इंदौर के डाककुंज कॉलोनी में पोस्टल असिस्टेंट उर्मिला सैनी की शनिवार को हत्या ने सिर्फ एक महिला की जिंदगी नहीं छीनी, बल्कि दो मासूम बच्चों के सपनों, आत्मविश्वास और खुशियों को भी गहरा आघात पहुंचाया है। खासकर 9वीं कक्षा में पढ़ने वाली प्रेक्षा सैनी के लिए यह घटना किसी बुरे सपने से कम नहीं है, जो अब हर पल उसकी आंखों के सामने खौफनाक मंजर जीवंत हो उठता है। प्रेक्षा सिर्फ एक मेधावी छात्रा नहीं, बल्कि अपनी उम्र से कहीं अधिक परिपक्व सोच रखने वाली महत्वाकांक्षी बच्ची है। स्कूल में वह हमेशा टॉप और बेस्ट स्टूडेंट्स में गिनी जाती रही है। पढ़ाई के साथ-साथ उसने सोशल मीडिया की दुनिया में भी अपनी अलग पहचान बनानी शुरू कर दी थी। वह मोटिवेशनल, प्रमोशनल और आध्यात्मिक विषयों पर वीडियो बनाती थी और कंटेंट क्रिएटर के रूप में तेजी से पहचान बना रही थी। कुछ समय पहले ही प्रेक्षा ने अपनी मां उर्मिला केर डाक विभाग के कार्यों को लेकर एक बेहद रचनात्मक और प्रोफेशनल वीडियो तैयार किया था। इस वीडियो में उसकी रचनात्मकता, आत्मविश्वास और प्रस्तुति कौशल साफ दिखाई देता था। डाक विभाग के कर्मचारियों से लेकर कॉलोनी के रहवासियों तक, सभी ने उसकी प्रतिभा की जमकर सराहना की थी। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी कुछ बड़ा करना चाहती थी लोग कहते हैं कि कैमरे के सामने बोलते समय प्रेक्षा के चेहरे पर जो आत्मविश्वास दिखाई देता था, वह उसकी उम्र से कहीं आगे की सोच को दर्शाता था। वह अपने सपनों को लेकर बेहद गंभीर थी और पढ़ाई के साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी कुछ बड़ा करना चाहती थी। स्कूल से लौटी तो जिंदगी बदल चुकी थी
शनिवार दोपहर जब प्रेक्षा अपने छोटे भाई अव्यक्त के साथ स्कूल से लौटी, तब उसे अंदाजा भी नहीं था कि कुछ घंटों पहले उसकी दुनिया बिखर चुकी है। सुबह उसके पिता अखिलेश सैनी स्कूल पहुंचे थे। उन्होंने प्रेक्षा को मां का गोल्ड नेकलेस, घर की चाबी, एटीएम कार्ड, स्कूटी की चाबी और कुछ जरूरी सामान सौंपते हुए कहा था कि वह सीधे पूजा मौसी के घर चली जाए। इसके साथ ही एटीएम का पासवर्ड बताने के साथ प्रेक्षा को कहा कि खाते में 5 लाख रुपए हैं। साथ ही प्रेक्षा का मोबाइल स्विच ऑफ करके दे दिया। उस समय प्रेक्षा को लगा कि भोपाल में किसी रिश्तेदार के यहां कोई आपात स्थिति होगी। बच्चे पहुंचे तो आखिरी सांसें चल रही थी
फिर स्कूल की छुट्टी के बाद दोनों भाई-बहन सीधे घर पहुंच गए। घर का दरवाजा खुला था। अंदर टीवी तेज आवाज में चल रहा था। जैसे ही दोनों भीतर पहुंचे, पहले ही कमरे में उनकी मां उर्मिला खून से लथपथ पड़ी थी। उनकी आंखें खुली हुई थी और कुछेक सांस भी चली। फर्श पर खून फैला हुआ था और बेड पर रक्तरंजित चाकू पड़ा था। फिर उस एक पल ने दोनों बच्चों की जिंदगी हमेशा के लिए बदल दी। मां का मोबाइल रोज चेक करते थे, हर बात पर शक करते थे
