कतिल हमेशा हाथ में हथियार लेकर सामने खड़ा हो, यह जरूरी नहीं। कई बार हथियार और इरादा इतना छिपा होता है कि हत्या भी किसी हादसे जैसी दिखाई देती है। मध्य प्रदेश क्राइम फाइल्स में इस बार कहानी छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले की है। एक घर में शादी का उत्सव चल रहा था। चारों ओर खुशियां ही खुशियां थीं। नई दुल्हन के स्वागत की तैयारी थी, रिश्तेदार मौजूद थे और शादी के तोहफे खोले जा रहे थे। लेकिन कुछ ही क्षण में खुशियों से भरा वही घर मातम में बदल गया। ऐसा धमाका हुआ, जिसमें दूल्हे और उसके भाई की मौत हो गई। शुरुआत में इसे हादसा माना गया, लेकिन जांच में इसका कनेक्शन एमपी के बालाघाट से जुड़ता चला गया। क्या था पूरा मामला आगे पढ़िए… 3 अप्रैल 2023 को छत्तीसगढ़ के कबीरधाम में खुशियों भरी सुबह थी। एक घर में शादी की रौनक अभी बाकी थी। एक दिन पहले ही बारात लौटकर आई थी। बच्चे इधर-उधर दौड़ रहे थे। महिलाएं शादी के बाद की रस्मों में व्यस्त थीं और घर के दूसरे सदस्य दहेज और शादी में मिले उपहारों को व्यवस्थित कर रहे थे। कमरे में कई गिफ्ट रखे थे। उन्हीं में एक पैक किया हुआ होम थिएटर भी था। स्विच दबाते ही हुआ तेज धमाका गाने सुनने की उत्सुकता में दूल्हे हेमेन्द्र मेरावी ने होम थिएटर की पैकिंग खोली। उसने उसे बिजली के सॉकेट से जोड़ा और स्विच ऑन किया। अगले ही पल जोरदार धमाका हुआ। आवाज इतनी तेज थी कि पूरा घर दहल गया। हेमेन्द्र की मौके पर ही मौत हो गई। पास खड़े उसके भाई राजकुमार मेरावी समेत पांच-छह लोग घायल हो गए। कुछ क्षण पहले जिस घर में शादी की बातें और हंसी सुनाई दे रही थी, वहां अब चीख-पुकार थी। घायलों को पहले रेंगाखार के सरकारी अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला अस्पताल कवर्धा रेफर किया गया। इलाज के दौरान हेमेन्द्र के भाई राजकुमार मेरावी की भी मौत हो गई। पुलिस ने दोनों के शवों का पोस्टमार्टम कराया, जबकि शिव, सूरज, दीपक, शेर सिंह और सौरभ का मेडिकल परीक्षण कराया गया। धमाके ने दो कमरों को भी पहुंचाया नुकसान ब्लास्ट इतना तेज था कि हेमेन्द्र का कमरा और उससे लगा दूसरा कमरा भी क्षतिग्रस्त हो गया। टीवी, कूलर, बर्तन, ड्रेसिंग टेबल, पलंग, गद्दे और शादी में मिला अन्य सामान तक टूट गया था। कमरे की जांच हुई तो कहानी बदलने लगी पुलिस और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल को बारीकी से खंगाला। वहां से खून लगी और साधारण मिट्टी, बिजली के तार, इलेक्ट्रॉनिक और धातु सामग्री, प्लास्टिक का डिब्बा, आलमारी के टुकड़े और होम थिएटर का कार्टन बॉक्स जब्त किया गया। जांच के दौरान बारूद की गंध वाली मिट्टी मिलने की बात भी सामने आई। यहीं से पुलिस का शक गहराने लगा। अब मामला सिर्फ खराब इलेक्ट्रॉनिक उपकरण का नहीं लग रहा था। सवाल यह था कि क्या होम थिएटर के अंदर जानबूझकर कुछ ऐसा रखा गया था, जो स्विच ऑन होते ही सक्रिय हो गया? लेकिन उससे पहले पुलिस को एक और सवाल का जवाब चाहिए था-यह होम थिएटर आखिर आया कहां से? तीन दिन पहले हुई थी शादी कहानी की अगली कड़ी मध्य प्रदेश के बालाघाट से जुड़ती है। 31 मार्च 2023 को हेमेन्द्र मेरावी की शादी बालाघाट के छपला गांव निवासी ललिता धुर्वे से हुई थी। 