मध्यप्रदेश में प्रशासनिक सर्जरी की तैयारी के बीच पांढुर्णा के एसपी प्रकाश चंद्र परिहार को हटा दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पांढुर्णा दौरे के दो दिन बाद मंगलवार देर रात यह आदेश जारी हुआ। 4 अक्टूबर को CM के लौटते समय किसानों ने उनका काफिला रोक लिया था। अब सरकार जल्द करीब 50 IAS-IPS अफसरों के तबादले की तैयारी में है। इनमें कुछ कलेक्टर और एसपी भी शामिल रहेंगे। सूखी फसलें लेकर सीएम से मिले थे किसान 4 अक्टूबर को पांढुर्णा पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को लौटते समय किसानों के विरोध का सामना करना पड़ा था। किसानों ने सूखी और मुरझाई फसलें हाथों में लेकर CM का काफिला रोक लिया था। किसानों ने जिले को तत्काल सूखाग्रस्त घोषित करने और कृषि कर्ज माफ करने की मांग की थी। स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री गाड़ी से नीचे उतरे और किसानों की समस्याएं सुनी थीं। पांढुर्णा एसपी प्रकाश चंद्र परिहार के तबादले को इस घटना में हुई लापरवाही से जोड़कर देखा जा रहा है। परिहार PHQ भेजे गए, विदिता पांढुर्णा की नई एसपी गृह विभाग से मंगलवार रात जारी आदेश में पांढुर्णा एसपी प्रकाश सिंह परिहार को हटाकर PHQ में AIG पदस्थ किया गया है। उनकी जगह सेनानी दूसरी वाहिनी SAF ग्वालियर विदिता धनखड़ को पुलिस अधीक्षक पांढुर्णा पदस्थ किया गया है। इसी आदेश में श्रुतकीर्ति सोमवंशी, IPS 2018, सेनानी 13वीं वाहिनी SAF ग्वालियर को आगामी आदेश तक वर्तमान दायित्व के साथ सेनानी दूसरी वाहिनी SAF ग्वालियर का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। अफसर-एसपी के ऑफिस न जाने की शिकायतें मिली उधर, प्रशासनिक हलके में चर्चा है कि मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव की चर्चा के बाद प्रदेश में एक हफ्ते के भीतर करीब 50 IAS-IPS अफसरों के तबादले की सूची जारी हो सकती है। इसमें कुछ जिलों के कलेक्टर और एसपी भी शामिल रहेंगे। सरकार को कुछ अफसरों, खासतौर पर पुलिस अधीक्षकों के दफ्तर नहीं जाने की शिकायतें मिली हैं। इन्हें नॉन-परफॉर्मर अफसरों की श्रेणी में मानकर हटाया जा सकता है। एक-दो संभागायुक्त भी हो सकते हैं इधर से उधर फेरबदल में एक-दो संभागायुक्त भी प्रभावित हो सकते हैं। सरकार सीनियर IAS और IPS अफसरों को भी इधर से उधर कर सकती है। ये अधिकारी सरकार की प्राथमिकताओं को अनदेखा करने के चलते बदले जा सकते हैं।
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नया जिला बनने के बाद पहली बार रविवार को पांढुर्णा पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को उस वक्त किसानों के विरोध का सामना करना पड़ा, जब लौटते समय किसानों ने उनका काफिला रोक लिया। हाथों में सूखी और मुरझाई फसलें लेकर पहुंचे किसानों ने जिले को तत्काल सूखाग्रस्त घोषित करने और कृषि कर्ज माफ करने की मांग की। पढ़ें पूरी खबर
