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सामूहिक विवाह में बारिश-अव्यवस्था पर भड़के रमन:कहा- 15 साल में ऐसी बदइंतजामी नहीं देखी, कुर्सियां-गद्दे ओढ़कर जोड़ों ने निभाई रस्में; साव भी फिसले

छत्तीसगढ़ के बेमेतरा से भाजपा विधायक दीपेश साहू की रविवार को सामूहिक विवाह समारोह में शादी हुई। दीपेश ने बेमेतरा में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत आयोजित कार्यक्रम में ड्राइवर की बेटी तरुणा साहू के साथ 7 फेरे लिए। समारोह में विधायक समेत 21 जोड़ों का विवाह हुआ। विधायक का कहना है कि, योजना के तहत मिलने वाली राशि वे अपने पास नहीं रखेंगे, बल्कि उसे मेधावी छात्राओं की पढ़ाई पर खर्च करेंगे। सभी दूल्हे ई-रिक्शे से सर्किट हाउस तक पहुंचे। इसके बाद विधायक समेत सभी दूल्हों की बारात बैलगाड़ी से निकली। पारंपरिक परी डांस भी हुआ। फेरों और रस्मों के बीच अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। जिससे बचने के लिए वहां पुख्ता इंतजाम नहीं थे। ऐसे में सिर पर सेहरा सजाए दूल्हे और सज-धजकर बैठी दुल्हनें खुद को भीगने से बचाने के लिए जो हाथ लगा, उसे ओढ़ते नजर आए। पानी से बचने के लिए कई जोड़ों और उनके परिजनों ने जमीन पर बिछे गद्दों और बैठने के लिए रखी प्लास्टिक की कुर्सियों को ही अपने सिर पर रख लिया। कुछ लोग तिरपाल और छातों के सहारे खुद को बारिश से बचाते दिखे। डिप्टी सीएम अरूण साव भी बैलगाड़ी में बैठने के दौरान फिसल गए। विधानसभा स्पीकर डॉ. रमन ने अधिकारियों पर कड़ी नाराजगी जताई। सीएम की मौजूदगी में उन्होंने सार्वजनिक रूप से कलेक्टर-एसपी को फटकार लगाते हुए कहा कि अपने 15 साल के कार्यकाल में ऐसी बदइंतजामी कभी नहीं देखी। अव्यवस्था पर कांग्रेस ने भी सरकार को घेरा है। इस मामले पर सीएम साय ने कहा कि समारोह के दौरान अचानक बारिश से व्यवस्थाएं प्रभावित हो गईं। नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देने का कार्यक्रम था। वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर पुराने विश्राम गृह के बड़े सभा कक्ष का उपयोग किया जा सकता था, लेकिन समय ज्यादा नहीं था। इस मामले पर कमिश्नर जांच करेंगे। विवाह समारोह की तस्वीरें देखिए- टीचर से विधायक बने दीपेश दीपेश साहू करीब 10 साल तक सरकारी स्कूल में शिक्षक रहे। इसके बाद उन्होंने नौकरी छोड़कर राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई। भाजपा में शामिल होने के बाद वे पिछड़ा वर्ग मोर्चा के जिलाध्यक्ष समेत कई संगठनात्मक पदों पर रहे। वर्तमान में वे बेमेतरा विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। ड्राइवर की बेटी, MA तक की पढ़ाई तरुणा साहू मूल रूप से दुर्ग जिले की धमधा तहसील के बिरोदा गांव की रहने वाली हैं। उन्होंने MA तक पढ़ाई की है। पिता देवनारायण साहू पेशे से ड्राइवर हैं, जबकि माता मालती साहू गृहिणी हैं। परिवार में उनके एक भाई टिकेंद्र साहू हैं। वर्तमान में उनका परिवार बेमेतरा में रहता है। बेमेतरा में सामूहिक विवाह कार्यक्रम के दौरान फैली अव्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि “इन्होंने मुख्यमंत्री जी का पीछे से स्वागत किया। मुख्यमंत्री, डिप्टी सीएम और मंत्रिमंडल के साथी बैठे हैं, लेकिन अधिकारी ढाई घंटे में भी कोई वैकल्पिक जगह ढूंढ नहीं पाए। ‘15 साल सीएम रहा, ऐसी व्यवस्था नहीं देखी’ “मैंने अपने पूरे राजनीतिक करियर में, जब मैं 15 साल मुख्यमंत्री था, इस प्रकार की बदइंतजामी कभी नहीं देखी। खैर, अब सीख जाएंगे। अगर आज मैं नहीं बोलता तो ये लोग नहीं सीखते, इसीलिए मुझे बोलना पड़ा। सामान्यतः मैं ऐसे मौकों पर बोलता नहीं हूं, मगर आज मुझे लगा कि जब मुख्यमंत्री और पूरा मंत्रिमंडल बैठा है, उसके बाद भी अधिकारियों में कोई गंभीरता नहीं है।” कांग्रेस ने पात्रता पर उठाए सवाल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने विधायक की शादी को लेकर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए बनाई गई है। ऐसे में यह स्पष्ट होना चाहिए कि क्या किसी विधायक का इस योजना के तहत विवाह करना पात्रता के दायरे में आता है। विधायक का जवाब- लड़की BPL परिवार से कांग्रेस के सवालों पर विधायक दीपेश साहू ने कहा कि योजना में पात्रता का आधार लड़की का परिवार होता है। उन्होंने बताया कि जिनसे वे विवाह करने जा रहे हैं, वे BPL परिवार से हैं और इसी आधार पर योजना के तहत रजिस्ट्रेशन कराया गया है। मुख्यमंत्री ने फैसले की सराहना की मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर दीपेश साहू के फैसले की सराहना की। उन्होंने लिखा कि यह निर्णय सादगी, सामाजिक समरसता और जनभागीदारी का संदेश देता है और विवाह को आडंबर के बजाय सामाजिक संस्कार से जोड़ने की पहल है। …………………….. इस तरह की और भी खबर पढ़ें… 4 बेटियों वाले परिवार ने चुना घर जमाई:सरगुजा में दुल्हन बारात लेकर पहुंची, दूल्हे की हुई विदाई, परिवार की भी सहमति सरगुजा जिले के सुपलगा में बुधवार को एक अनोखी शादी देखने को मिली। परंपरा के विपरीत दुल्हन बारात लेकर दूल्हे के घर पहुंची। शादी के बाद दूल्हे की विदाई की गई और वह दुल्हन के साथ उसके घर चला गया। दूल्हा अब अपने ससुराल में घर जमाई बनकर रहेगा। युवक के परिवार की सहमति से यह विवाह संपन्न हुआ। मामला मैनपाट ब्लॉक का है। पढ़ें पूरी खबर

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