देवास पुलिस ने राज्य स्तरीय साइबर जागरूकता अभियान ‘सेफ क्लिक 2.0’ के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। अभियान के पहले पांच दिनों में जिले के 16 साइबर ठगी पीड़ितों के बैंक खातों में लगभग 3.98 लाख रुपए वापस कराए गए हैं। यह कार्रवाई 24 से 29 जून के बीच मिली साइबर धोखाधड़ी की शिकायतों पर की गई। देवास पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़ितों की ठगी गई राशि को वापस दिलाने में मदद की। कुल 3 लाख 98 हजार 719 रुपए लौटाए गए। पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोद के निर्देश पर जिलेभर में ‘सेफ क्लिक 2.0’ अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत स्कूलों, कॉलेजों, हाट-बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों को ऑनलाइन ठगी, डिजिटल अरेस्ट, फर्जी लिंक, ओटीपी फ्रॉड, सोशल मीडिया हैकिंग, फर्जी निवेश योजनाओं और क्यूआर कोड फ्रॉड जैसी साइबर वारदातों से बचाव के बारे में जागरूक किया जा रहा है। थाना स्तर पर पुलिस चौपाल के माध्यम से भी नागरिकों को जानकारी दी जा रही है। साइबर फ्रॉड की शिकायतें मिलते ही थाना स्तर पर साइबर मित्रों और जिला साइबर सेल ने तुरंत कार्रवाई की। उन्होंने एनसीआरपी पोर्टल के माध्यम से संबंधित बैंकों से समन्वय स्थापित किया। इस पहल के परिणामस्वरूप कोतवाली के 4, औद्योगिक क्षेत्र के 4, सिविल लाइन के 2, नाहर दरवाजा, टोंकखुर्द, भौरांसा और उदयनगर के 1-1 तथा हाटपीपल्या के 3 पीड़ितों की राशि वापस कराई गई। पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोद ने नागरिकों से अपील की कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति से अपनी बैंकिंग या व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है, तो उसे बिना देर किए 1930 साइबर हेल्पलाइन या डायल-112 पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए, ताकि समय रहते कार्रवाई कर ठगी गई राशि वापस दिलाई जा सके।
