दतिया में मकान निर्माण के नाम पर लाखों रुपए लेकर अधूरा काम छोड़ने वाले सरकारी ठेकेदार और कांग्रेस के पूर्व संगठन मंत्री सुरेश झा को कोर्ट ने दोषी ठहराया। दोषी को पांच साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश सविता जड़िया की अदालत ने आरोपी पर 3 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। करीब चार वर्ष पुराने इस मामले में अभियोजन की ओर से प्रस्तुत पीडब्ल्यूडी की तकनीकी वैल्यूएशन रिपोर्ट और अन्य साक्ष्य अदालत के फैसले का आधार बने। दरअसल, वर्ष 2021 में शारदा विहार कॉलोनी निवासी राजेंद्र दीक्षित और उनकी पत्नी ने अपने प्लॉट पर मकान निर्माण के लिए सरकारी ठेकेदार सुरेश झा से अनुबंध किया था। दंपती ने निर्माण कार्य के लिए ठेकेदार को कुल 20.45 लाख रुपए का भुगतान किया, लेकिन तय समय बीतने के बाद भी मकान का निर्माण पूरा नहीं हुआ। बार-बार मांगने पर न तो शेष काम कराया गया और न ही बची हुई राशि लौटाई गई। 9.45 लाख का हिसाब नहीं मिला था
मामले की जांच के दौरान पीडब्ल्यूडी के एसडीओ ने निर्माणाधीन मकान का तकनीकी मूल्यांकन कराया। रिपोर्ट में सामने आया कि मौके पर केवल 11 लाख रुपए के निर्माण कार्य की पुष्टि हुई, जबकि करीब 9.45 लाख रुपए का हिसाब नहीं मिला। शिकायतकर्ता का आरोप था कि शेष राशि हड़प ली गई और पैसे मांगने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई। इस पर थाना कोतवाली में आरोपी के खिलाफ धारा 420, 406, 409, 504 और 506-बी के तहत अपराध दर्ज किया गया। विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने न्यायालय में चालान पेश किया। करीब तीन वर्ष तक चले विचारण के दौरान अपर लोक अभियोजक राजेश पस्तोर ने पीडब्ल्यूडी की वैल्यूएशन रिपोर्ट सहित दस्तावेजी एवं अन्य साक्ष्य अदालत के समक्ष पेश किए। साक्ष्यों और तर्कों से सहमत होते हुए न्यायालय ने आरोपी सुरेश झा को दोषी करार दिया।
