शाजापुर में एबीवीपी ने गुरुवार को अपना 78वां स्थापना दिवस उत्साहपूर्वक मनाया। इस अवसर पर परिषद की नगर कार्यकारिणी ने पंडित बालकृष्ण शर्मा ‘नवीन’ पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस परिसर में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें परिसर में स्थापित स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया गया। दीपोत्सव के साथ गूंजे वंदे मातरम् के नारे स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में कार्यकर्ताओं ने स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर दीपोत्सव मनाया। गुरुवार शाम 5 से 6 बजे के बीच आयोजित हुए इस कार्यक्रम में परिषद के पदाधिकारियों, छात्र-नेताओं और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की। इस दौरान कॉलेज परिसर में भारत माता के जयघोष और ‘वंदे मातरम्’ के नारे लगाए गए। 1949 से छात्र राष्ट्रवाद की अलख जगा रहा संगठन नगर मंत्री आयुष शर्मा ने संगठन का इतिहास बताते हुए कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद प्रत्येक वर्ष 9 जुलाई को अपना स्थापना दिवस मनाती है। संगठन ने वर्ष 2026 में अपने सफर के 78वें वर्ष में प्रवेश कर लिया है। इस मौके पर उपस्थित कार्यकर्ताओं ने स्वामी विवेकानंद के जीवन और उनके विचारों को याद किया। साथ ही सभी ने देश के विकास, छात्र हितों की रक्षा और सामाजिक दायित्वों के प्रति हमेशा समर्पित रहने का सामूहिक संकल्प लिया। शिक्षा, सेवा और संस्कार का मूल मंत्र कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि एबीवीपी आज देश का सबसे बड़ा छात्र संगठन है, जो केवल छात्र राजनीति नहीं बल्कि विद्यार्थियों के संपूर्ण व्यक्तित्व विकास, राष्ट्रभक्ति और सामाजिक जागरूकता के लिए निरंतर कार्य करता है। संगठन अपने मूल मंत्र ‘शिक्षा, सेवा और संस्कार’ के साथ छात्र शक्ति को समाज एवं राष्ट्र के प्रति उनकी जिम्मेदारियों का अहसास कराता है। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगीत के साथ गरिमापूर्ण तरीके से हुआ।
