इंदौर के राजेंद्र नगर में जमीन के नाम पर रिटायर्ड बैंक मैनेजर से 62 लाख 50 हजार रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। करीब चार साल से थाने के चक्कर लगा रहे पीड़ित की शिकायत और अब DCP जोन-1 नरेंद्र रावत के निर्देश पर पुलिस ने दो रिश्तेदारों के खिलाफ केस दर्ज किया है। दोनों आरोपी फिलहाल फरार हैं और पुलिस मामले की जांच कर रही है। राजेंद्र नगर पुलिस ने अतुल पंडित की शिकायत पर हरीश पुत्र नारायण राव आदले निवासी प्रगति नगर और योगेश भटाने निवासी तिवारी नगर के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में FIR दर्ज की है। पुलिस के मुताबिक अतुल पंडित ग्रामीण बैंक में वरिष्ठ प्रबंधक के पद से अप्रैल 2021 में सेवानिवृत्त हुए थे। रिटायरमेंट के बाद उन्हें एरियर और अन्य लाभ के रूप में एकमुश्त राशि मिली थी। इसी दौरान उनके रिश्तेदार हरीश ने बिजलपुर में अपनी बेशकीमती कृषि भूमि होने की बात बताई। उसने दावा किया कि भविष्य में जमीन का व्यावसायिक उपयोग होने पर उसकी कीमत काफी बढ़ जाएगी। जमीन के सौदे की बात पर अतुल पंडित ने वर्ष 2021 से जून 2022 के बीच आरोपियों को करीब 62 लाख 50 हजार रुपए दिए। इसमें से कुछ राशि हरीश के भांजे योगेश के खाते में भी जमा कराई गई। न कब्जा मिला, न रजिस्ट्री राशि लेने के बावजूद आरोपियों ने जमीन का कब्जा नहीं दिया और न ही रजिस्ट्री कराई। काफी समय बीतने के बाद अतुल ने रकम वापस मांगी और पुलिस में शिकायत करने की बात कही। इसके बाद आरोपियों ने 31 लाख 90 हजार रुपए लौटा दिए, लेकिन शेष राशि देने से इनकार कर दिया। पीड़ित का आरोप है कि बाकी रकम मांगने पर आरोपी आत्महत्या करने और उसे मामले में फंसाने की धमकी देने लगे। परेशान होकर अतुल पंडित ने कुछ दिन पहले DCP जोन-1 नरेंद्र रावत से मुलाकात कर दस्तावेजों के साथ शिकायत की। दस्तावेजों की जांच के बाद दर्ज हुई FIR DCP ने शिकायत और दस्तावेजों की जांच कराई। प्रथम दृष्टया मामला सही पाए जाने के बाद राजेंद्र नगर पुलिस को दोनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज करने के निर्देश दिए गए। पुलिस ने हरीश और योगेश के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। चार साल से थाने के चक्कर लगा रहे थे अतुल पंडित का कहना है कि वह करीब चार साल से मामले में कार्रवाई के लिए राजेंद्र नगर थाने के चक्कर लगा रहे थे। इस दौरान उन्होंने तत्कालीन DCP विनोद मीणा और कृष्णलाल चंदानी से भी शिकायत की थी, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिली। वर्तमान DCP नरेंद्र रावत के समक्ष शिकायत पहुंचने के बाद दस्तावेजों की जांच कराई गई और पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दिए गए। फिलहाल दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस जमीन से जुड़े दस्तावेजों, लेन-देन और आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।
