छत्तीसगढ़ के मेडिकल कॉलेजों में करियर काउंसलिंग एजेंसियां 1.5 करोड़ में नॉन-रेजिडेंट इंडियन (NRI) कोटे में MBBS की सीट दिलाने का दावा कर रही हैं। हालात ये है कि यूपी, बिहार, महाराष्ट्र, एमपी, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश से छत्तीसगढ़ में करियर और एडमिशन काउंसलिंग के नाम पर फर्जी डिग्रियों का कारोबार चलाया जा रहा है। मेडिकल कॉलेजों में सीट और डिग्री की सौदेबाजी का खुलासा हुआ है। दैनिक भास्कर ने पड़ताल के लिए जब इन एजेंसियों के नंबरों पर संपर्क किया तो कई हैरान करने वाली बातें सामने आईं। यहां तक कि लखनऊ की ओम कंसल्टेंसी ने हमें बैक डेट में बैचलर ऑफ फिजियोथेरेपी की डिग्री का सैंपल भी भेज दिया। जिसका रेट 1.60 लाख रुपए बताया। इतना ही नहीं, यदि छात्र का कोई सगा संबंधी विदेश में न हो तो भी सवा से डेढ़ करोड़ में NRI कोटे में छत्तीसगढ़ या अन्य राज्यों के निजी मेडिकल कॉलेज में एडमिशन दिलाने की बात कही जा रही है।इसके ऐवज में डेढ़ से 2 लाख रुपए तक का कमीशन लिया जा रहा है। दुबई से स्पांसरशिप दिलाने की बात तक कही जा रही है। मेडिकल एजुकेशन में चल रही गड़बड़ियों को लेकर भास्कर टीम पिछले 2 महीनों से लगातार पड़ताल कर रही है। इस दौरान सोशल मीडिया, वॉट्सएपग्रुप्स और कुछ अभिभावकों के जरिए हमने विभिन्न एजेंसियों के नंबरों पर संपर्क किया। ये एजेंसियां छत्तीसगढ़ में अपना एजेंट होने का दावा कर रही हैं। प्रदेश में इस तरह की कई एजेंसियां चल रही हैं। कांउसिल का रजिस्ट्रेशन, असली डॉक्यूमेंट बनाने का भी दावा पड़ताल में सामने आया कि NRI सीट के लिए सौदेबाजी कर फर्जी डॉक्यूमेंट बनाने का दावा करते हैं। अगर आपका कोई रिश्तेदार विदेश में न हो तो भी एजेंट लोग स्पासंरशिप या नकली रिश्तेदारी के जरिए एडमिशन दिलवाने का भरोसा दिलाते हैं। यही नहीं, सोशल मीडिया पर छत्तीसगढ़ में एमबीबीएस सीट दिलाने के नाम पर विज्ञापन तक चलाए जा रहे हैं। जिसमें किसी भी कॉलेज में सीट दिलाने का दावा किया जा रहा है। इसकी एवज में एजेंट लाखों रुपए की फीस भी ले रहे हैं। हालांकि, कुछ एजेंसियों ने हमें सलाह भी दी कि एनआरआई कोटे की जगह हम राजस्थान, महाराष्ट्र या डीम्ड यूनिवर्सिटी में एडमिशन के ऑप्शन पर गौर करें। इसके लिए भी उन्होंने सवा से डेढ़ करोड़ तक की फीस का अनुमान बताया। कुछ एजेंसियो ने सलाह दी कि एनआरआई कोटे में एडमिशन के नियम बदल गए हैं। चैट में दावा- छत्तीसगढ़ काउंसिल का रजिस्ट्रेशन भी करवा देंगे एजेंट ने बताया कि, एडमिशन के लिए 15 हजार रुपए एडवांस देने होंगे। बातचीत के दौरान एजेंट ने हमें बैक डेट में बनवाई गई बीपीटी की मार्कशीट के सैंपल भी भेजे। कहा कि इस तरह हमें केवल 1 लाख 60 हजार देने के बाद 3 महीने में कर्नाटक की यूनिवर्सिटी की डिग्री मिल जाएगी। उनकी एजेंसी छत्तीसगढ़ काउंसलिंग का रजिस्ट्रेशन भी करवा देगी। ………………………… इससे संबंधित यह खबर भी पढ़िए… 35 लाख में MBBS, बिना ट्रेनिंग डॉक्टर बनाने का दावा: एजेंट बोले- साल में एक बार परीक्षा देने जाना होगा; 100+ सेंटरों पर डिग्री शॉर्टकट रायपुर में विदेश से MBBS और दूसरे राज्यों से हेल्थकेयर कोर्स की डिग्री दिलाने के नाम पर एजेंसियों का नेटवर्क एक्टिव है। दैनिक भास्कर की पड़ताल में एजेंटों ने बिना कॉलेज गए MBBS, नर्सिंग, फिजियोथेरेपी, फार्मेसी और पैरामेडिकल कोर्स की डिग्री दिलाने का दावा किया। पढ़ें पूरी खबर…
