Homeदेशसरकार ने वादे पूरे किए या नहीं, रिव्यू करेगी CJP:कहा- जरूरत पड़ने...

सरकार ने वादे पूरे किए या नहीं, रिव्यू करेगी CJP:कहा- जरूरत पड़ने पर दोबारा आंदोलन करेंगे; जंतर-मंतर प्रोटेस्ट के दौरान उठाई थीं 3 मांगें

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) सोमवार को अपनी नेशनल वर्किंग कमेटी की बैठक करने वाली है। इसमें 25 जुलाई को राष्ट्रव्यापी आंदोलन वापस लेने के बाद केंद्र सरकार की ओर से दिए गए आश्वासनों की स्थिति की समीक्षा की जाएगी। CJP ने कहा कि सरकार ने आश्वासन पूरे करने के लिए उठाए जा रहे कदमों की अब तक औपचारिक जानकारी नहीं दी है। पार्टी ने कहा कि वादे पूरे कराने के लिए सभी विकल्पों पर विचार होगा, जिसमें दोबारा शांतिपूर्ण राष्ट्रव्यापी आंदोलन शुरू करना भी शामिल है। 25 जुलाई को केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह, जेपी नड्डा ने CJP के साथ जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी।जिसमें आंदोलन खत्म करने और CJP की मांगें मानने की बात कही थी। केंद्र के आश्वासनों पर उठाए सवाल CJP ने कहा कि उसने देश के युवाओं से सरकार के वादे पर भरोसा करते हुए आंदोलन वापस लिया था। पार्टी ने कहा कि वह इस भरोसे को कमजोरी समझने की अनुमति नहीं देगी। पार्टी ने छात्रों, युवा नागरिकों, समर्थकों और स्वयंसेवकों से सोमवार की बैठक के नतीजे के लिए तैयार रहने को कहा है। सोमवार की मीटिंग में स्थिति का आकलन कर CJP की आगे की रणनीति तय की जाएगी। CJP ने कहा कि सरकार के साथ बातचीत करने वाले प्रतिनिधिमंडल ने लिखित आश्वासनों को पूरा करने के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी देने के लिए उससे औपचारिक संपर्क नहीं किया। इसमें एफआईआर और मुआवजे से जुड़े आश्वासन भी शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट ने मांगी थी FIR की लिस्ट सुप्रीम कोर्ट में 18 अगस्त को एक सुनवाई हुई थी। जिसमें कोर्ट ने देशभर में छात्रों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR की लिस्ट मांगी थी। CJP के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से यह सूची तीन बार देने को कहा था। कोर्ट इन मामलों को रद्द करने के लिए संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करने पर विचार कर सकता है। CJP ने कहा कि कोर्ट की ओर से बार-बार सूची मांगे जाने के बावजूद केंद्र सरकार ने इसे देने की प्रतिबद्धता नहीं जताई। पार्टी के सह-संयोजक सौरव दास और कानूनी मामलों की प्रभारी रत्ना सिंह ने सुनवाई के तुरंत बाद इस पर चिंता जताई। दोनों ने कहा कि ऐसा लग रहा है कि CJP और केंद्र के बीच हुई बातचीत में दिए गए आश्वासनों के आधार पर आंदोलन वापस लेने के बाद सरकार युवा पीढ़ी को धोखा दे रही है। आश्वासनों में एफआईआर और मुआवजा शामिल CJP ने बताया कि आश्वासनों में आंदोलन से जुड़ी सभी एफआईआर वापस लेना या रद्द करना शामिल था। इसके अलावा, भविष्य में किसी छात्र या शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारी के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने की गारंटी भी दी गई थी। इनमें उन NEET-UG अभ्यर्थियों के परिवारों को मुआवजा देने का आश्वासन भी शामिल था, जिन्होंने मई में पेपर लीक के कारण परीक्षा रद्द होने के बाद आत्महत्या कर ली थी। CJP ने कहा कि आंदोलन वापस लेने का फैसला सरकार के शब्दों के आधार पर किया गया था। पार्टी ने चेतावनी दी कि आश्वासनों को कमजोर करने, टालने, नए अर्थ में पेश करने या उनका अपमान करने की कोई कोशिश देश के युवाओं के साथ विश्वासघात मानी जाएगी। 25 जुलाई को वापस लिया था आंदोलन CJP ने 25 जुलाई को अपना राष्ट्रव्यापी आंदोलन वापस लिया था। यह फैसला तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और सरकार के उस आश्वासन के तुरंत बाद लिया गया था, जिसमें छात्रों और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ एक्शन नहीं लेने की बात कही गई थी। इस अभियान में NEET पेपर लीक विवाद में कार्रवाई और मृत अभ्यर्थियों के परिवारों को मुआवजा देने की मांग भी शामिल थी। ———————– ये खबर भी पढ़ें… जयपुर स्कूल विवाद- CJP का अल्टीमेटम खत्म: जोधपुर में स्टूडेंट्स से करेंगे संवाद जयपुर में सीतापुरा इलाके के राजकीय प्राथमिक स्कूल रामपुरा कंवरपुरा के निरीक्षण को लेकर शुक्रवार को हुई मारपीट के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के 48 घंटे का अल्टीमेटम आज पूरा हो गया। ऐसे में CJP की अगली रणनीति पर सबकी नजर है। CJP के सीनियर लीडर और कार्यकर्ता आज शाम जोधपुर में स्टूडेंट्स से संवाद करेंगे। पढ़ें पूरी खबर…

Stay Connected
16,985FansLike
2,458FollowersFollow
61,453SubscribersSubscribe
Must Read
Related News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here