मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले के पिपरिया में रक्षाबंधन के दूसरे दिन 4 बहनों ने रोटी के लिए भाई को मार डाला। जीजा ने भी डंडे से पीटा और हंसिया से काटा। इसके बाद पांचों आरोपी दरवाजा बंद कर खिड़की से भाग निकले। वारदात 29 अगस्त की रात करीब 9 बजे की है। पुलिस के मुताबिक, मृतक की पहचान बबलू अहिरवार के रूप में हुई है। रक्षाबंधन पर बबलू की बहनें घर आई थीं। इसी दौरान बबलू रोटी खाने की जिद करने लगा। विवाद बढ़ने पर वह घर का सामान फेंकने लगा। इसके बाद उसकी बहनों और जीजा ने उसे पीटना शुरू कर दिया। बबलू पर लकड़ी के डंडे और बेलन से हमला थाना प्रभारी आदित्य सेन के मुताबिक, बबलू पर लकड़ी के डंडे, बेलन और दांतरा यानी हंसिया से हमला किया गया। मारपीट इतनी गंभीर थी कि बबलू की मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के दौरान उसकी बहनें रिंकी, रश्मि उर्फ लच्छो, प्राची और 15 वर्षीय नाबालिग बहन मौजूद थीं। रिंकी के पति दिनेश उर्फ नन्हे अहिरवार ने भी बबलू से मारपीट की। सभी ने मिलकर उसे डंडे और दूसरे सामान से पीटा। पुलिस जांच में सामने आया कि घटना के बाद आरोपियों ने मामले को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की। दरवाजा अंदर से बंद किया, खिड़की से निकालकर भागे हत्या के बाद आरोपियों ने घर का दरवाजा अंदर से बंद कर दिया। इसके बाद वे खिड़की की जाली निकालकर बाहर निकले और उसे दोबारा लगा दिया, ताकि पहली नजर में घर अंदर से बंद लगे। बबलू ने खुदकुशी की है। शुरुआत में पुलिस को सूचना दी गई थी कि बबलू ने घर का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया है और वह अंदर मृत पड़ा है। इस वजह से शुरुआती तौर पर मामला आत्महत्या का बताया गया। परिजन बोले- शराब पीकर झगड़ा करता था बबलू शुरुआती पूछताछ में परिजन ने पुलिस को बताया था कि बबलू शराब पीकर अक्सर घर में झगड़ा करता था। घटना वाले दिन भी उसके घर में विवाद हुआ था। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पुलिस को मौत की असली वजह को लेकर महत्वपूर्ण सुराग मिले। पोस्टमॉर्टम में खुला हत्या का राज डॉ. देवेंद्र ठाकुर ने बताया कि बबलू के शव का पोस्टमॉर्टम तीन डॉक्टरों की टीम ने किया। सिर, माथे, कान, नाक, दोनों हाथों के पंजों और घुटनों पर करीब एक दर्जन चोटों के निशान मिले। शरीर पर गंभीर चोटें मिलने के बाद डॉक्टरों ने पुलिस को आत्महत्या नहीं, हत्या की आशंका जताई। चोटों के निशान मिलने के बाद गहराया शक थाना प्रभारी ने बताया कि पोस्टमॉर्टम में चोटों के निशान मिलने के बाद पुलिस का शक आरोपियों पर गहराया। आसपास के लोगों से पूछताछ में बबलू के भाई-बहनों और मां से अक्सर झगड़े, गाली-गलौज की बात सामने आई, जिसके बाद हत्या का शक हुआ। पुलिस ने बबलू के जीजा दिनेश उर्फ नन्हे अहिरवार (29) को गिरफ्तार किया है। वह ग्राम विलगवा, थाना तेंदूखेड़ा का रहने वाला है। उसकी पत्नी और बबलू की बहन रिंकी (27) भी गिरफ्तार हुई है। इसके अलावा रश्मि उर्फ लच्छो (19) और प्राची अहिरवार (18) को भी हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। मामले में शामिल 15 वर्षीय नाबालिग बहन को बाल सुधार गृह, विदिशा भेजा गया है। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल लाठी, दांतरा (हंसिया) और बेलन जब्त किए हैं। ………………………….. यह खबर भी पढ़ें मां को उम्रकैद, चार बच्चों को कुएं में फेंका था गरोठ जिला और सत्र न्यायाधीश निरंजन पांचाल ने दो साल पहले अपने चार मासूम बच्चों को कुएं में फेंककर हत्या करने वाली मां सुगना बाई बंजारा को उम्रकैद की सजा सुनाई है। बुधवार आए फैसले में न्यायालय ने महिला को हर बच्चे की हत्या के अलग-अलग मामले में उम्रकैद और 2-2 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। पढ़ें पूरी खबर…
