भोपाल में ट्विशा शर्मा की बहुचर्चित मौत के मामले में सीबीआई ने रिटायर्ड जिला जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह के खिलाफ भोपाल कोर्ट में 635 पेज की चार्जशीट पेश की है। दोनों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने, प्रताड़ित करने और सामान्य आशय से जुड़ी धाराओं में आरोप लगाए गए हैं। मामले में 90 गवाह बनाए गए हैं। दहेज हत्या और दहेज की मांग को लेकर जांच जारी है। इस मामले में ट्विशा के दोनों पोस्टमार्टम में मौत का कारण एक ही है, लेकिन शरीर पर चोटों को लेकर अलग-अलग निष्कर्ष सामने आए हैं। भोपाल एम्स में हुए पहले पोस्टमार्टम में ट्विशा के शरीर पर मौत से पहले की कई चोटें पाई गई थीं। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के आदेश पर दिल्ली एम्स में हुए दूसरे पोस्टमार्टम में शरीर पर चोट का एक भी निशान नहीं मिला। दोनों में मौत का कारण फांसी लगाने से दम घुटना बताया गया है। चार्जशीट के मुताबिक, ट्विशा और आरोपियों के मोबाइल की डिजिटल इमेजिंग में मानसिक प्रताड़ना से जुड़ी बातें सामने आई हैं। आरोप है कि समर्थ ट्विशा को गालियां देता था, जबकि गिरिबाला उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करती थीं और समर्थ को भी इसके लिए उकसाती थीं। संतान नहीं होने पर पहली बहू को भी प्रताड़ित करने का आरोप मां से आखिरी बातचीत- कहा, समर्थ आक्रामक हो गया है घटना वाली रात 10:05 बजे ट्विशा ने मां से बात की थी। चार्जशीट के मुताबिक, इस दौरान वह रो रही थीं और उन्होंने समर्थ के आक्रामक व्यवहार की बात दोहराई। इसके बाद फोन कट गया। कॉल रिकॉर्ड के अनुसार, घटना से पहले ट्विशा, उनकी मां, ननद और सास के बीच कई कॉल हुए, लेकिन बाद में ट्विशा ने फोन उठाना बंद कर दिया। गर्भपात का फैसला वापस लेना चाहती थीं ट्विशा सीबीआई जांच के अनुसार, 7 मई 2026 को मां रेखा रानी शर्मा की सलाह पर ट्विशा सास गिरिबाला सिंह के साथ हर हेल्थ हॉस्पिटल गई थीं। गिरिबाला की इच्छा के मुताबिक ट्विशा गर्भावस्था को वापस लाने की कोशिश करना चाहती थीं। डॉक्टर ने स्पष्ट किया कि एक बार गर्भपात की दवा लेने के बाद गर्भावस्था वापस नहीं लाई जा सकती। इसके बाद डॉक्टर ने ट्विशा को गर्भपात पूरा करने के लिए दूसरी खुराक लेने की सलाह दी। ये जांच अभी बाकी
