मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के जस्टिस अवनीन्द्र कुमार सिंह गुरुवार को सेवानिवृत्त हो गए। हाईकोर्ट में आयोजित फुल कोर्ट फेयरवेल में उन्होंने पत्नी इंदिरा के साथ देहदान का संकल्प लिया। साथ ही GPF से मिलने वाली 1 करोड़ 1 लाख रुपए प्रधानमंत्री राहत कोष में देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि राशि खाते में आते ही उसे राहत कोष में ट्रांसफर कर देंगे। जस्टिस सिंह ने कहा कि उनकी पत्नी इंदिरा की इच्छा थी कि रिटायरमेंट के बाद वे समाज के लिए कुछ करें। उनकी भावना का सम्मान करते हुए उन्होंने यह संकल्प लिया है। जस्टिस सिंह के मुताबिक मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में अपने रिटायरमेंट पर इस तरह की घोषणा करने वाले वे पहले जज हैं। 6 महीने की उम्र में मां को खोया, मौसी ने बेटे की तरह पाला जस्टिस सिंह कई बार भावुक हुए। उन्होंने बताया कि जब वे महज 6 महीने के थे, तब उनकी मां का निधन हो गया था। पिता के साथ उनकी मौसी स्वर्गीय निर्मला बुच, जो मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्य सचिव थीं और मौसा स्वर्गीय महेश नीलकंठ बुच ने उन्हें बेटे की तरह पाला। उन्होंने कहा कि आज वे यह संतोष लेकर जा रहे हैं कि देश की न्यायिक और प्रशासनिक व्यवस्था का स्वर्णिम काल चल रहा है। पहले मुकदमों की सुनवाई फिजिकल मोड में होती थी, लेकिन अब वर्चुअल मोड ने सुनवाई की व्यवस्था को और आसान बनाया है। पत्नी की बात मानने का जिक्र किया तो गूंजा कोर्ट रूम उद्बोधन के दौरान एक मौके पर जस्टिस आनंद पाठक ने उनकी पीठ पर हाथ फेरकर उन्हें ढांढस बंधाया। अंत में अपने चिर-परिचित अंदाज में जस्टिस सिंह ने कहा कि पूरे कार्यकाल में उन्होंने पत्नी इंदिरा की हर बात मानी है। अब रिटायरमेंट के बाद समाज के लिए देहदान का उनका संकल्प है, इसलिए उनकी यह बात भी मानी जाएगी। इस पर पूरा कोर्ट रूम तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। करीब 3 साल में 8788 केसों का डिस्पोजल फेयरवेल को चीफ जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि जस्टिस सिंह को जो भी जिम्मेदारियां सौंपी गईं, उन्होंने उन्हें बखूबी निभाया। हाईकोर्ट जज के रूप में करीब तीन साल के कार्यकाल में उन्होंने 8788 केसों का डिस्पोजल किया। चीफ जस्टिस ने कहा कि उनका आकलन केवल आंकड़ों से नहीं, बल्कि फैसलों की गुणवत्ता से किया जाना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि रिटायरमेंट के बाद भी जस्टिस सिंह समाज के लिए अपनी सेवाएं देने को तत्पर रहेंगे। वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने दी शुभकामनाएं समारोह में केंद्र सरकार के एडिशनल सॉलिसिटर जनरल सुनील कुमार जैन, स्टेट बार काउंसिल की स्पेशल कमेटी के सदस्य दीपेंद्र सिंह कुशवाहा, मप्र हाईकोर्ट बार के अध्यक्ष मृगेन्द्र सिंह, इंदौर हाईकोर्ट बार अध्यक्ष मनीष यादव, ग्वालियर हाईकोर्ट बार अध्यक्ष पवन पाठक, हाईकोर्ट एडवोकेट्स बार अध्यक्ष संजय अग्रवाल और सीनियर एडवोकेट्स बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष रविशंकर जायसवाल ने भी संबोधित किया। सभी ने जस्टिस सिंह के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
