मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। ‘बात खरी है’ मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर एप पर मिलेगा। मंत्री ने की सीएम यादव की नॉन-स्टॉप तारीफ
राजगढ़ में मंत्री गौतम टेटवाल ने तो हद ही कर दी। भरे मंच पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की नॉन-स्टॉप तारीफ शुरू कर दी। उन्हें एक से बढ़कर एक उपमाएं दीं और उनकी खूबियां गिनाईं। यह सब सुनकर सीएम भी शरमा गए। हालात ऐसे बने कि मुख्यमंत्री को उन्हें टोकना और रोकना पड़ा। दरअसल, सीएम जिले के सारंगपुर के भैंसवामाता में जल गंगा संवर्धन अभियान के समापन कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। यहां मंत्री गौतम टेटवाल ने अपने भाषण में कहा- ‘जनप्रिय, लोकप्रिय, बहुमुखी प्रतिभा के धनी, हर गुण में गुणवान, एक अच्छे इतिहासकार, ज्योतिषाचार्य, लेखक, साहित्यकार, खगोल और भूगोल के शास्त्री, विभिन्न प्रतिभाओं के धनी, पहलवानों के पहलवान, हम सबके लाड़ले, हम सबके हृदय में राज करने वाले, बाबा महाकाल के लाल, यशस्वी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के लिए जोरदार तालियां बजाइए, उनका अभिनंदन कीजिए।’ वहीं, जल गंगा संवर्धन अभियान और प्रदेश में सिंचाई बढ़ाने को लेकर मंत्री ने कहा कि डॉ. मोहन यादव हमारे लिए भागीरथ हैं। उज्जैन का प्रभारी मंत्री बनाए जाने पर उन्होंने सीएम का आभार जताया और कहा कि मुझे मोक्ष देने का काम अगर किसी ने किया है, तो वह डॉ. मोहन यादव जी ने किया है। अब लोग सवाल उठा रहे हैं कि यह मंत्री की सीएम के प्रति भक्ति है, उनकी भावुकता है या फिर कुछ और.. अब जो भी हो, लेकिन मंत्री का इस तरह सीएम का गुणगान करना चर्चा का विषय बना हुआ है। दिग्विजय को भाजपा में शामिल होने का न्योता
पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के बीच खटपट की खबरें क्या आईं, दिग्विजय सिंह को सीधे भाजपा में आने का न्योता मिल गया। दिग्विजय सिंह को लेकर मीडिया से बात करते हुए भाजपा विधायक प्रीतम सिंह लोधी ने कहा- आप उनसे धीरे से कहो, जोर का झटका धीरे से लगा दें और चुपचाप भाजपा में आ जाएं। भाजपा विधायक ने आगे कहा कि महाराज तो भाजपा में आ चुके हैं, अब राजा भी आ जाएं। फिर यहां राजा-महाराजा की जोड़ी हो जाएगी। उन्होंने दिग्विजय सिंह को बूढ़ा, लेकिन अच्छा आदमी बताया, जबकि जीतू पटवारी को फर्जी पटवारी कहते हुए उन्हें दिग्विजय सिंह से सीखने की सलाह दी। अब लोग कह रहे हैं कि भले ही सत्ताधारी दल के विधायक मजे ले रहे हों, लेकिन भाजपा के ऑफर लेटर हमेशा तैयार रहते हैं। भाजपा ऐसे ही नहीं विश्व की सबसे बड़ी पार्टी होने का दावा करती है। सीएम को लिखी चिट्ठी पर अनजान बने कैलाश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को लिखी चिट्ठी के सवाल पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय एकदम अनजान बन गए। यूं कहें कि बिल्कुल मासूम बन गए। जैसे कुछ हुआ ही नहीं। जब मीडिया ने उनसे सवाल किया तो उन्होंने कहा- पता नहीं आपको कहां से जानकारी मिली। मुझे इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। बता दें कि मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सीएम डॉ. मोहन यादव को एक पत्र लिखा था, जिसमें उन्होंने पिछले ढाई साल में अपनी उपेक्षा, असहयोग और विरोध मिलने की बात कही है। अब जब विजयवर्गीय ने चिट्ठी की बात को नकार दिया तो लोग चुटकी लेने लगे। कहने लगे कि मार्केट में विजयवर्गीय का चिट्ठी बम फूट गया और उन तक फुसफुसाहट भी नहीं पहुंची, यह थोड़ा पच नहीं रहा। वैसे, यह पहला मौका नहीं है जब कैलाश विजयवर्गीय अपनी राजनीतिक स्थिति को लेकर चर्चा में आए हों। इससे पहले शिवराज सिंह के मुख्यमंत्री काल में भी वे खुद की तुलना फिल्म शोले के ठाकुर से कर चुके हैं। अब कांग्रेस नेता सज्जन वर्मा ने उन्हें भाजपा से इस्तीफा देकर स्वाभिमान के साथ ज़िंदगी जीने की सलाह दी। और अब अंदर की बात.. महिला शक्ति के आगे पस्त सीनियर ऑफिसर
मंत्रालय में पदस्थ सचिव स्तर की एक महिला अधिकारी से उनके कुछ सीनियर्स को इस कदर एलर्जी हैं कि वे उन्हें हटाने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे। हर स्तर पर कोशिश कर चुके। अपने संपर्कों का इस्तेमाल भी कर चुके। लेकिन अब तक महिला अधिकारी को कुर्सी से हिला नहीं सके। दो ऐसे मौके भी आए, जब फील्ड में उनके लेवल के पद खाली थे। इसके बावजूद वरिष्ठ अधिकारी उनका तबादला कराने में सफल नहीं हो सके। सुना है कि सीनियर अफसरों की इस एलर्जी की वजह महिला अधिकारी की सख्त छवि बताई जा रही है। चर्चा यह भी है कि विभाग के एसीएस को उन पर पूरा भरोसा है और अधिकारी भी उन्हें विश्वास में लेकर काम कर रही हैं। खास बात यह है कि उनकी पोस्टिंग भी सरकार ने ही की थी। इनपुट सहयोग – विजय सिंह बघेल (भोपाल), अमित सालगट (इंदौर) ये भी पढ़ें –
कमलनाथ को ढूंढ रहे लोग, ‘लापता’ के पोस्टर लगे: नरोत्तम की शायरी, कहा- भूल हमारी माफ करें पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा का एक वीडियो इन दिनों चर्चा में है, जिसमें वे शायरी के अंदाज में माफी मांगते नजर आ रहे हैं। वे कह रहे हैं- अनजाने में और बिन चाहे भी भूल कोई हो सकती है.. जीवन के कुछ क्रूर पलों में बुद्धि हमारी सो सकती है.. ऐसे ही अनजान पलों की भूल हमारी माफ करें.. क्षमादान देकर हमको नई ऊर्जा प्रदान करें। पूरी खबर पढ़ें
