रविवार रात पूर्वोत्तर नाइजीरिया के एक गांव पर हमला किया, जिसमें कम से कम 29 लोगों की मौत हो गई। राज्य के गवर्नर के अनुसार, यह हमला रविवार देर रात नाइजीरिया के अदामावा राज्य के गोम्बी स्थानीय सरकारी क्षेत्र में स्थित गुयाकू गांव में हुआ। इस्लामिक स्टेट ने टेलीग्राम मैसेजिंग ऐप पर एक संदेश जारी कर इस हमले की जिम्मेदारी ली। अदामावा राज्य के गवर्नर अहमदु उमरू फितिरी ने सोमवार को गांव का दौरा करते हुए इस हमले की निंदा की। AI फ्रॉड से बचने टेलर स्विफ्ट ने आवाज और तस्वीर को ट्रेडमार्क कराने का आवेदन किया पॉप सुपरस्टार टेलर स्विफ्ट ने AI के जरिए हो रही फर्जी नकल से बचने के लिए अपनी आवाज और तस्वीर को ट्रेडमार्क कराने का आवेदन किया है। उन्होंने अमेरिका में तीन अलग-अलग ट्रेडमार्क फाइल किए हैं, जिनमें एक स्टेज फोटो और दो ऑडियो क्लिप शामिल हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक आवेदन उनकी स्टेज परफॉर्मेंस वाली तस्वीर के लिए है, जिसमें वह गुलाबी गिटार पकड़े नजर आती हैं। उन्होंने बहुरंगी चमकदार बॉडीसूट और सिल्वर बूट्स पहन रखे हैं। यह फोटो पहले Disney+ पर आई Eras Tour फिल्म के प्रमोशन में भी इस्तेमाल की जा चुकी है। इसके अलावा दो आवेदन उनकी आवाज के लिए हैं, जिनमें वह “हे, इट्स टेलर” और “हे, इट्स टेलर स्विफ्ट” कहती सुनाई देती हैं। ये क्लिप्स स्पॉटिफाइ और अमेजन मुयूजिक पर उनके एल्बम ‘द लाइफ ऑफ अ शोगर्ल’ के प्रमोशन में इस्तेमाल किए गए थे। हाल के वर्षों में AI से टेलर स्विफ्ट की फर्जी तस्वीरें और नकली ऑडियो सामने आ चुके हैं। एक फर्जी चुनावी विज्ञापन में उन्हें डोनाल्ड ट्रम्प के समर्थन में वोट मांगते दिखाया गया था, जबकि उनकी आपत्तिजनक नकली तस्वीरें भी वायरल हुई थीं। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रेडमार्क रजिस्ट्रेशन से केवल असली कंटेंट ही नहीं, बल्कि उससे मिलती-जुलती नकली AI सामग्री के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई आसान हो सकती है। इस साल अभिनेता मैथ्यू मैककोनहे भी अपनी आवाज और छवि की सुरक्षा के लिए इसी तरह ट्रेडमार्क नियमों का सहारा ले चुके हैं। AI के दौर में अब सेलिब्रिटीज अपनी पहचान बचाने के लिए नए कानूनी रास्ते तलाश रहे हैं। ब्रिटेन के किंग चार्ल्स, क्वीन कैमिला अमेरिका के राजकीय दौरे पर ब्रिटेन के किंग चार्ल्स तृतीय और क्वीन कैमिला चार दिन के राजकीय दौरे पर अमेरिका पहुंच गए हैं। 2007 में क्वीन एलिजाबेथ द्वितीय की यात्रा के बाद यह किसी ब्रिटिश सम्राट का पहला अमेरिकी स्टेट विजिट है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और मेलानिया ट्रंप ने व्हाइट हाउस में शाही दंपती का स्वागत किया। किंग चार्ल्स मंगलवार को अमेरिकी कांग्रेस के दोनों सदनों को संबोधित करेंगे। माना जा रहा है कि वे हालिया गोलीबारी की घटना पर संवेदना जताएंगे और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए देशों से एकजुट रहने का आह्वान करेंगे। उनके भाषण में यह संदेश हो सकता है कि मतभेदों के बावजूद ब्रिटेन और अमेरिका ने हर चुनौती में साथ आने का रास्ता निकाला है। वे अमेरिका-ब्रिटेन साझेदारी के नवीनीकरण, सहिष्णुता, स्वतंत्रता और समानता जैसे साझा मूल्यों पर जोर देंगे। व्हाइट हाउस में किंग चार्ल्स और क्वीन कैमिला को बगीचे में नया मधुमक्खी छत्ता भी दिखाया गया, जिसे व्हाइट हाउस के आकार में तैयार किया गया है। किंग चार्ल्स पर्यावरण और मधुमक्खी संरक्षण के समर्थक रहे हैं। इसके बाद दोनों ब्रिटिश दूतावास पहुंचे, जहां 600 से ज्यादा मेहमानों के लिए गार्डन पार्टी रखी गई। इसमें राजनीति, विज्ञान, सेना और सामाजिक संस्थाओं से जुड़े लोग शामिल हुए। