नेशनल ग्रीन ट्रूब्नल (एनजीटी) ने भोपाल के शाहपुरा तालाब के 50 मीटर बफर जोन में अवैध निर्माण को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। एनजीटी ने अवैध निर्माण पर तुरंत रोक के आदेश दिए हैं। साथ ही सात दिन के अंदर गाद हटाने को कहा है। कलेक्टर, निगम कमिश्नर को रिपोर्ट पेश करने के आदेश भी दिए गए। शाहपुरा तालाब के संरक्षण, अतिक्रमण और जल प्रदूषण से जुड़े मामले नितिन सक्सेना विरुद्ध एमपी स्टेट वेटलैंड अथॉरिटी पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिए। न्यायमूर्ति शिव कुमार सिंह एवं विशेषज्ञ सदस्य सुधीर कुमार चतुर्वेदी की पीठ ने निर्देश दिया है कि शाहपुरा तालाब और उसके बफर जोन में किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण या अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। NGT के यह आदेश
एनजीटी ने सख्त हिदायत दी है कि तालाब की सफाई के दौरान बाहर निकाली गई गाद, जो तटबंधों पर जमा है, उसे एक सप्ताह के भीतर तुरंत हटाया जाए। ताकि, बारिश के मौसम में यह मिट्टी/गाद दोबारा बहकर तालाब के पानी को दूषित न करें। यह काम सात दिन में करें। अतिक्रमण पर पूर्ण रोक और सटीक सीमांकन
नगर निगम, कलेक्टर और मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को निर्देश दिया गया है कि वे उपलब्ध राजस्व और उपग्रह अभिलेखों के आधार पर तालाब की वास्तविक सीमा और इसके 50 मीटर बफर जोन का सटीक सीमांकन एवं पहचान करें। इस संबंध में उल्लंघन की विस्तृत रिपोर्ट 3 सप्ताह के भीतर प्रस्तुत करने के आदेश दिए गए हैं। अशोधित जल के प्रवेश पर रोक
अधिकरण ने स्पष्ट किया है कि शाहपुरा तालाब की पारिस्थितिकी और जल संचयन क्षमता को सुधारने के लिए तालाब में बिना उपचार किए गंदे पानी के डिस्चार्ज को पूरी तरह रोका जाए और नियमित रूप से गाद निकालने की प्रक्रिया चलाई जाए। अगली सुनवाई 2 सितंबर को होगी। कलियासोत डैम किनारे शनिवार-रविवार को होती है रैली
इधर, पर्यावरणविद् राशिद नूर ने पुलिस कमिश्नर से शिकायत की है। इसमें एनजीटी के आदेश और संयुक्त निरीक्षण रिपोर्ट भी दी। कहा कि अवहेलना करते हुए कलियासोत डैम और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में शनिवार और रविवार को अवैध कार रैली, ऑफ रोड ड्राइविंग, खतरनाक वाहन संचालन किया जा रहा है। नूर ने बताया कि पूर्व में भी ऐसे आयोजन कलियासोत जलाशय, बांध एवं आसपास के जंगल क्षेत्रों, भोपाल के कोहेफिजा मैदान सहित अन्य स्थानों पर किए जाते रहे हैं। इन गतिविधियों के कारण कानून-व्यवस्था, यातायात एवं जनसुरक्षा प्रभावित होने की स्थिति उत्पन्न हुई है। इसी प्रकार पूर्व में वीआईपी रोड पर कुछ बाइकर्स द्वारा खतरनाक स्टंट एवं रेसिंग की घटनाएं भी सामने आती रही हैं। जिन पर भोपाल पुलिस द्वारा प्रभावी कार्रवाई कर रोक लगाई गई थी। इससे स्पष्ट है कि इस प्रकार की गतिविधियां सार्वजनिक सुरक्षा, यातायात व्यवस्था एवं कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न कर सकती हैं। वर्तमान में कलियासोत जलाशय एवं उससे जुड़े वेटलैंड, कैचमेंट और एफटीएल क्षेत्र में पुन: कुछ लोग व ग्रुप ने बिना अनुमति के रैली का आयोजन शुरू किया है।
