मध्य प्रदेश के छतरपुर में एक दंपती ने आरोप लगाया कि उनके घर में चोरी हुई थी, लेकिन पुलिस ने पूरा सामान बरामद नहीं किया। सोना और बर्तन नहीं मिले। सागर रेंज के आईजी इरशाद वली से शिकायत करने पहुंचे तो पुलिस ने पति-पत्नी से मारपीट की। दंपती ने एनकाउंटर की आशंका जताई है। पति ने बताया कि पुलिसकर्मियों ने उसकी पत्नी से छेड़छाड़ की। मोबाइल में मारपीट की रिकॉर्डिंग है। गाड़ी में मारपीट के बाद तबीयत बिगड़ी और उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। वह अस्पताल में भर्ती हैं और चोट की वजह से चल भी नहीं पा रहे हैं। दंपती के मुताबिक, चोरी के मामले में 227 ग्राम सोना और 2 किलो चांदी की पूरी बरामदगी नहीं हुई है। वे इसके लिए 150 से ज्यादा आवेदन दे चुके हैं। पति ने एनकाउंटर की आशंका जताते हुए वरिष्ठ स्तर पर जांच और पूरी बरामदगी की मांग की है। आईजी से मिलने पहुंचे थे दंपती, थाने में विवाद के बाद कार्रवाई का आरोप दंपती के मुताबिक, सोमवार देर शाम वे सागर रेंज के आईजी इरशाद वली से मिलने छतरपुर पहुंचे थे। पहले पुलिस कंट्रोल रूम गए। वहां से सिविल लाइन थाने पहुंचे। पुलिस अधिकारियों से बातचीत के दौरान विवाद हुआ। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने पति को गाड़ी में बंद कर मारपीट की। पति ने बताया कि मारपीट में पुलिसकर्मियों के साथ अन्य लोग भी शामिल थे। उनके पैर काम नहीं कर रहे हैं और हाथ-पैर सुन्न हो गए हैं। तबीयत खराब होने के बावजूद डॉक्टर से इलाज कराने से मना किया गया। पत्नी ने भी कहा कि पति की हालत खराब होने के बावजूद तत्काल इलाज मिलने में परेशानी हुई। पत्नी से छेड़छाड़ का आरोप पत्नी ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उसके साथ भी मारपीट की और बाद में उसके खिलाफ ही कार्रवाई की। पुलिस ने उससे छेड़छाड़ की और प्राइवेट पार्ट्स पर हाथ लगाया। उन्होंने कहा कि जिस गाड़ी में मारपीट की गई, उसमें एक भी महिला पुलिसकर्मी नहीं थी। पति ने दावा किया कि घटना की रिकॉर्डिंग मोबाइल में मौजूद है, लेकिन पुलिस मोबाइल तोड़ रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने मोबाइल छीन लिया है, इसलिए वीडियो अब उनके पास नहीं है। 2 लाख रुपए लेने का भी आरोप दंपती ने आरोप लगाया कि चोरी के मामले में पुलिस ने एक संदिग्ध से 2 लाख रुपए लिए और उसे छोड़ दिया। इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। उनका कहना है कि चोरी के सामान की पूरी बरामदगी और मामले की निष्पक्ष जांच के लिए उन्होंने अधिकारियों को 150 से ज्यादा आवेदन दिए हैं। धारा 151 में जेल भेजने का आरोप दंपती के अनुसार, मारपीट के बाद पुलिस ने पति के खिलाफ धारा 151 के तहत कार्रवाई की और उन्हें जेल भेज दिया। पहले मारपीट की गई, फिर पुलिस ने उनके खिलाफ ही कार्रवाई कर दी। धारा 151 में कार्रवाई का आधार और गिरफ्तारी के बाद की पूरी प्रक्रिया की जानकारी पुलिस के पक्ष से स्पष्ट होना बाकी है। मामले में सिविल लाइन थाना प्रभारी सतीश सिंह धुर्वे से प्रतिक्रिया लेने का प्रयास किया गया, लेकिन जवाब नहीं मिला। पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है। दंपती के मारपीट, छेड़छाड़, मोबाइल छीनने, 2 लाख रुपए लेने और एनकाउंटर की आशंका जैसे आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
