पाकिस्तान में अब भी कम से कम 15 आतंकी संगठन एक्टिव हैं। इनमें से कई भारत को निशाना बनाने के लिए काम कर रहे हैं। लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे संगठनों का ध्यान खासतौर पर भारत और जम्मू-कश्मीर पर है। अमेरिकी कांग्रेस की रिसर्च सर्विस (CRS) की यह रिपोर्ट 25 मार्च को जारी हुई है। इसमें कहा गया है कि पाकिस्तान के 2014 के नेशनल एक्शन प्लान जैसे कदमों के बावजूद वहां आतंकी संगठन सक्रिय हैं। इनमें से कई को अमेरिका ने विदेशी आतंकी संगठन घोषित किया हुआ है।
पाकिस्तान के 15 आतंकी संगठन अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… अमेरिका के टेक्सास में 15 साल के छात्र ने महिला शिक्षक को गोली मारी, फिर खुदकुशी की अमेरिका के टेक्सास में सोमवार सुबह एक हाई स्कूल में 15 साल के छात्र ने महिला शिक्षक को गोली मार दी और फिर खुद को भी गोली मार ली। छात्र की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि शिक्षक को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद स्कूल को बंद कर दिया गया। घटना बुलवर्ड स्थित हाई स्कूल में सुबह करीब 8:30 बजे हुई। स्कूल में 250 छात्र पढ़ते हैं। फायरिंग के बाद स्कूल में अफरातफरी मच गई। छात्रों ने बताया कि उन्होंने दूसरी मंजिल से कई गोलियों की आवाज सुनी। छात्रों को पास के मिडिल स्कूल में ले जाया गया। पुलिस गवाहों से पूछताछ कर रही है। जांच की जा रही है कि छात्र और शिक्षक के बीच क्या संबंध था और छात्र को हथियार कैसे मिला। स्कूल प्रशासन ने मंगलवार के लिए कक्षाएं रद्द कर दी हैं। छात्रों और परिवारों के लिए काउंसलिंग की व्यवस्था की गई है। जैश सरगना मसूद अजहर के भाई ताहिर अनवर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत जैश-ए-मोहम्मद चीफ मसूद अजहर के भाई मोहम्मद ताहिर अनवर की पाकिस्तान में मौत हो गई है। संगठन ने इसकी पुष्टि की, लेकिन मौत की वजह को लेकर अब तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। जैश-ए-मोहम्मद ने अपने आधिकारिक चैनल के जरिए ताहिर अनवर की मौत की पुष्टि की। संगठन के मुताबिक उनका अंतिम संस्कार सोमवार देर रात बहावलपुर की जामिया मस्जिद उस्मान वाली में किया गया। ताहिर अनवर लंबे समय से जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा हुआ था और संगठन की गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाता रहा था। उसे मसूद अजहर के करीबी सहयोगियों में गिना जाता था। जैश-ए-मोहम्मद भारत में कई बड़े आतंकी हमलों में शामिल रहा है, जिनमें 2001 का संसद हमला, 2016 का पठानकोट एयरबेस हमला, उरी हमला और 2019 का पुलवामा हमला शामिल हैं। भारतीय सुरक्षा बलों ने जैश के ठिकानों पर कई बार कार्रवाई की है। सितंबर में संगठन के एक वरिष्ठ कमांडर ने स्वीकार किया था कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान हुए हमले में अजहर के परिवार के कई सदस्य मारे गए। इस हमले में बहावलपुर का जामिया मस्जिद सुब्हान अल्लाह परिसर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ था, जिसमें अजहर के करीब 10 रिश्तेदार और कई सहयोगी मारे गए थे। फ्लोरिडा के इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नाम बदलकर ट्रम्प के नाम पर रखा जाएगा अमेरिका के फ्लोरिडा में पाम बीच इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नाम बदलकर राष्ट्रपति ट्रम्प के नाम पर रखने का फैसला लिया गया है। गवर्नर रॉन डेसैंटिस ने सोमवार को बिल साइन किया। मंजूरी मिलने पर यह बदलाव 1 जुलाई से लागू हो सकता है। फ्लोरिडा सरकार के फैसले के बाद अब इस नाम को लागू करने के लिए फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) को