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6 स्वरूपों में निकली महाकाल की सवारी, 7KM में भीड़:सिंधिया ने किया पालकी पूजन, 8 ड्रोन से पुष्पवर्षा; 70 भजन मंडलियां शामिल

उज्जैन में भादौ के दूसरे सोमवार पर बाबा महाकाल प्रजा का हाल जानने राजसी सवारी पर निकले। करीब 7 किलोमीटर लंबे सवारी मार्ग पर बाबा के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। शिप्रा नदी के रामघाट पर पूजा-अर्चना के बाद सवारी वापस महाकाल मंदिर पहुंच गई। सवारी में बाबा महाकाल के 6 स्वरूप शामिल रहे। रजत पालकी में श्री चंद्रमौलेश्वर, हाथी पर मनमहेश, गरुड़ रथ पर शिवतांडव और नंदी रथ पर उमामहेश विराजमान रहे। दो अलग-अलग रथों पर होल्कर स्टेट का मुखारबिंद और सप्तधान मुखारबिंद भी शामिल रहे। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने गोपाल मंदिर के पास विधि-विधान से पालकी पूजन किया। मंदिर से सवारी निकलने के बाद सशस्त्र बल की टुकड़ी ने भगवान महाकाल को गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इसके बाद सवारी पर 8 ड्रोन से पुष्पवर्षा की गई। शिप्रा घाट और गोपाल मंदिर पर भी पुष्पवर्षा की व्यवस्था रही। देखिए, तस्वीरें… सवारी में 70 भजन मंडलियां शामिल रहीं सवारी में करीब 70 भजन मंडलियां शामिल रहीं। कोयंबटूर से ईशा फाउंडेशन का विशेष बैंड भी सवारी का हिस्सा बना। सांवरिया सेठ, तिरुपति बालाजी, राधा-कृष्ण समेत अलग-अलग धार्मिक स्वरूपों में सजे भक्त और विभिन्न वेशभूषा में शामिल युवतियां आकर्षण का केंद्र रहीं। फॉगिंग मशीन से पानी की फुहारें छोड़ी सवारी मार्ग पर गर्मी और उमस से राहत देने के लिए फॉगिंग मशीन से पानी की फुहार की गई। श्रद्धालुओं की पुष्पवर्षा के बाद नगर निगम की टीम लगातार मार्ग की सफाई करती रही। मुस्लिम समाज के लोगों ने भी मंच से फूल बरसाकर बाबा महाकाल की सवारी का स्वागत किया। 2 हजार पुलिसकर्मी रहे तैनात सवारी की सुरक्षा में करीब 2 हजार पुलिसकर्मी तैनात रहे। एसपी प्रदीप शर्मा ने तीन दिन तक सवारी मार्ग का निरीक्षण कर संवेदनशील पॉइंट चिन्हित किए थे। पुलिस के 5 ड्रोन से पूरे मार्ग की निगरानी की गई। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया। भीड़ के बावजूद महाकाल मंदिर क्षेत्र में जाम की स्थिति नहीं बनी। महिला हुई बेहोश, पुलिसकर्मी ने एंबुलेंस तक पहुंचाया महाकाल की सवारी के दौरान एक बुजुर्ग महिला भजन मंडली में बेहोश होकर गिर गई थी। पुलिसकर्मियों ने उसे गोद में उठाकर एंबुलेंस तक पहुंचाया, जहां उसे उपचार के लिए ले जाया गया। 8 घंटे तक आकाशवाणी से लाइव प्रसारण आकाशवाणी, उज्जैन ने दोपहर 2 बजे से महाकाल की राजसी सवारी का लगातार 8 घंटे लाइव प्रसारण किया। इसे वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज कराने के लिए नामांकित भी किया गया है। सवारी के मिनट टु मिनट अपडेट्स के लिए नीचे दिए ब्लॉग से जरूर गुजर जाइए…

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