क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने पर 30 प्रतिशत मुनाफे का लालच देकर जालसाजों ने एक प्राइवेट बैंककर्मी से 27.55 लाख रुपए की साइबर ठगी कर ली। ठगों ने पहले निवेश पर लगातार मुनाफा दिखाकर भरोसा जीता, फिर रकम निकालने के समय 20 प्रतिशत टैक्स और कमीशन जमा कराने की शर्त रख दी। जब पुलिसकर्मी ने पैसे निकालने का प्रयास किया तो उसका अकाउंट ब्लॉक कर दिया गया। शिकायत के बाद स्टेट साइबर सेल ने ई-जीरो एफआईआर दर्ज कर मामला जहांगीराबाद थाने भेजा, जहां पुलिस ने धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जहांगीराबाद थाना पुलिस के मुताबिक पुलिस लाइन निवासी पुनीत तिवारी से 25 मई को मोबाइल के जरिए संपर्क किया गया। कॉल करने वालों ने खुद को लुनो मनी लिमिटेड से जुड़ा बताते हुए क्रिप्टो निवेश पर 30 प्रतिशत तक मुनाफे का दावा किया। उन्होंने एक एप के जरिए निवेश कराया और खाते में लगातार बढ़ता हुआ मुनाफा भी दिखाते रहे। भरोसा बढ़ने पर पुनीत ने अलग-अलग किस्तों में 9 बैंक खातों में कुल 27.55 लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए। अयोध्या नगर में 3 लोगों से 4.50 लाख ठगे अयोध्या नगर थाना पुलिस ने भी तीन अलग-अलग साइबर ठगी के मामले दर्ज किए हैं। रोज प्रधान के मोबाइल पर 16 जून को एपीके फाइल भेजी गई। फाइल डाउनलोड करते ही उनके खाते से एक लाख रुपए निकल गए। रज्जन कुमार नामदेव से क्रेडिट कार्ड अपडेट कराने के बहाने एक लाख रुपए की ठगी की गई। वहीं नीतू के पास आए एक कॉल के बाद उनके खाते से 2.50 लाख रुपए ट्रांसफर कर लिए गए। तीनों मामलों में पुलिस मोबाइल नंबर और बैंक खातों की डिटेल के आधार पर आरोपियों की तलाश कर रही है। मुंबई समेत चार राज्यों के खातों में गई रकम ठगी का अहसास होने पर पुनीत ने स्टेट साइबर सेल में शिकायत की। जहांगीराबाद पुलिस अब जिन बैंक खातों और मोबाइल नंबरों में रकम ट्रांसफर हुई, उनकी जानकारी जुटाकर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। जांच में सामने आया है कि रकम मुंबई के पांच, पुणे के एक और चार अन्य राज्यों के खातों में ट्रांसफर कराई गई। पुलिस का कहना है कि संबंधित बैंकों और साइबर एजेंसियों से जानकारी लेकर आरोपियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।
