मोहन कैबिनेट की बैठक में मंगलवार को मध्य प्रदेश आतंकवादी एवं उच्छेदक गतिविधियां और संगठित अपराध नियंत्रण विधेयक, 2010 को वापस लेने का अनुमोदन किया गया। इसके साथ ही बैठक में खरीफ 2020 में खरीदी गई धान की मिलिंग से शेष बची 7.73 लाख मीट्रिक टन धान के ई-ऑक्शन के निराकरण पर चर्चा कर स्वीकृति दी गई। साथ ही भारतीय वन सेवा के अंतर्गत प्रधान मुख्य वन संरक्षक स्तर के एक पद के सृजन को मंजूरी मिली है। कैबिनेट ने कुल 53 हजार करोड़ रुपए की योजनाओं को 2031 तक जारी रखने को मंजूरी दी है। एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि बैठक में कुल 21 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग की 26,311 करोड़ रुपए की पांच परियोजनाओं को जारी रखने पर सहमति बनी है। साथ ही शाजापुर जिले की लखुंदर सिंचाई परियोजना को मंजूरी दी गई है, जिससे उज्जैन और शाजापुर जिले में 9 हजार हेक्टेयर भूमि की सिंचाई हो सकेगी। कैबिनेट के अन्य फैसलों में कर्मचारियों और अधिकारियों को कोर्ट के निर्णय के बाद पेंशन व वेतनमान देने, साथ ही सोलहवें वित्त आयोग से कराए जाने वाले कार्यों की मंजूरी भी शामिल है। कैबिनेट में इन प्रस्तावों को मिली मंजूरी लोक निर्माण विभाग की इन योजनाओं को जारी रखने की स्वीकृति ये प्रस्ताव भी हुए मंजूर
