छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में स्कूली छात्राओं ने कटघोरा-अंबिकापुर नेशनल हाईवे पर चक्काजाम कर दिया। सभी लड़कियां कस्तूरबा गांधी गर्ल्स हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करती हैं। हॉस्टल वार्डन को हटाने की मांग को लेकर उन्होंने प्रदर्शन किया। मामला बांगो थाना क्षेत्र का है। छात्राओं ने आरोप लगाया कि अधीक्षिका शारदा नेताम उनसे जबरन हाथ-पैर की मालिश कराती है। देर रात पूजा करती है। घंटी की आवाज से उन्हें परेशानी होती है। इसके साथ ही खराब और कच्चा खाना देने का आरोप लगाया। वहीं, दूसरा मामला गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले का है, जहां सेमरदर्री कन्या छात्रावास में पढ़ने वाली बच्चियों ने वार्डन पर आरोप लगाया कि ‘इतना ज्यादा खाना क्यों खाती हो’ कहकर प्रताड़ित करती है और पेरेंट्स को फोन पर ‘अपनी बेटी को यहां से ले जाइए’, कहकर डराती है। दोनों ही मामलों में अधीक्षिका को हटाने की मांग की गई है। पहले देखिए तस्वीरें… केस 1 – हाईवे जामकर अधीक्षिका को हटाने की मांग कोरबा के बांगो थाना क्षेत्र के पोंडी उपरोड़ा स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास में गुरुवार (6 अगस्त) को छात्राओं ने अधीक्षिका शारदा नेताम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। छात्राओं ने मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना, खराब खाने की गुणवत्ता और जबरन हाथ-पैर की मालिश कराने जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए कटघोरा-अंबिकापुर नेशनल हाईवे पर चक्काजाम कर दिया। छात्राओं के अचानक सड़क पर उतरने से लगभग आधे घंटे तक हाईवे पर आवागमन बाधित रहा। दोनों ओर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारी छात्राओं ने बताया कि अधीक्षिका रोज देर रात तक पूजापाठ करती हैं, जिससे उनकी पढ़ाई और नींद प्रभावित होती है। मना करने पर उन्हें डांट-फटकार लगाई जाती है। छात्राओं ने बताया कि उन्होंने पहले भी विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) से लिखित शिकायत की थी, लेकिन विभाग ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। इसके बाद मजबूर होकर उन्हें सड़क पर उतरना पड़ा। सूचना मिलने पर पोंडी उपरोड़ा तहसीलदार विनय देवांगन, नायब तहसीलदार सुमन मानिकपुरी, बीईओ के. आर. दयाल, जिला शिक्षा अधिकारी टी. पी. उपाध्याय और बांगो थाना प्रभारी दुर्गेश वर्मा मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने छात्राओं से बातचीत कर उनकी शिकायतें सुनीं और उन्हें समझाकर शांत कराया। प्रशासन के आश्वासन के बाद करीब आधे घंटे में चक्काजाम समाप्त हुआ और यातायात बहाल कर दिया गया। अधिकारियों ने छात्राओं के अलग-अलग बयान दर्ज किए और आश्वस्त किया कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। दोषी पाए जाने पर अधीक्षिका शारदा नेताम को तत्काल हटाकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। केस 2 – खराब खाना और निजी काम कराने का आरोप गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के सेमरदर्री कन्या छात्रावास में छात्राओं ने अधीक्षिका रीतू गुप्ता के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए। मरवाही की जनपद सदस्य किशमिश भानु के सामने छात्राओं ने लगाया कि उन्हें समय पर नाश्ता नहीं मिलता। भोजन की गुणवत्ता भी बेहद खराब है और कई बार खाने में कीड़े तक मिल चुके हैं। वहीं, साबुन सहित रोजमर्रा की जरूरी सामग्री भी नियमित रूप से उपलब्ध नहीं कराई जाती। छात्राओं का कहना है कि छात्रावास का सामान निजी उपयोग के लिए अधीक्षिका के घर भेजा जाता है। उनसे व्यक्तिगत काम कराए जाते हैं, अधीक्षिका अपने लिए अलग भोजन बनवाती हैं और बर्तन भी छात्राओं से धुलवाए जाते हैं। निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग समस्याओं की शिकायत करने पर अधीक्षिका उन्हें डांटती हैं और कहती हैं, ‘इतना ज्यादा खाना क्यों खाती हो।’ छात्राओं के अनुसार, अधीक्षिका उनके परिजनों को फोन कर यह भी कहती हैं कि ‘अपनी बेटी को यहां से ले जाइए, नहीं तो वह मेरी नौकरी खा जाएगी।’ छात्राओं का कहना है कि पहले भी शिकायत की गई थी, लेकिन व्यवस्थाओं में कोई सुधार नहीं हुआ। अब उन्होंने निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई और छात्रावास की व्यवस्था सुधारने की मांग की है। जांच के बाद होगी कार्रवाई- सहायक आयुक्त गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के आदिवासी विभाग के सहायक आयुक्त गोपेश मनहर ने कहा कि इस मामले में छात्रावास अधीक्षिका के खिलाफ शिकायत मिली है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। ………………….. इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… डेंटल कॉलेज मेस के खाने में निकला मरा मेंढक: चावल में इल्ली मिली, खराब बेसन से बन रहे थे भजिए; एक्सपायरी फूड प्रोडक्ट का इस्तेमाल राजनांदगांव जिले के सुंदरा स्थित छत्तीसगढ़ डेंटल कॉलेज के मेस में छात्रों को परोसे गए खाने में मेंढक मिलने का मामला सामने आया है। घटना 7 जनवरी 2026 की है। रात के समय स्टूडेंट मेस में डिनर करने पहुंचे थे, तभी एक स्टूडेंट के खाने की थाली से मरा हुआ मेंढक निकला। पढ़ें पूरी खबर…
