भोपाल के रहवासी क्षेत्रों में चल रहे 750 से ज्यादा व्यावसायिक संस्थानों को गतिविधियां बंद करने के लिए 3 दिन का अंतिम समय दिया जाएगा। इनमें अरेरा कॉलोनी, बावड़िया कलां और रोहित नगर के 429 संस्थान भी शामिल हैं। नगर निगम उपायुक्त भुवन गुप्ता के मुताबिक, मंगलवार से अंतिम सूचना पत्र जारी किए जाएंगे। तय समय में गतिविधि बंद नहीं करने पर सीलिंग और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी। इधर, कार्रवाई के विरोध में व्यापारी मंगलवार सुबह 11 बजे रोशनपुरा चौराहे से रैली निकालेंगे। उनका कहना है कि एक साथ संस्थान बंद होने से व्यापारियों के साथ अन्य लोगों की आजीविका प्रभावित होगी। उन्होंने सरकार से नियमितीकरण का रास्ता निकालने की मांग की है। 250 संचालकों ने दिए जवाब, निगम ने नकारे निगम ने इससे पहले अरेरा कॉलोनी, बावड़िया कलां और रोहित नगर के 429 संस्थानों को नोटिस दिए थे। इनमें से 60 संस्थानों को 24 घंटे का अंतिम नोटिस भी दिया गया। करीब 250 संचालकों ने जवाब में कमर्शियल टैक्स जमा करने, व्यावसायिक बिजली कनेक्शन होने और भवन 18 मीटर चौड़ी सड़क पर स्थित होने जैसे तर्क दिए। अब तक 6,589 नोटिस व्यापारी बोले- गुजरात जैसे नियमितीकरण नीति बने व्यापारियों का कहना है कि कई रहवासी क्षेत्रों का स्वरूप वर्षों में बदल चुका है और व्यावसायिक संस्थान लंबे समय से चल रहे हैं। अचानक सीलिंग से कारोबार, रोजगार और आम लोगों की सेवाएं प्रभावित होंगी। उनकी मांग है कि नया मास्टर प्लान जल्द लागू कर मिक्स लैंड यूज का प्रावधान किया जाए। साथ ही गुजरात के अनधिकृत विकास नियमितीकरण कानून-2022 की तर्ज पर मध्यप्रदेश में नीति बने।
