बैतूल के शाहपुर थाना क्षेत्र में 8 साल के बच्चे ने खेलते समय लगभग 2 इंच लंबा लोहे का कील निगल लिया। जांच में कील के पेट में होने की पुष्टि हुई, जिसके बाद उसे बेहतर उपचार के लिए भोपाल के हमीदिया अस्पताल रेफर किया गया है। बालक की हालत फिलहाल सामान्य बताई जा रही है। एक्सरे में कील पेट में फंसी दिख रही है। जानकारी के अनुसार, ग्राम सिलपटी निवासी लेखराज चौहरे के 8 वर्षीय पुत्र देवेश चौहरे ने कील निगला। देवेश दूसरी क्लास में पढ़ता है, देवेश के पिता लेखराज चौहरे राजमिस्त्री हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से हमीदिया रेफर
गुरुवार रात लगभग 9 बजे देवेश घर में लोहे के कील से खेल रहा था। खेलते समय कील उसके मुंह के रास्ते पेट में चला गया। कुछ देर बाद उसे उल्टी हुई, जिससे परिजनों को लगा कि कील बाहर निकल गया होगा। एहतियात के तौर पर उसे शाहपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। शाहपुर अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल बैतूल भेजा गया। बैतूल में एक्स-रे जांच के दौरान पेट में लगभग 2 इंच लंबा लोहे का कील होने की पुष्टि हुई। इसके बाद डॉक्टरों ने विशेषज्ञ उपचार के लिए बालक को भोपाल के हमीदिया अस्पताल रेफर कर दिया। हमीदिया में होगा इलाज
हमीदिया अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सक बालक का उपचार तय करेंगे। चिकित्सकों के अनुसार, पेट में पहुंची नुकीली धातु की वस्तु का उपचार उसकी स्थिति और स्थान पर निर्भर करता है। विशेषज्ञ डॉक्टर पहले एक्स-रे और अन्य आवश्यक जांच करेंगे ताकि कील की सटीक स्थिति का पता चल सके। यदि कील के प्राकृतिक रूप से बाहर निकलने की संभावना होगी, तो डॉक्टर निगरानी में रखकर उपचार करेंगे। यदि कील से आंत या अन्य अंगों को नुकसान पहुंचने का खतरा हुआ या वह फंस गई, तो एंडोस्कोपी या आवश्यकता पड़ने पर सर्जरी के माध्यम से उसे निकाला जा सकता है। बच्चे की स्थिति स्थिर होने के कारण डॉक्टर लगातार उसकी निगरानी कर रहे हैं।
