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वर्ल्ड अपडेट्स:रूस का बॅाम्बर विमान क्रैश, चारों पायलट सुरक्षित, इंजन फेल होने की आशंका

रूस का Tu-22M3 बॉम्बर विमान सोमवार को साइबेरिया के इरकुत्स्क क्षेत्र में ट्रेनिंग उड़ान के दौरान क्रैश हो गया। रूस के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, विमान जमीन की ओर तेजी से गिरा, जिससे घटनास्थल पर धुएं का बड़ा गुबार उठ गया। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि विमान में सवार चारों क्रू मेंबर समय रहते इजेक्ट (पैराशूट के जरिए बाहर निकल) हो गए और उनकी जान को कोई खतरा नहीं है। सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे में जमीन पर भी किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ। इरकुत्स्क क्षेत्र के गवर्नर इगोर कोबजेव ने बताया कि विमान कामेंका गांव के पास दुर्घटनाग्रस्त हुआ। शुरुआती जांच में इंजन फेल होना हादसे की वजह माना जा रहा है। Tu-22, जिसे NATO ने Backfire कोडनेम दिया है, सोवियत काल का एक सुपरसोनिक बॉम्बर विमान है। रूस इसका इस्तेमाल सीरिया और यूक्रेन में सैन्य अभियानों के दौरान कर चुका है। Tu-22M3 इसका आधुनिक संस्करण है, जो Kh-22 क्रूज मिसाइलों और हवा से लॉन्च होने वाली हाइपरसोनिक किंझाल मिसाइलों को ले जाने में सक्षम है। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… ब्रिटेन में 16 साल की उम्र से पहले बच्चे नहीं चला सकेंगे सोशल मीडिया, प्रस्ताव से 10 में से 9 अभिभावक खुश ब्रिटेन में 16 साल से छोटे बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर बैन लगेगा। प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने सोमवार को इसकी घोषणा की। संबंधित नियम इस साल दिसंबर तक बन जाएंगे और 2027 मार्च- अप्रैल तक लागू होने की उम्मीद है। सरकार का तर्क है कि एल्गोरिदम आधारित प्लेटफॉर्म बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य, पढ़ाई और सामाजिक विकास पर नकारात्मक असर डाल रहे हैं। प्रस्ताव के तहत सोशल मीडिया के उपयोग से पहले उम्र सत्यापन सख्ती से लागू होगा और नियम पालन कराने की जिम्मेदारी कंपनियों पर होगी। बैन एप में स्नैपचैट, टिकटॉक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम, फेसबुक और एक्स जैसे प्लेटफॉर्म शामिल होंगे। वॉट्सएप और सिग्नल जैसी मैसेजिंग सेवाएं फिलहाल प्रतिबंध में शामिल नहीं होंगी। ब्रिटिश सरकार के एक सर्वे में 10 में से 9 अभिभावकों ने इस प्रतिबंध का स्वागत किया है। ब्रिटेन की रॉयल सोसाइटी फॉर पब्लिक हेल्थ द्वारा 14-24 वर्ष के युवाओं के बीच किए सर्वे के मुताबिक स्नैपचैट, फेसबुक, ट्विटर और इंस्टाग्राम से डिप्रेशन, चिंता, अपने शरीर को लेकर हीन भावना और अकेलेपन में बढ़ोतरी होती है। अमेरिकी सर्जन जर्नल के मुताबिक रोज 3 घंटे से ज्यादा सोशल मीडिया पर बिताने वाले किशोरों में मानसिक समस्याओं का खतरा दोगुना होता है। अमेरिका में एक परीक्षण में पाया गया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल बंद करने से युवाओं में खुशी, जीवन से संतुष्टि बढ़ी, डिप्रेशन-एंग्जाइटी में सुधार हुआ। 25 से ज्यादा देश किशोरों-बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन करने की पहल कर रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया में साल भर पहले प्रतिबंध लागू किया गया था। मलेशिया, इंडोनेशिया और ब्राजील में भी इस साल की शुरुआत से प्रतिबंध लागू हो चुके हैं। नॉर्वे, फ्रांस, अमेरिका, चीन जैसे कई देशों में बच्चों के लिए सोशल मीडिया से जुड़े नियम सख्त किए जा रहे हैं। इंडोनेशिया के सुलावेसी द्वीप में 6.7 तीव्रता का भूकंप, जानमाल के नुकसान की जानकारी नहीं इंडोनेशिया के सुलावेसी द्वीप के पास मंगलवार को 6.7 तीव्रता का भूकंप आया। भूकंप का केंद्र पालू शहर से लगभग 42 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में स्थित था। भूकंप की गहराई जमीन से 10 किलोमीटर नीचे दर्ज की गई। फिलहाल जान-माल के नुकसान या सुनामी की कोई अलर्ट नहीं । नॉर्वे की क्राउन प्रिंसेस के बेटे को रेप केस में 4 साल की जेल