औपचारिक प्रस्ताव भेजा जाएगा। इसके बाद फ्लाइट चार्ट, नेविगेशन सिस्टम और एयरपोर्ट साइनेज में बदलाव किया जाएगा। ट्रम्प के फैमिली बिजनेस ने फरवरी में ही इस नए नाम के लिए ट्रेडमार्क आवेदन किया था। इससे साफ है कि नाम बदलने की तैयारी पहले से चल रही थी। अमेरिकी सांसद ब्रायन मस्ट ने एयरपोर्ट का तीन अक्षरों वाला कोड PBI से बदलकर DJT करने का प्रस्ताव भी रखा है, जो ट्रम्प के नाम के शुरुआती अक्षर हैं। ट्रम्प के नाम पर बढ़ रहे हैं संस्थान एयरपोर्ट के अलावा भी ट्रम्प के नाम पर कई सरकारी और सार्वजनिक संस्थानों के नाम रखे जा रहे हैं। इनमें शामिल हैं: इसके अलावा अमेरिकी करेंसी पर भी इस साल से ट्रम्प के सिग्नेचर आने की बात कही गई है। फ्लोरिडा में ही मियामी में ट्रम्प की प्रेसिडेंशियल लाइब्रेरी बनाने की योजना है। ट्रम्प ने इसका एक वीडियो भी शेयर किया, जिसमें एक विशाल कांच की इमारत, गोल्डन स्टैच्यू, प्राइवेट जेट और लग्जरी सुविधाएं दिखाई गईं। इस प्रोजेक्ट के लिए वेबसाइट भी लॉन्च की गई है, जहां कमिंग सून के साथ डोनेशन का विकल्प दिया गया है। इजराइल में फिलिस्तीनियों को हमलों में दोषी पाए जाने पर सीधे फांसी की सजा; मंत्रियों ने संसद में शैंपेन की बोतल खोल जश्न मनाया इजराइल की संसद ने एक नया कानून पास किया है, जिसके तहत हमलों में दोषी ठहराए गए फिलिस्तीनियों को सीधे फांसी दे दी जाएगी। यह कानून प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की दक्षिणपंथी गठबंधन सरकार के वादे को पूरा करने के तौर पर देखा जा रहा है। कानून के मुताबिक, सैन्य अदालतों में दोषी पाए जाने पर फांसी डिफॉल्ट सजा होगी और 90 दिनों के भीतर सजा लागू की जाएगी। इसमें दया याचिका का अधिकार भी नहीं होगा, हालांकि कुछ विशेष परिस्थितियों में उम्रकैद का विकल्प दिया गया है। आलोचकों का कहना है कि यह कानून मुख्य रूप से फिलिस्तीनियों पर लागू होगा और इसे भेदभावपूर्ण बताया जा रहा है। जर्मनी, फ्रांस, इटली और ब्रिटेन समेत कई देशों ने भी इसकी आलोचना की है। फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है। इजराइल के मानवाधिकार संगठनों ने भी इस कानून को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कानून कानूनी जांच के दायरे में आ सकता है। यह कानून पास होते ही नेतन्याहू के मंत्रियों ने संसद में ही शैंपेन की बोतल खोली और जश्न मनाने लगे। इजराइल ने 1954 में हत्या के मामलों में मौत की सजा खत्म कर दी थी और 1962 में नाजी अधिकारी एडोल्फ आइखमैन को फांसी दी गई थी, जो अब तक का एकमात्र मामला है। चीन में हाईवे टनल में धमाका, 4 की मौत, 9 घायल, ज्वलनशील गैस से विस्फोट की आशंका चीन के चोंगकिंग म्युनिसिपैलिटी के वानझोउ जिले में निर्माणाधीन हाईवे टनल में सोमवार दोपहर जोरदार विस्फोट हुआ। हादसे में 4 लोगों की मौत हो गई, जबकि 9 लोग घायल हैं। शुरुआती रिपोर्ट में 12 लोगों के घायल होने और एक व्यक्ति के लापता होने की जानकारी सामने आई थी। देर रात रेस्क्यू टीम ने लापता व्यक्ति का शव बरामद कर लिया। अस्पताल में भर्ती घायलों में से तीन ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया, जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर चार हो गई। यह हादसा हुबेई और सिचुआन प्रांतों को जोड़ने वाले नेशनल हाईवे के टनल सेक्शन के पास हुआ। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई है कि टनल के भीतर मौजूद ज्वलनशील गैस के कारण विस्फोट हुआ। हालांकि, प्रशासन ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है। घटना के बाद पूरे इलाके को सील कर दिया गया है। बचाव और जांच टीमें मौके पर तैनात हैं और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