1 अप्रैल को चमारी में रिसेप्शन हुआ, जिसमें ललिता के मायके पक्ष के लोग भी शामिल हुए। रिसेप्शन के बाद रस्म के अनुसार ललिता अपने परिवार के साथ मायके चली गई थी। उसे कुछ दिन बाद फिर ससुराल लौटना था। लेकिन उससे पहले ही 3 अप्रैल को हेमेन्द्र के घर में धमाका हो गया। मायके वालों ने कहा-हमने होम थिएटर नहीं दिया पुलिस ने दुल्हन के मायके वालों से शादी में दिए गए उपहारों और दहेज के सामान के बारे में पूछताछ शुरू की। लेकिन एक बात ने जांच को और उलझा दिया। परिवार के किसी सदस्य ने होम थिएटर देने की बात स्वीकार नहीं की। दहेज और उपहारों की सूची में भी उसका नाम नहीं था। अब पुलिस के सामने एक नया सवाल खड़ा था- अगर यह होम थिएटर मायके वालों ने नहीं दिया, तो फिर इसे शादी के घर तक पहुंचाया किसने? पुलिस ने शुरू की होम थिएटर की तलाश जांच टीम ने सबसे पहले यह पता लगाने की कोशिश की कि होम थिएटर किस दुकान से खरीदा गया था। आसपास के बाजारों और इलेक्ट्रॉनिक दुकानों से जानकारी जुटाई गई। जांच की कड़ी धीरे-धीरे मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले तक पहुंची। बालाघाट के मड़ई इलाके की एक इलेक्ट्रॉनिक दुकान से इसी तरह का होम थिएटर खरीदा गया था। पुलिस ने दुकान से जुड़े रिकॉर्ड खंगाले। खरीद और भुगतान से संबंधित जानकारी में एक नाम सामने आया- सरजू उर्फ संजू मरकाम। बताया गया कि होम थिएटर की खरीद के लिए ऑनलाइन भुगतान किया गया था। दुकान के सीसीटीवी फुटेज में खरीदारी करने वाला शख्स भी रिकॉर्ड था। एक और सीसीटीवी ने मजबूत किया संदेह जांच आगे बढ़ी तो पुलिस दूसरी दुकान तक पहुंची। यह एक स्टेशनरी दुकान थी। पुलिस को जानकारी मिली कि वहां होम थिएटर को शादी के उपहार की तरह पैक कराया गया था। पैकिंग की पूरी प्रक्रिया दुकान के सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुई थी। फुटेज में एक शख्स नजर आया। दुकानदार ने उसकी पहचान सरजू उर्फ संजू मरकाम के रूप में की। अब जांच की कड़ियां एक-दूसरे से जुड़ने लगी थीं। एक इलेक्ट्रॉनिक दुकान से खरीदारी। फिर दूसरी दुकान से गिफ्ट पैकिंग… फिर शादी के घर तक पहुंचाना। जिस पर संदेह वह गायब था पुलिस को अब सरजू की तलाश थी लेकिन वह गांव से गायब था। वह बालाघाट के छपला गांव का रहने वाला था। पुलिस जब उसकी तलाश में गांव पहुंची तो सरजू वहां नहीं मिला। अब सबसे बड़े सवाल ये थे- क्या सरजू ने ही वह होम थिएटर शादी के घर तक पहुंचाया था?
क्या यह एक सोची-समझी साजिश थी?
और अगर थी, तो उसका निशाना सिर्फ हेमेन्द्र क्यों था?
क्या दोनों के बीच कोई पुरानी दुश्मनी थी?
सरजू आखिर अचानक कहां गायब हो गया था? इन सवालों के जवाब कल मध्य प्रदेश क्राइम फाइल्स के पार्ट-2 में पढ़िए… ये भी पढ़ें… कराटे प्लेयर से कोच ने कई बार बनाए संबंध, क्राइम फाइल्स पार्ट-1 अपराधी हमेशा किसी अजनबी के चेहरे में छिपा हो, जरूरी नहीं। कई बार खतरा उसी चेहरे के पीछे छिपा होता है, जिस पर लोग सबसे ज्यादा भरोसा करते हैं। ऐसी ही कहानी है एक कराटे खिलाड़ी की। एक लड़की, जिसने छोटे शहर से निकलकर खेल की दुनिया में नाम कमाने का सपना देखा था। पढ़ें पूरी खबर… कराटे प्लेयर के साथ कोच ने अश्लील वीडियो बनाया, क्राइम फाइल्स पार्ट-2 मध्य प्रदेश क्राइम फाइल्स के पार्ट-1 में आपने पढ़ा कि एक छोटे शहर की सिरी का सपना कराटे में बड़ा मुकाम हासिल करना था। इसी सपने ने उसे गुना की ट्रेनिंग एकेडमी तक पहुंचाया, जहां उसकी मुलाकात कोच जगवीर जाटव और सचिन भटनागर से हुई। पढ़ें पूरी खबर…
