सतना जिले से विकास के दावों की पोल खोलती तस्वीर सामने आई है। दरअसल, कोठी तहसील की गौरैया ग्राम पंचायत के रामपुरा गांव में सड़क बदहाल है। शनिवार को पैरालिसिस से पीड़ित एक बुजुर्ग महिला की तबीयत बिगड़ गई। उन्हें अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस तक नहीं आ सकी। मजबूरन परिजन और ग्रामीणों ने उन्हें खाट (चारपाई) पर लिटाया और घुटने भर कीचड़ के बीच डेढ़ किलोमीटर पैदल चलकर मुख्य सड़क तक पहुंचाया। खास बात यह है कि यह बदहाल गांव नगरीय विकास राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी के विधानसभा क्षेत्र में आता है। देखिए तस्वीरें बरसात में गांव तक नहीं पहुंच पाते वाहन ग्रामीणों के मुताबिक, करीब 100 घरों वाले रामपुरा गांव को मुख्य सड़क से जोड़ने वाली डेढ़ किलोमीटर लंबी सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। बारिश के दौरान रास्ते में कीचड़ और फिसलन इतनी बढ़ जाती है कि एंबुलेंस और अन्य वाहन गांव तक नहीं पहुंच पाते। ऐसे में बीमार, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाओं को चारपाई या कंधों के सहारे मुख्य सड़क तक ले जाना ग्रामीणों की मजबूरी बन जाती है। 20 साल पहले बनी थी सड़क, फिर नहीं हुई मरम्मत ग्रामीण दुर्गेश त्रिवेदी ने बताया कि करीब 20 साल पहले लोक निर्माण विभाग ने यहां डब्ल्यूबीएम सड़क बनाई थी। इसके बाद सड़क की कभी मरम्मत नहीं कराई गई। समय के साथ सड़क पूरी तरह उखड़ गई और अब कच्चे रास्ते में तब्दील हो चुकी है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण कई बार सरपंच, सचिव और जनप्रतिनिधियों से सड़क निर्माण की मांग कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। हर बारिश में टूट जाता है संपर्क ग्रामीणों का कहना है कि बारिश शुरू होते ही गांव का मुख्य सड़क से संपर्क प्रभावित हो जाता है। आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचाना सबसे बड़ी चुनौती बन जाता है। उनका कहना है कि यदि जल्द पक्की सड़क नहीं बनी तो भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता। घटना का वीडियो सामने आने के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से रामपुरा गांव तक पक्की सड़क का निर्माण जल्द शुरू कराने की मांग की है।