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब हाल के महीनों में अमेरिका और ब्रिटेन के रिश्तों में कुछ तनाव भी देखने को मिला था। इसके बावजूद दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने की कोशिश जारी है। पाक पंजाब में बाल विवाह पर सख्ती: 18 साल से कम शादी अपराध, 3 साल जेल और 5 लाख जुर्माना पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की विधानसभा ने बाल विवाह के खिलाफ एक अध्यादेश को बहुमत से पारित कर दिया है। नए कानून के तहत 18 साल से कम उम्र में शादी करना या करवाना संज्ञेय अपराध होगा। बिल के अनुसार, यदि 18 साल से अधिक उम्र का कोई व्यक्ति किसी बच्चे से शादी करता पाया गया, तो उसे कम से कम 2 साल और अधिकतम 3 साल तक कठोर कारावास की सजा हो सकती है। साथ ही उस पर 5 लाख पाकिस्तानी रुपए तक जुर्माना लगाया जा सकेगा। कानून में माता-पिता, अभिभावकों और उन लोगों पर भी कार्रवाई का प्रावधान किया गया है, जो बाल विवाह को बढ़ावा दें, उसकी अनुमति दें या उसे रोकने में विफल रहें। ऐसे मामलों में भी 2 से 3 साल तक जेल और 5 लाख रुपए तक जुर्माना हो सकता है। सरकार ने कहा है कि कानून के प्रभावी पालन के लिए जागरूकता अभियान और सख्त निगरानी व्यवस्था भी शुरू की जाएगी। इराक में कारोबारी अली अल-ज़ैदी नए प्रधानमंत्री नामित, 30 दिन में बनानी होगी कैबिनेट इराक के राष्ट्रपति निजार अमेदी ने सोमवार को कारोबारी अली अल-ज़ैदी को प्रधानमंत्री-नामित घोषित कर नई सरकार बनाने की जिम्मेदारी सौंपी। कई महीनों से जारी राजनीतिक गतिरोध के बाद यह फैसला लिया गया है। अब अल-ज़ैदी को 30 दिनों के भीतर मंत्रिमंडल बनाकर संसद से मंजूरी लेनी होगी। राष्ट्रपति अमेदी ने कहा कि संवैधानिक प्रक्रिया में अब और देरी संभव नहीं थी। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे नए उम्मीदवार का समर्थन करें, ताकि सरकार गठन की प्रक्रिया जल्द पूरी हो सके। अली अल-ज़ैदी का नाम शिया दलों के गठबंधन कोऑर्डिनेशन फ्रेमवर्क ने आगे बढ़ाया। यह वही गठबंधन है, जिसने पहले पूर्व प्रधानमंत्री नूरी कमाल अल-मलिकी को उम्मीदवार बनाया था। इराक में सरकार गठन पर अमेरिका और ईरान, दोनों की नजरें थीं। नवंबर चुनाव के बाद राजनीतिक अस्थिरता बनी हुई थी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पहले संकेत दिया था कि यदि मलिकी फिर प्रधानमंत्री बने तो अमेरिका समर्थन वापस ले सकता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, हाल के दिनों में अमेरिका ने इराक की सुरक्षा एजेंसियों को सहयोग और डॉलर आपूर्ति पर रोक लगा दी थी। इसे इराक पर बढ़ते दबाव के रूप में देखा गया। अली अल-ज़ैदी कारोबारी पृष्ठभूमि से आते हैं और वित्त तथा मीडिया क्षेत्र से जुड़े रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे सभी पक्षों को साथ लेकर ऐसी सरकार बनाएंगे जो इराकी जनता की जरूरतें पूरी करे।
