सिरोंज थाने के सामने 6 मई की रात कई घंटों तक हंगामा होता रहा। सैकड़ों की संख्या में यादव समाज के लोग हाथों में लाठी-डंडे लेकर थाने पहुंचे और मलखान यादव नामक व्यक्ति के अपहरण का आरोप लगाया। आक्रोशित लोगों ने सड़क जाम कर दी और मलखान यादव को तत्काल तलाशने तथा आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की। सिरोंज एसडीओपी सोनू डाबर और टीआई विमलेश राय भीड़ को समझाने का प्रयास करते रहे। पुलिस कुछ लोगों को शांत करती तो भीड़ का दूसरा समूह फिर से हंगामा करने लगता। इसी बीच सिरोंज विधायक उमाकांत शर्मा ने मोबाइल कॉल द्वारा माइक पर उपस्थित लोगों से शांति बरतने की अपील की l यह स्थिति रात 9 बजे से रात 10:30 बजे तक बनी रही। इसके बाद टीआई विमलेश राय यादव समाज के कुछ लोगों को अपने वाहन से बासोदा रोड की ओर ले गए, जबकि एसडीओपी सोनू डाबर थाने पर रुककर व्यवस्था संभालती रहीं। घटनाक्रम के संबंध में राममोहन यादव और सुरेश यादव ने बताया कि रात 8 से 8:30 बजे के बीच इमलानी रोड पर सांकलोन चौराहे के पास एक भैंस की पड़िया से एक मोटरसाइकिल टकरा गई। मोटरसाइकिल पर तीन मुस्लिम युवक सवार थे। टक्कर से पड़िया घायल हो गई थी, जिसके बाद पड़िया पालक परिवार और मोटरसाइकिल सवारों के बीच कहासुनी हो रही थी। उन्होंने बताया कि इसी दौरान तीनों युवकों में से किसी ने फोन कर अन्य लोगों को बुला लिया। कुछ ही देर में तीन कारों में भरकर मुस्लिम समुदाय के लोग मौके पर पहुंचे और उतरते ही पथराव व मारपीट शुरू कर दी। उन्होंने सड़क किनारे एक मकान में तोड़फोड़ भी की और मलखान यादव नामक व्यक्ति को कार में डालकर अपने साथ ले गए। पथराव और अपहरण की इस घटना से नाराज होकर यादव समाज के लोग बड़ी संख्या में इकट्ठा हुए और रात 9 बजे के बाद सिरोंज थाने पहुंच गए। रात 12 बजे भी थाने पर लोगों का जमावड़ा कम नहीं हुआ था। सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने अपहृत किए गए मलखान यादव को अपने संरक्षण में ले लिया है और आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी है।
