भोपाल में मानसून की दस्तक से पहले ही हुई बारिश ने शहर की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। राजधानी में कई जगह सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं, जबकि फ्लाइओवर और मुख्य मार्गों पर जलभराव के कारण यातायात प्रभावित हुआ। पुराने भोपाल से लेकर नए भोपाल तक लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। शहर के कई इलाकों में चार महीने पहले सीवेज पाइप लाइन डालने के लिए सड़कें खोदी गई थीं, लेकिन अब तक उनका पुनर्निर्माण नहीं किया गया है। बारिश के दौरान इन रास्तों पर पानी भरने से लोगों का निकलना मुश्किल हो गया है और हादसों का खतरा भी बढ़ गया है। मानसून से पहले भोपाल नगर निगम ने नाले-नालियों की सफाई, ड्रेनेज सिस्टम सुधारने और जलभराव वाले क्षेत्रों में विशेष इंतजाम करने के दावे किए थे। निगम प्रशासन का कहना था कि बारिश के दौरान पानी निकासी की सुचारु व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए अभियान चलाया गया है, लेकिन पहली बारिश में ही दावों की हकीकत सामने आ गई। बोर्ड ऑफिस से ज्योति टॉकीज तक की सड़क पर भी हालात खराब रहे। पिछले तीन महीने से इस सड़क की मरम्मत का काम चल रहा था, लेकिन महज 15 मिनट की बारिश में सड़क पर इतना पानी भर गया कि पूरा रास्ता तालाब जैसा नजर आने लगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या हर साल बारिश में सामने आती है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं किया गया। फ्लाइओवर में भरा पानी, एम्बुलेंस जाम में फंसी कमलापति स्टेशन से एम्स हॉस्पिटल जाने वाले फ्लाइओवर पर जलभराव हो गया, जिससे लंबा जाम लगा रहा। जाम में एक एम्बुलेंस भी फंसी रही। कमलापति स्टेशन से लेकर एमपी नगर तक भरा पानी बारिश के बाद भोपाल के पॉश इलाकों में शामिल कमलापति स्टेशन रोड, सात नंबर रोड, एमपी नगर और अरेरा कॉलोनी की सड़कों पर जगह-जगह पानी भरा नजर आया। खुले नाले मौत को दे रहे बुलावा शहर में कई जगह बड़े-बड़े नाले खुले हुए हैं, जो बारिश में ओवरफ्लो हो जाते हैं। इससे आसपास से गुजरने वालों के नाले में गिरने का खतरा बना रहता है। बागसेवनियां से कटारा हिल्स के रास्ते में घरों के सामने खुला नाला बह रहा है। जहां एक हजार से ज्यादा घर में कई परिवार रहते हैं। लोगों का कहना है कि अक्सर नाला पार करने के दौरान बच्चे उसमें गिर जाते हैं। नगर निगम में शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं की गई है। तीन महीने से टूटी है सड़कें कई कॉलोनियों में सड़क निर्माण का काम अधूरा है, जिससे हादसे हो रहे हैं। तीन महीने से इन सड़कों को खोद कर छोड़ दिया गया है।
