मुनज नामदेव/सुमित कुमार चौबे की रिपोर्ट उल्दन बांध परियोजना के विस्थापितों को बसाने के नाम पर बंडा क्षेत्र में हाईवे किनारे मनमर्जी से अवैध प्लाटिंग का सनसनीखेज मामला सामने आया है। सलैया खुर्द गांव को चुपचाप खाली कराने के लिए बहरोल पंचायत के सरपंच बसंत लोधी और सचिव राममिलन चढ़ार ने बिना किसी प्रशासनिक अनुमति या वैधानिक कागजात के हाईवे किनारे सरकारी जमीन पर 1200-1200 वर्गफीट के 58 प्लॉट काट दिए। मुनज नामदेव व सुमित कुमार चौबे की पड़ताल में खुलासा हुआ कि सचिव ने पटवारी देवेंद्र जाटव द्वारा दी गई एक सूची के आधार पर विस्थापितों को मौके पर ले जाकर, फोटो खींचकर सीधे कब्ज़े सौंप दिए। हाईवे किनारे सरकारी जमीन पर बिना किसी ले-आउट या टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (TNCP) की मंजूरी के इस तरह मनमर्जी से की गई प्लाटिंग ने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बहरोल के पास इस तरह के कोई प्लॉट लोगों को नहीं दिए गए हैं। अगर लोग वहां प्लॉट बनाकर टूटे मकानों का मटेरियल रख रहे हैं, तो मैं इसे दिखवाती हूं। सलैया खुर्द गांव के लोगों को पनारी में प्लॉट आवंटित किए गए हैं। किसी दूसरे स्थान पर प्लॉट देने का सवाल ही नहीं उठता। – आरती यादव, एसडीएम, बंडा