नॉर्वे की क्राउन प्रिंसेस मेटे-मैरिट के बेटे मारियस बोर्ग होइबी (29) को ओस्लो डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने रेप, घरेलू हिंसा और अन्य अपराधों में दोषी ठहराते हुए 4 साल की जेल की सजा सुनाई है। यह फैसला ऐसे समय आया है, जब मेटे-मैरिट भी दिवंगत अमेरिकी यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से अपने पुराने संबंधों को लेकर विवादों में हैं। अदालत ने होइबी को दो रेप मामलों में दोषी ठहराया, जबकि दो अन्य रेप आरोपों से बरी कर दिया। अभियोजन पक्ष के अनुसार, 2018 से 2024 के बीच उन्होंने कई महिलाओं का यौन शोषण किया, जिनमें कुछ महिलाएं सो रही थीं या प्रतिरोध करने की स्थिति में नहीं थीं। होइबी, क्राउन प्रिंसेस मेटे-मैरिट और क्राउन प्रिंस हाकोन के साथ शाही माहौल में बड़े हुए हैं। हालांकि, उनके पास कोई शाही उपाधि नहीं है और वे राजपरिवार की ओर से कोई आधिकारिक भूमिका नहीं निभाते। अदालत ने उन्हें अपनी पूर्व प्रेमिका के साथ दुर्व्यवहार, दूसरी साथी पर हमला, ड्रग्स से जुड़े अपराध और ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के मामलों में भी दोषी पाया। होइबी ने रेप के आरोपों से इनकार किया था, लेकिन कोकीन के इस्तेमाल और मारपीट की बात स्वीकार की थी। भारत दौरे के बाद चीन पहुंचे नेपाल के विदेश मंत्री
नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने भारत दौरे के कुछ दिनों बाद चीन पहुंचकर शीर्ष चीनी राजनयिक वांग यी से मुलाकात की। मार्च में सत्ता में आई नई सरकार के गठन के बाद यह उनका पहला चीन दौरा है। चीनी विदेश मंत्रालय के अनुसार, वांग यी ने कहा कि चीन हमेशा नेपाल को अपनी पड़ोसी कूटनीति में प्राथमिकता देता है और उसकी संप्रभुता तथा क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के प्रयासों का समर्थन करेगा। विश्लेषकों का मानना है कि नेपाल भारत और चीन के बीच संतुलन साधने की कोशिश कर रहा है। हाल ही में नई दिल्ली दौरे के दौरान खनाल ने कहा था कि नई सरकार अतीत के राजनीतिक बोझ से मुक्त है और भारत के साथ रिश्तों को बेहतर बनाने के लिए तैयार है। विश्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, चीन नेपाल को लगभग 31 करोड़ डॉलर का कर्ज दे चुका है। वहीं चीनी कंपनियों ने ऊर्जा और रियल एस्टेट क्षेत्रों में 1.12 अरब डॉलर से अधिक का निवेश किया है। विश्लेषकों का कहना है कि नेपाल के हालिया राजनीतिक बदलावों ने चीन के लिए नई चुनौती पैदा की है। ऐसे में बीजिंग नेपाल के साथ अपने संबंधों को मजबूत बनाए रखने और क्षेत्र में अपना प्रभाव कायम रखने की कोशिश कर रहा है। इजराइली मंत्री बेन-गवीर पर EU में नहीं बनी सहमति: प्रतिबंध प्रस्ताव अटका
यूरोपीय संघ (EU) इजराइल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-गवीर पर प्रतिबंध लगाने के प्रस्ताव पर सहमति बनाने में विफल रहा। EU की विदेश नीति प्रमुख काजा कालास ने सोमवार को कहा कि कई सदस्य देशों ने आर्थिक प्रतिबंध लगाने की मांग की थी, लेकिन सर्वसम्मति नहीं बनने के कारण प्रस्ताव आगे नहीं बढ़ सका। बेन-गवीर हाल ही में गाजा की ओर जा रहे ग्लोबल सुमुद फ्लोटिला के कार्यकर्ताओं के साथ कथित दुर्व्यवहार को लेकर विवादों में रहे हैं। फ्लोटिला को इजराइली सैनिकों ने रोककर कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया था। बाद में एक वीडियो सामने आया, जिसमें बेन-गवीर कथित तौर पर हाथ बंधे हुए और जमीन पर बैठे कार्यकर्ताओं का मजाक उड़ाते दिखाई दिए। इस घटना के बाद कई यूरोपीय देशों में उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग उठी। हालांकि EU स्तर पर प्रतिबंध लगाने के लिए सभी सदस्य देशों की सहमति जरूरी होती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक जर्मनी, ऑस्ट्रिया और चेक गणराज्य उन देशों में शामिल हैं जिन्होंने प्रस्ताव का समर्थन नहीं किया। यूरोपीय संघ इजराइल का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है और पिछले वर्ष इजराइल के कुल वस्तु व्यापार में उसकी हिस्सेदारी 30% से अधिक रही थी। थाईलैंड ने परमाणु अप्रसार का दोहराया समर्थन
थाईलैंड ने वियना में आयोजित व्यापक परमाणु परीक्षण प्रतिबंध संधि संगठन (CTBTO) के 66वें सत्र में परमाणु हथियारों के परीक्षण और परमाणु तकनीक के सैन्य इस्तेमाल का विरोध दोहराया। देश ने परमाणु अप्रसार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताते हुए परमाणु तकनीक के शांतिपूर्ण उपयोग का समर्थन किया। थाईलैंड के ऑफिस ऑफ एटम्स फॉर पीस (OAP) ने कहा कि देश CTBTO की वैश्विक निगरानी और सत्यापन प्रणाली का सक्रिय समर्थक है। OAP के अनुसार, CTBTO नेटवर्क से प्राप्त आंकड़ों का उपयोग भूकंप निगरानी, सुनामी चेतावनी, आपदा जोखिम न्यूनीकरण, पर्यावरण निगरानी और वैज्ञानिक अनुसंधान जैसे कई क्षेत्रों में किया जाता है। सत्र में थाईलैंड ने परमाणु अप्रसार के समर्थन को दोहराते हुए कहा कि परमाणु तकनीक का इस्तेमाल केवल शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए होना चाहिए। देश ने चिकित्सा, ऊर्जा और उद्योग जैसे क्षेत्रों में इसके सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

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