मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। ‘बात खरी है’ मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर एप पर मिलेगा। सीएम का दो बार सच से सामना
टीकमगढ़ दौरे पर आए सीएम डॉ. मोहन यादव का दो मौकों पर सच से सामना हो गया। एक जगह तो उन्होंने अपने ही अंदाज में समस्या का ऑन-द-स्पॉट समाधान कर दिया, तो दूसरी जगह हाथ जोड़कर मुस्कुराते हुए आगे बढ़ गए। हुआ यूं कि सीएम का 35 से ज्यादा वाहनों का काफिला शहर की एक सड़क से गुजर रहा था। इस सड़क की हालत ठीक नहीं है। एक जगह बड़े से गड्ढे के पास सड़क किनारे खड़े होकर एक शख्स वीडियो बना रहा था और सड़क की दुर्दशा बता रहा था। तभी सीएम की गाड़ी का यहां से गुजरना हुआ। वीडियो बना रहे शख्स ने सीएम को आवाज लगाई और कहा- साहब जी, ये गड्ढा देख लीजिए। इस पर सीएम ने हाथ जोड़कर उस शख्स का अभिवादन किया और आगे बढ़ गए। खास बात ये है कि सीएम के काफिले में शामिल सभी गाड़ियां धीमी होकर यहां से गुजरीं। सभी ने इस गड्ढे से लगे झटके महसूस किए, लेकिन किसी ने रुककर सड़क की बदहाली नहीं देखी। इससे पहले सीएम एक आंगनवाड़ी के निरीक्षण के लिए पहुंचे थे। यहां उन्होंने एक महिला से पूछा कि आपके यहां पानी तो आता है न। जब महिला ने बताया कि पानी की परेशानी तो है, तो सीएम ने फौरन कह दिया कि पानी तो आ जाएगा। बारिश से इसकी कमी पूरी हो जाएगी। दतिया में नरोत्तम की ग्रैंड एंट्री
दतिया उपचुनाव के 21 दिन बाद पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा की दतिया में ग्रैंड एंट्री हुई। समर्थकों ने अपने ‘दादा’ के लिए पलक-पावड़े बिछा रखे थे। नरोत्तम मिश्रा के स्वागत में हजारों लोग उनके ‘माई कृपा’ परिसर में उमड़ आए। समर्थकों ने ‘देखो-देखो कौन आया, शेर आया, शेर आया’ और ‘नरोत्तम मिश्रा जिंदाबाद’ के नारे भी लगाए। समर्थक लगातार नारेबाजी कर रहे थे। फिर खुद नरोत्तम मिश्रा को उन्हें रोकना पड़ा। इसके बाद नारे बदल गए और ‘भाजपा जिंदाबाद’ हो गए। नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों ने ऐसा जोश दिखाया कि उन्हें कहना पड़ा कि उनकी यात्रा पूरी तरह से धार्मिक और पारिवारिक है। इसका राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है। खरी बात ये है कि दतिया उपचुनाव में भाजपा की हार के बाद कई तरह की बातें हो रही हैं। ऐसे में नरोत्तम की होम विजिट को भी शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है। प्लेन में मिले शिवराज-दिग्विजय
मध्य प्रदेश के दो पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और दिग्विजय सिंह की फ्लाइट में हुई गुफ्तगू चर्चा में है। हाल ही में दोनों नेता एक ही फ्लाइट से दिल्ली से भोपाल पहुंचे और इस दौरान कुछ देर अलग खड़े होकर बातचीत करते नजर आए। प्लेन में हुई इस मुलाकात का वीडियो भी सामने आया है। हालांकि, दोनों के बीच क्या बातचीत हुई, यह तो वही जानते हैं। वैसे राजनीति में एक-दूसरे के विरोधी दोनों नेताओं की यह मुलाकात सियासी शिष्टाचार की एक अच्छी तस्वीर पेश करती है। यह बताती है कि मतभेद हो सकते हैं, लेकिन मनभेद जरूरी नहीं। नेताओं के नाम पर अक्सर आपस में भिड़ने वाले उनके समर्थक भी इस तस्वीर से सीख ले सकते हैं। राहुल की विधायक से सीधी बात
मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने जौरा से कांग्रेस विधायक पंकज उपाध्याय की सीधे राहुल गांधी से बात करा दी। पंकज उपाध्याय पिछले सात दिनों से मुरैना की कैलारस शुगर मिल शुरू कराने की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे हैं। जीतू पटवारी ने राहुल गांधी को वीडियो कॉल किया और उन्हें बताया कि कांग्रेस विधायक भाजपा सरकार के खिलाफ धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। राहुल गांधी ने पंकज उपाध्याय से बात की और उनके आंदोलन को अपना समर्थन दिया। राहुल गांधी से बातचीत के दौरान कांग्रेस विधायक ने कहा कि कन्याकुमारी से कश्मीर तक निकाली गई आपकी ‘भारत जोड़ो यात्रा’ से हम सभी को जनता के हक के लिए लड़ने का साहस मिला है। आप देश और किसानों के लिए संसद से सड़क तक लगातार लड़ते हैं। हम भी आपके ही फॉलोअर हैं। राहुल गांधी से बातचीत के बाद धरना स्थल पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह नजर आया। सभी एक-दूसरे की जय-जयकार करते दिखे। पहले ‘राहुल गांधी जिंदाबाद’ के नारे लगे, फिर ‘जीतू पटवारी जिंदाबाद’ और इसके बाद ‘पंकज उपाध्याय जिंदाबाद’ के नारे गूंजे। और अब अंदर की बात.. रिटायर नहीं होना चाहते साहब
एमपी में इसी महीने एडीजी स्तर के चार अफसर रिटायर हो रहे हैं। इनमें एडीजी इंटेलिजेंस और पुलिस हाउसिंग बोर्ड के चेयरमैन भी शामिल हैं। इन दोनों अधिकारियों का नाम मुख्यमंत्री के करीबियों में गिना जाता है। लेकिन इनमें से एक साहब रिटायर होना ही नहीं चाहते। यानी संविदा नियुक्ति के रास्ते ‘सरकार’ के करीब ही बने रहना चाहते हैं। पहले तो इन्होंने मंत्रालय में पदस्थ होने के लिए जोर-आजमाइश की, लेकिन यहां पहले से पदस्थ अफसर को हिला पाना मुश्किल लग रहा है। क्योंकि वे भी मुख्यमंत्री के भरोसेमंद हैं। ऐसे में उन्हें भोपाल में अपनी दाल गलती नहीं दिख रही है। अब वे दिल्ली स्थित मध्य प्रदेश भवन में अपनी जगह बनाने के लिए लॉबिंग कर रहे हैं। देखने वाली बात ये होगी कि मुख्यमंत्री इस पर क्या फैसला लेते हैं। इनपुट सहयोग – शैलेंद्र द्विवेदी (टीकमगढ़), राधावल्लभ मिश्रा (दतिया), विजय सिंह बघेल (भोपाल) ये भी पढ़ें –
ट्रेन को बनाया मंच, प्लेटफॉर्म पर सभा: विधानसभा अध्यक्ष बोले- नेताओं ने बिगाड़ी जाति व्यवस्था मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने ट्रेन को ही मंच बना लिया और फिर माइक थामकर प्लेटफॉर्म पर ही सभा कर ली। दरअसल, तोमर ने मुरैना के कैलारस से वीरपुर के बीच शुरू हुई मेमो ट्रेन में आम लोगों के साथ सफर किया। इस दौरान कुछ स्टेशनों पर ट्रेन के रुकने पर ट्रेन में ही खड़े होकर लोगों को संबोधित किया। पूरी खबर पढ़ें
