Homeदेशराहुल ने CBSE स्टूडेंट्स से बातचीत की:कहा- जिन्होंने केंद्र-CBSE से सवाल किए,...

राहुल ने CBSE स्टूडेंट्स से बातचीत की:कहा- जिन्होंने केंद्र-CBSE से सवाल किए, उन्हें एंटी-नेशनल और आतंकी कहा गया

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने CBSE 12वीं क्लास के छात्रों से मुलाकात की। उन्होंने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर छात्रों के साथ बातचीत का वीडियो पोस्ट किया और CBSE की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रक्रिया में गड़बड़ियों के आरोपों को लेकर केंद्र पर निशाना साधा। राहुल ने जिन छात्रों से बात की, उनमें वेदांत भी शामिल थे। वेदांत का आरोप है कि री-इवैल्यूएशन के दौरान पोर्टल पर जो स्कैन की गई कॉपी अपलोड की गईं, वे उनकी नहीं थीं। उनका एक सोशल मीडिया पोस्ट वायरल होने के बाद कई अन्य छात्र भी ऐसी शिकायतें लेकर सामने आए थे। राहुल ने स्टूडेंट्स के साथ बातचीत के दौरान कहा- वेदांत और उसके दोस्तों ने CBSE और मोदी सरकार से सिर्फ कुछ आसान सवाल पूछे थे, लेकिन जवाब देने के बजाय उनका अपमान किया गया। उन्हें एंटी-नेशनल और आतंकवाद जैसे तमगे दिए गए। इससे पहले राहुल ने 30 मई को भी परीक्षाओं में गड़बड़ियों को लेकर सरकार से सवाल किए थे। उन्होंने एक पोस्ट में लिखा- सरकार विश्वगुरु बनने के दावे करती है, मगर देश में एक परीक्षा नहीं करवा सकती। मोदी जी ने पूरी शिक्षा व्यवस्था तबाह कर दी है। CBSE 12वीं OSM-री-इवैल्यूएशन विवाद: टाइमलाइन राहुल ने OSM का काम करने वाली कंपनी पर भी सवाल उठाए राहुल गांधी ने 27 मई को अपना एक वीडियो जारी करते हुए OSM का काम करने वाली कंपनी COEMPT पर भी सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा कि CBSE ने जिस COEMPT कंपनी को एग्जाम के डिजिटल इवैल्यूएशन का ठेका दिया है, उसका पहले ग्लोबारिना नाम था। राहुल ने सवाल किया कि COEMPT को CBSE का ठेका क्यों और किसके कहने पर दिया गया। कौन-कौन से नियम और प्रक्रियाएं दरकिनार करके इस कंपनी को कॉन्ट्रैक्ट दिया गया। COEMPT पहले ग्लोबारिना नाम से विवादों में घिर चुकी थी, यह बात CBSE को क्यों नहीं पता चली? COEMPT प्रबंधन और मोदी सरकार के बीच क्या संबंध हैं। CBSE ने कहा- कंपनी को कॉन्ट्रैक्ट देने में नियमों का पालन हुआ हालांकि, CBSE ने राहुल के आरोपों को खारिज किया। CBSE मुख्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि COEMPT एडूटेक को कॉन्ट्रैक्ट देने में सभी जनरल फाइनल्स रूल्स और तय प्रक्रियाओं का पालन किया गया। आरोप गलत, भ्रामक और तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। CBSE का कहना है कि इससे चेकिंग ज्यादा तेज और सटीक ढंग से होती है और मार्क्स जोड़ने या डेटा एंट्री में होने वाली गड़बड़ियों में कमी आती है। रिजल्ट के बाद उल्टा हुआ। स्टूडेंट्स ने सर्वर डाउन, पेमेंट फेल होने और ब्लर पेज जैसी शिकायतें कीं। COEMPT पर तेलंगाना बोर्ड एग्जाम में गड़बड़ी के आरोप COEMPT एडूटेक तेलंगाना के दराबाद की कंपनी है। ये फर्म तेलंगाना, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों मे डिजिटल इवैल्यूएशन का काम करती है। 2019 में इसका नाम ग्लोबरेना टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड था। तब इस पर तेलंगाना में 12वीं के बोर्ड एग्जाम में डेटा प्रोसेसिंग में गड़बड़ी के आरोप लगे थे। उस साल राज्य में 9.74 लाख में से 3 लाख से ज्यादा बच्चे फेल हो गए थे। ——————————— ये खबर भी पढ़ें… CBSE की थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे पेरेंट्स, 9वीं क्लास में लागू किए जाने का विरोध CBSE की थ्री लैंग्वेज पॉलिसी को सुप्रीम कोर्ट में 19 लोगों के एक ग्रुप ने चुनौती दी। इनमें स्टूडेंट्स, पेरेंट्स और टीचर्स शामिल हैं। ये याचिका क्लास 9वीं में थ्री लैंग्वेज पॉलिसी लागू किए जाने के विरोध दायर की गई। इसके खिलाफ SC अगले हफ्ते सुनवाई करेगा। पूरी खबर पढ़ें…

Stay Connected
16,985FansLike
2,458FollowersFollow
61,453SubscribersSubscribe
Must Read
Related News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here