मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में शुक्रवार को एक महिला का जला हुआ शव उसके कमरे में मिला। शरीर के अधिकांश कपड़े जल चुके थे, जबकि कुछ जले कपड़े शरीर से चिपके हुए थे। शव के पास डीजल की प्लास्टिक की केन भी मिली। मामला अटेपुर गांव का है। भोजपुर पुलिस के मुताबिक, मृतक की पहचान 22 वर्षीय नानूबाई के रूप में हुई है। मायके पक्ष ने आरोप लगाया कि पति और ससुराल वालों ने हत्या कर शव जला दिया। घटना से एक दिन पहले पति ने जली हुई रोटी की फोटो व्हाट्सएप पर भेजकर नानूबाई को अपमानित किया था। पहले ये तस्वीरें देखिए… तीन साल पहले हुई थी शादी उदियापुरा निवासी नानूबाई की शादी करीब तीन साल पहले अटेपुर निवासी जगदीश तंवर से हुई थी। करीब चार महीने पहले ही उसका ससुराल आना-जाना शुरू हुआ था। शुरुआती समय से ही दोनों के बीच विवाद की बातें सामने आती रही थीं। मायके पक्ष का आरोप है कि जगदीश का गांव की एक युवती से पहले प्रेम संबंध था। 2025 में वह उसे भगा ले गया था। बाद में समझौता हुआ और युवती की कहीं अन्यत्र शादी हो गई। परिजन का कहना है कि इसी वजह से नानूबाई का वैवाहिक जीवन भी प्रभावित रहा। करीब चार महीने पहले ही आना-दोना देकर उसका ससुराल आना-जाना शुरू कराया गया था। पति का दावा- पत्नी ने खुद पर डीजल डालकर आग लगा ली पति जगदीश तंवर ने पुलिस को बताया कि सुबह नानूबाई ने चाय बनाकर परिवार को पिलाई। इसके बाद उसके पिता मानसिंह और बड़ा भाई रामबाबू सेमली के हाट बाजार चले गए। घर में उसकी मां, भाभी और बहन थीं, जबकि वह शौच के लिए बाहर गया था। पति के अनुसार, इसी दौरान नानूबाई ने कमरे में रखी डीजल की केन से खुद पर डीजल डालकर आग लगा ली। सुबह करीब साढ़े सात से आठ बजे के बीच चचेरे भाई दिनेश ने घर में आग लगने की सूचना दी। वह दौड़कर पहुंचा और पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। मां का आरोप- बेटी की हत्या कर शव को जलाया गया मृतक की मां रोड़ी बाई ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी की हत्या की गई है। उन्होंने कहा कि जब घर में कई लोग मौजूद थे तो वह अकेले आग कैसे लगा सकती थी। पहले उसकी हत्या की गई, फिर शव जलाकर आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई। रोड़ी बाई ने बताया कि दामाद अक्सर बेटी के साथ मारपीट करता था। कुछ दिन पहले पानी भरने की बात पर भी उसने नानूबाई को पीटा था। एक दिन पहले नानूबाई के हाथ से एक रोटी जल गई थी। इसी बात पर जगदीश ने जली हुई रोटी की फोटो व्हाट्सएप पर भेजी। फोन कर कहा, “क्या हम जानवर हैं जो ऐसी जली हुई रोटी खाएंगे।” इसके बाद उसने बेटी से झगड़ा किया और उनके बेटे से कहा कि अपनी बहन को यहां से ले जाओ। पिता बोले- दामाद ने कहा था, बेटी को ले जाओ मृतक के पिता भागचंद ने बताया कि गुरुवार को दामाद से फोन पर बात हुई थी। उन्होंने कहा था कि अगर बेटी को रखने में दिक्कत है तो उसे मायके छोड़ जाए, लेकिन उसने गुस्से में फोन काट दिया। शुक्रवार सुबह बकरियां चराने के दौरान उन्हें फोन आया कि बेटी को करंट लग गया है और तुरंत आ जाओ। ससुराल पहुंचने पर बेटी का शव जला हुआ मिला। उनका आरोप है कि बेटी पर तेल डालकर आग लगाई गई। कमरे में एक बड़ा जूता और मल भी पड़ा मिला, जिससे उन्हें मारपीट की आशंका है। पुलिस बोली- हर पहलू की निष्पक्ष जांच होगी भोजपुर थाना प्रभारी अजय यादव ने बताया कि सूचना मिलते ही एसडीओपी धर्मवीर नागर और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए खिलचीपुर अस्पताल भेजा गया। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। उन्होंने बताया कि शव के पास डीजल की प्लास्टिक की केन भी मिली है। एफएसएल जांच, घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, मायके और ससुराल पक्ष के बयानों समेत सभी पहलुओं के आधार पर जांच की जा रही है। मर्ग कायम कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। …………………………………… यह खबर भी पढ़ें फंदे पर झूली दुल्हन की 100 दिन बाद मौत मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शादी के तीसरे दिन एक नवविवाहिता ने साड़ी का फंदा बनाकर फांसी लगा ली। ससुराल पक्ष ने उसे फंदे से उतारकर अस्पताल पहुंचाया। वह करीब 100 दिन तक जिंदगी और मौत से जूझती रही। 6 अगस्त को इलाज के दौरान मौत हो गई। मामला लक्ष्मणगढ़ गांव का है। पढ़ें पूरी खबर…
