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रिटायर्ड लैब टेक्नीशियन से हुई थी 1.58 करोड़ की ठगी:​गिरफ्तार कारोबारी के खाते में ठगी के 19.50 लाख के अलावा 1.10 करोड़ के संदिग्ध ट्रांजेक्शन मिले

ग्वालियर की 69 वर्षीय रिटायर्ड लैब टेक्नीशियन को ठगने वाले पकड़े जाने लगे हैं। बुजुर्ग को दिल्ली पुलिस के IPS अधिकारी व CBI ऑफिसर बनकर 33 दिन तक डिजिटल अरेस्ट कर 1.58 करोड़ की ठगी में पकड़े गए महाराष्ट्र के लोहा कारोबारी बिट्ठल फलसे से कई नए खुलासे हुए हैं। बुजुर्ग से ठगी गई रकम में से 19 लाख 50 हजार रुपए इस कारोबारी के ICICI बैंक के करंट अकाउंट में गए थे। सोमवार देर रात आरोपी को लेकर पुलिस नासिक से ग्वालियर पहुंची है। पर उससे पहले एक बड़ा खुलासा हुआ है। लोहा कारोबारी खुद को निर्दोष बता रहा था, लेकिन उसके इसी अकाउंट से पिछले 6 महीने में 1.10 करोड़ रुपए के संदिग्ध ट्रांजेक्शन हुए हैं। जिससे यह साफ हो गया है कि यह लोहा कारोबारी और भी ठगी की वारदातों में शामिल है। अब ग्वालियर क्राइम ब्रांच इससे इन 1.10 करोड़ रुपए के ट्रांजेक्शन पर भी बात करेगी। 11 राज्यों के 30 शहरों में 133 अकाउंट में गया पैसा बुजुर्ग महिला से सबसे पहले यह पूरा पैसा देश के चार राज्यों पश्चिम बंगाल, केरल, छत्तीसगढ़ व महाराष्ट्र के चार करंट अकाउंट में ट्रांसफर हुआ था। यह पहली लेयर के खाते थे। अब साइबर एक्सपर्ट की टीम को जांच में पता लगा है कि ठगों ने एक ही दिन में चार अकाउंट से यह ठगी की राशि को देश के 11 स्टेट के 40 से ज्यादा शहरों के 133 अकाउंट में ट्रांसफर कर खुर्दबुर्द कर दिया है। साइबर एक्सपर्ट की जांच में यह भी साफ हुआ है कि यह सभी अकाउंट “म्यूल अकाउंट’ हैं मतलब इनको कमीशन पर खरीदा गया है। इन राज्यों में साइबर ठगों ने जमा रखा है ठगी का नेटवर्क साइबर ठगी करने वाले आरोपियों ने देश के कई राज्यों में अपना नेटवर्क जमा रखा है। बुजुर्ग महिला से ठगी करने वालों के तार अभी देश के महाराष्ट्र, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, मध्यप्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा, गुजरात व राजस्थान में ठगी का नेटवर्क जमा रखा है। यहां ठगों के एजेंट म्यूल खातों को तैयार कर ठगी की रकम को खुर्दबुर्द करने का काम करते हैं। यह है पूरा मामला शहर के नेहरू पेट्रोल पंप के पास सरदार पाटनकर साहब का बाड़ा निवासी 69 वर्षीय मीनाक्षी नाखरे पत्नी रमेश नाखरे रिटायर्ड अधिकारी हैं। क्राइम ब्रांच में की गई शिकायत में मीनाक्षी ने बताया कि उसके पास 10 मई 2026 को मोबाइल नंबर 917500111409 और 917500111865 से कॉल आया। फोन करने वाले ने खुद को दिल्ली टेलीकॉम डिपार्टमेंट का अधिकारी ‘अशोक गुप्ता’ बताया। उसने कहा कि आपके नाम से एक अन्य मोबाइल नंबर 6768532494 चल रहा है, जिससे मनी लॉन्ड्रिंग और गैरकानूनी काम हो रहे हैं। जिस पर मीनाक्षी ने कहा कि यह मोबाइल नंबर मेरा नहीं है। महिला द्वारा मना करने पर ठगों ने ड्रामा रचा और कहा कि ऐसा है तो आपको कोई परेशानी नहीं होगी। दो घंटे में आपको दिल्ली आना होगा नहीं तो आप को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इसके बाद दिल्ली पुलिस के आईपीएस व सीबीआई अधिकारी बनकर 33 दिन तक डिजिटल अरेस्ट किया और 1.58 करोड़ रुपए ठग लिए थे। सीएसपी रोबिन जैन का कहना है कि बुजुर्ग महिला को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर लगभग 1.58 करोड़ रुपए की ठगी के मामले में अब पुलिस को सफलता मिलना शुरू हो गया है। महाराष्ट्र के नासिक से क्राइम ब्रांच ने पहली गिरफ्तारी कर ली है। पकड़ा गया लोहा व्यवसायी के करंट अकाउंट में ठगी की रकम से 19.50 लाख रुपए ट्रांसफर हुए थे। जिसमें से कुछ राशि को फ्रीज करा दिया गया है। अकाउंट में और भी कई संदिग्ध ट्रांजेक्शन हुए हैं जिनके बारे में पूछताछ की जा रही है। ये खबर भी पढ़ें… 33 दिन डराकर रिटायर्ड लेडी ऑफिसर से ठगे डेढ़ करोड़ ग्वालियर में स्वास्थ्य विभाग से रिटायर्ड लैब टेक्नीशियन महिला से साइबर बदमाशों ने एक करोड़ 57 लाख 90 हजार रुपए ठग लिए। बदमाशों ने 69 वर्षीय मीनाक्षी नाखरे को टेलीकॉम डिपार्टमेंट, दिल्ली का आईपीएस अधिकारी और सीबीआई अफसर बनकर फोन किया। उन्होंने मीनाक्षी से कहा- आपके नाम से रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से मनी लॉन्ड्रिंग और गैरकानूनी काम हो रहे हैं।पूरी खबर पढ़ें

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