सदमे में डूबी प्रेक्षा ने बताया कि उसके पिता लंबे समय से उसकी मां पर शक करते थे। घर में आए दिन इसी बात को लेकर विवाद होता था। पिता रोज मां का मोबाइल चेक करते थे। उन्होंने मां का वाट्सएप भी अपने मोबाइल से लिंक कर रखा था ताकि उनकी हर गतिविधि पर नजर रख सकें। मां के ऑफिस जाने पर भी अक्सर विवाद होता था। उन्होंने शक में मां का ट्रांसफर दूसरे ऑफिस कर दिया था। विवाद शांत करने पर बेटी के साथ भी बदसलूकी प्रेक्षा ने बताया कि कई बार झगड़े इतने बढ़ जाते थे कि मारपीट की नौबत आ जाती थी। जब वह अपनी मां का पक्ष लेती थी तो उसके साथ भी अभद्र व्यवहार किया जाता था और उस पर हाथ उठाते थे। उसने यह भी बताया कि पहले भी कई बार पिता ने मां को जान से मारने की धमकी दी थी और एक बार गला दबाने की घटना भी हुई थी, जिसके निशान लंबे समय तक दिखाई देते रहे थे। एक रात पहले सब सामान्य था
सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि घटना से एक रात पहले परिवार में सब कुछ सामान्य नजर आ रहा था। प्रेक्षा के अनुसार, पिता ने ऑन लाइन नॉनवेज भोजन मंगवाया था। पूरा परिवार साथ बैठकर भोजन कर रहा था। उन्होंने अपने हाथ में हमें भोजन खिलाया। किसी को यह आभास तक नहीं था कि अगले ही दिन इतनी बड़ी त्रासदी घट जाएगी। घटना को याद कर रो पड़ते हैं मासूम भाई-बहन
मां की हत्या के बाद प्रेक्षा और उसका छोटा भाई अव्यक्त रिश्तेदारों के पास हैं, लेकिन दोनों बच्चे उस भयावह दृश्य को भूल नहीं पा रहे हैं। रिश्तेदारों के मुताबिक दोनों बच्चे बार-बार उसी घटना को याद कर रो पड़ते हैं। मां की याद आते ही उनकी आंखें भर आती हैं। कभी विवाद जैसी स्थिति नहीं दिखती थी
रहवासी यशपाल धाकड़ का कहना है कि बाहर से देखने पर दंपती के बीच कभी विवाद जैसी स्थिति दिखाई नहीं देती थी। हत्या के बाद ही रिश्तेदारों और करीबियों से पता चला कि घर के भीतर लंबे समय से तनाव और अविश्वास का माहौल बना हुआ था। पुलिस को आरोपी की तलाश पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर फरार पति अखिलेश सैनी की तलाश शुरू कर दी है। उसका मोबाइल फोन घर में ही मिला है। पुलिस सेंट अर्नाल्ड स्कूल और आसपास के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि बच्चों को सामान सौंपने के बाद वह किस दिशा में गया। पूरे मामले के बीच सबसे बड़ा सवाल उन दो मासूम बच्चों का है, जिनके सामने एक पल में उनकी दुनिया बिखर गई। खासकर प्रेक्षा, जो कल तक अपनी प्रेरणादायक वीडियो बनाकर लोगों की वाहवाही बटोर रही थी, आज उसी मां की यादों और एक भयावह मंजर के साथ जीने को मजबूर है। उसकी आंखों में अब भी सपने हैं, लेकिन उन सपनों पर दर्द की एक गहरी परत चढ़ चुकी है। यह खबर भी पढ़ें… इंदौर में सरकारी मकान में पोस्टल असिस्टेंट की हत्या इंदौर की डाककुंज कॉलोनी के ग्राउंड फ्लोर स्थित सरकारी आवास में शनिवार को डाक विभाग की पोस्टल असिस्टेंट उर्मिला सैनी (38) की हत्या कर दी गई। स्कूल से लौटे दोनों बच्चों ने घर के अंदर मां का खून से लथपथ शव देखा। पूरी खबर यहां पढ़ें…
